Iran Israel War : ईरान का अमेरिका-इजरायल पर भीषण पलटवार, जामकरान मस्जिद पर फहराया इंतकाम का लाल झंडा, खाड़ी देशों में ईरानी मिसाइलों की भारी तबाही
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध तीसरे दिन और भी भीषण हो गया है। अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने दुबई, रियाद और कुवैत पर मिसाइलें दागकर खाड़ी देशों को दहला दिया है। महायुद्ध की पल-पल की रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
तेहरान/वॉशिंगटन, 2 मार्च 2026 – मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने वो कर दिखाया है जिसकी कल्पना भी खाड़ी देशों ने नहीं की थी। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उसने अपनी पवित्र जामकरान मस्जिद पर 'इंतकाम का लाल झंडा' फहराकर दुनिया को महायुद्ध का संकेत दे दिया है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स ने न केवल इजरायल, बल्कि अमेरिका के सहयोगी माने जाने वाले खाड़ी देशों—यूएई, सऊदी अरब और कतर की धरती को भी दहला दिया है।
दुबई और रियाद पर मिसाइल बारिश: नागरिक इलाकों में हाहाकार
ईरान ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं कि वह अब रुकने वाला नहीं है। पिछले 24 घंटों में हुए हमलों ने अरब जगत की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है:
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दुबई में तबाही: ईरानी मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन्स दुबई के रिहायशी इलाकों और मशहूर इमारतों पर गिरे हैं। यूएई में अब तक 3 लोगों की मौत और 58 के घायल होने की पुष्टि हुई है।
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एयरपोर्ट्स पर प्रहार: दुबई, कुवैत और मनामा (बहरीन) के एयरपोर्ट्स को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
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सऊदी अरब का बयान: रियाद और उसके पूर्वी इलाकों पर दर्जनों मिसाइलें दागी गईं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, लोग बाल-बाल बचे हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
क्या सऊदी प्रिंस और ट्रंप के बीच हुई थी 'सीक्रेट' डील?
इस युद्ध के पीछे की राजनीति अब गहरी होती जा रही है। वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर ईरान पर हमला करने के लिए उकसाया था।
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दोहरा खेल: एक तरफ खाड़ी देश शांति की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन पर आरोप लग रहे हैं कि वे अमेरिका का इस्तेमाल कर ईरान को खत्म करना चाहते हैं।
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ईरान की चेतावनी: ईरान ने साफ कहा है कि अगर खाड़ी देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी हमलों के लिए होने दिया, तो वह उनके पावर ग्रिड और वॉटर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देगा।
युद्ध का मौजूदा स्टेटस: एक नज़र में
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ईरानी एक्शन: इंतकाम का लाल झंडा फहराया, मिसाइल दागनी तेज की।
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प्रभावित देश: यूएई (3 मृत), कतर (16 घायल), कुवैत (32 घायल), ओमान और बहरीन।
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ग्लोबल अलर्ट: मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद, भारत के लखनऊ और श्रीनगर में प्रदर्शन।
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अगला कदम: पेनिनसुला शील्ड फोर्स (PSF) की तैनाती की संभावना।
भारत पर असर: श्रीनगर से लखनऊ तक प्रदर्शन
खामेनेई की मौत की खबर ने भारत के शिया समुदाय को भी आक्रोशित कर दिया है। लखनऊ, श्रीनगर और कश्मीर के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
प्रोफेसर मोनिका मार्क्स का विश्लेषण: "अकल्पनीय मंजर"
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मोनिका मार्क्स का कहना है कि दुबई या दोहा जैसे आधुनिक शहरों पर बमबारी देखना वैसा ही है जैसे अमेरिका के मियामी या सिएटल पर हमला होना। खाड़ी देश जानते हैं कि अगर उन्होंने ईरान पर जवाबी हमला किया, तो वे इजरायल के साथ खड़े दिखेंगे, जो उनकी घरेलू राजनीति के लिए आत्मघाती हो सकता है।
क्या यह विश्व युद्ध की शुरुआत है?
ईरान की मिसाइलें अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं। अगर खाड़ी देश जवाबी कार्रवाई करते हैं, तो मिडिल ईस्ट का पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर मलबे में बदल सकता है। फिलहाल, दुनिया की सांसें थमी हुई हैं और हर किसी की नजर व्हाइट हाउस और तेहरान के अगले कदम पर है।
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