Gold Price Hike : पीएम मोदी की अपील के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में 15% का भारी इजाफा, अब गहने खरीदना होगा सपना

प्रधानमंत्री मोदी की एक साल सोना न खरीदने की अपील के बाद सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार से लागू हुए इस फैसले से सोने की कीमतों में आने वाले भारी उछाल और आपके बजट पर पड़ने वाले असर की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

May 13, 2026 - 18:59
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Gold Price Hike : पीएम मोदी की अपील के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में 15% का भारी इजाफा, अब गहने खरीदना होगा सपना
Gold Price Hike : पीएम मोदी की अपील के बाद सरकार का बड़ा एक्शन, गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में 15% का भारी इजाफा, अब गहने खरीदना होगा सपना

नई दिल्ली, 13 मई 2026 – देश में सोने (Gold) को लेकर पिछले 24 घंटों में जो कुछ भी हुआ है, उसने ज्वेलरी बाजार से लेकर आम आदमी की रसोई तक हड़कंप मचा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की भावनात्मक अपील के ठीक बाद, केंद्र सरकार ने अपना सबसे बड़ा 'आर्थिक हथियार' चला दिया है। सरकार ने विदेशी सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी (Gold Import Duty) में सीधे ढाई गुना का इजाफा कर दिया है। बुधवार से लागू हुए इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि अब विदेशी सोना खरीदना न सिर्फ महंगा होगा, बल्कि जेब पर भी भारी पड़ेगा।

फैसले की दास्तां: 6% से सीधे 15% तक का सफर

सरकार ने बजट की पुरानी राहत को दरकिनार करते हुए सोने पर लगने वाले टैक्स के गणित को पूरी तरह बदल दिया है।

  • ड्यूटी में उछाल: बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 10 फीसदी कर दिया गया है।

  • AIDC का भार: एग्रीकल्चर इंफ्रा एंड डेवलपमेंट सेश (AIDC) को भी 1 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

  • कुल बोझ: इन दोनों को मिलाकर अब विदेश से सोना मंगाने पर कुल 15 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी देनी होगी।

  • अचानक फैसला: याद दिला दें कि साल 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 15% से घटाकर 6% किया था, जिससे सोना सस्ता हुआ था। अब सरकार ठीक दो साल पुराने उसी उच्च स्तर पर वापस लौट आई है।

पीएम मोदी की अपील: "विदेशी मुद्रा बचाएं, देश बचाएं"

इस फैसले की पटकथा रविवार को ही लिखी जा चुकी थी, जब पीएम मोदी ने देश से अपील की थी कि चाहे शादी हो या कोई बड़ा इवेंट, एक साल तक सोना खरीदने से बचें।

  1. फॉरेक्स रिजर्व की चिंता: प्रधानमंत्री का तर्क है कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से खरीदता है, जिसके लिए हमें अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) चुकानी पड़ती है।

  2. ट्रेड डेफिसिट: सोने का अत्यधिक आयात देश के व्यापार घाटे (Trade Deficit) को बढ़ाता है, जिससे भारतीय रुपया कमजोर होता है।

  3. मनोवैज्ञानिक दबाव: पीएम की अपील और फिर तत्काल ड्यूटी में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि सरकार अब सोने के प्रति भारतीयों के जुनून को कम कर निवेश को अन्य उत्पादक क्षेत्रों की ओर मोड़ना चाहती है।

नफा-नुकसान: ग्राहकों और कारोबारियों को दोहरा झटका

सरकार के इस फैसले से जहाँ देश की विदेशी मुद्रा बचेगी, वहीं इसके कई नकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं।

  • शादी का सीजन: भारत में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में ड्यूटी बढ़ने से सोने की कीमतों में तत्काल उछाल आएगा। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अब बजट संभालना मुश्किल हो जाएगा।

  • सर्राफा बाजार की सुस्ती: ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि कीमतें बढ़ने से डिमांड गिरेगी। इसका असर सीधे तौर पर कारीगरों और शोरूम मालिकों की कमाई पर पड़ेगा।

  • तस्करी का डर: अर्थशास्त्रियों का एक वर्ग यह भी चेतावनी दे रहा है कि ड्यूटी में इतनी भारी बढ़ोतरी से सोने की तस्करी (Smuggling) बढ़ने का खतरा फिर से पैदा हो सकता है।

सरकार का यह 'गोल्डन स्ट्राइक' देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की एक बड़ी कोशिश है। प्रधानमंत्री की अपील और 15% ड्यूटी का यह कॉम्बो सोने के आयात पर लगाम लगाने के लिए काफी है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पारंपरिक रूप से सोने के प्रति आसक्त भारतीय समाज पीएम की इस बात को मानकर अपनी खरीदारी टालता है या फिर बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद अपनी परंपराओं को निभाना जारी रखता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।