Hazaribagh Infanticide: लापता मासूम बच्ची का मिला शव, पुलिस ने कातिल को दबोचकर किया झकझोर देने वाला खुलासा!
हजारीबाग में घर के बाहर से लापता हुई मासूम बच्ची की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस द्वारा आरोपी को दबोचे जाने की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
हजारीबाग, 3 जून 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले के एक ग्रामीण आंचल से इस वक्त की एक बेहद ही रूह कंपा देने वाली और घिनौनी वारदात सामने आ रही है, जिसने पूरे प्रमंडल की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ पिछले दिनों घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हुई एक मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। बच्ची का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस ने विधिक त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अंधे कत्लकांड का पर्दाफाश कर दिया है और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस कलेजा चीर देने वाली घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में भारी सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
वारदात की लाइव इनसाइड स्टोरी: खेलते-खेलते अचानक ओझल हुई मासूम, झाड़ियों से मिला शव
हजारीबाग जिला पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस खूनी वारदात को बहुत ही शातिराना और घिनौने ढर्रे से अंजाम दिया गया:
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आंगन से हुई लापता: मासूम बच्ची रोज की तरह अपने घर के आस-पास ही खेल रही थी। इसी बीच दोपहर के सन्नाटे में वह अचानक गायब हो गई। जब काफी देर तक वह नजर नहीं आई, तो मां ने खोजबीन शुरू की।
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सर्च ऑपरेशन रहा नाकाम: परिजनों ने रोते-बिलखते हुए अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ मिलकर पूरे गांव, कुओं और खेतों में बच्ची को तलाशा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय थाने में विधिक शिकायत दर्ज कराई गई।
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शव मिलते ही भड़का आक्रोश: तलाशी अभियान के दौरान जब मासूम का बेजान शव बरामद हुआ, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। घटनास्थल पर भारी हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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तकनीकी सुराग से दबोचा गया कातिल: पटल पर साक्ष्य कम थे, लेकिन हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, फॉरेंसिक जांच और स्थानीय मुखबिरों से मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्ध को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
केस को मजबूत बनाने में जुटी पुलिस, अभिभावकों के लिए विजुअल अलर्ट जारी
हजारीबाग पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ सुसंगत और कड़क विधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अदालत में स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर दोषी को फांसी की सजा दिलाने के लिए केस डायरी को मजबूत कर रही है। इस बीच, जिला पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चौबीसों घंटे सतर्क रहने की अपील की है।
2026 के इस दौर में, जहाँ सामाजिक ताना-बाना तेजी से बदल रहा है, वहाँ मासूमों के साथ ऐसी दरिंदगी समाज पर एक बड़ा कलंक है। इस खूनी ढर्रे को हमेशा के लिए रोकने के लिए केवल पुलिसिया दबिश काफी नहीं है। ग्रामीण अंचलों में 'कम्युनिटी पुलिसिंग' (Community Policing) को पुनर्जीवित करना होगा और गांवों के युवाओं को सुरक्षा विंग से जोड़ना होगा। जब तक सुदूर टोलों में अनजान और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर ग्रामीण खुद विजुअल नजर नहीं रखेंगे, तब तक मासूमों का आशियाना इसी तरह उजड़ता रहेगा।
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