Ranchi Heist: कब्रिस्तान के पास टोटो यात्रियों को बंधक बनाकर लूटा, पुलिस ने खदेड़कर दबोचा शातिर दिलकश गद्दी, लोडेड कट्टा और चाकू बरामद
रांची के सदर थाना क्षेत्र में कांटा टोली से कोकर मार्ग पर कब्रिस्तान के पास हथियारबंद अपराधियों ने टोटो सवारों से लूटपाट की है। एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम ने नामकुम के शातिर अपराधी दिलकश गद्दी को लोडेड कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 25 मई 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के सदर थाना क्षेत्र में बीती देर रात अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एक बड़ी लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कांटा टोली से कोकर चौक के बीच स्थित सुनसान कब्रिस्तान के पास चार अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने खादगढ़ा बस स्टैंड से आ रहे टोटो (ई-रिक्शा) को जबरन रोक लिया। अपराधियों ने कट्टा और धारदार चाकू का भय दिखाकर टोटो पर सवार यात्रियों और वहां से गुजर रहे राहगीरों को बंधक बना लिया और उनसे मोबाइल फोन व नकदी लूट ली। हालांकि, वारदात के तुरंत बाद रांची पुलिस ने अभूतपूर्व मुस्तैदी दिखाई। पीड़ितों की सूचना पर सदर थाने में तत्काल केस दर्ज किया गया और रांची एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टास्क फोर्स ने महज कुछ ही घंटों के भीतर त्वरित छापेमारी कर इस गैंग के एक खूंखार और शातिर सरगना को लोडेड हथियार के साथ दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय दिलकश गद्दी के रूप में हुई है, जो रांची के कई थानों का घोषित हिस्ट्रीशीटर है।
वारदात की इनसाइड स्टोरी: 24 मई की वो खौफनाक रात, कट्टे की नोक पर नाकेबंदी और पुलिस का मिडनाइट एनकाउंटर एक्शन
रांची सिटी एसपी पारस राणा और सदर पुलिस से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, अपराधियों ने रात के सन्नाटे और कब्रिस्तान के पास की कम रोशनी का फायदा उठाकर इस वारदात को डिजाइन किया था।
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खादगढ़ा स्टैंड से आ रहे थे यात्री: बीती 24 मई की देर रात कांटा टोली खादगढ़ा बस स्टैंड से पैसेंजर्स को लेकर एक टोटो कोकर की ओर जा रहा था। जैसे ही टोटो कब्रिस्तान के मोड़ के पास पहुंचा, घात लगाए चार अपराधियों ने उसे घेर लिया।
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चाकू और देसी कट्टे से आतंक: अपराधियों ने यात्रियों की कनपटी पर कट्टा सटा दिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने टोटो सवारों और सड़क से गुजर रहे कुछ अन्य राहगीरों को पॉकेट खाली करने पर मजबूर कर दिया।
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एसएसपी के निर्देश पर जाल: घटना के तुरंत बाद सिटी एसपी पारस राणा और सदर डीएसपी संजीव बेसरा के नेतृत्व में एक स्पेशल क्रैक टीम बनाई गई। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नामकुम में घेराबंदी की और दिलकश गद्दी को दबोच लिया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे।
बरामदगी और क्रिमिनल प्रोफाइल: लोडेड कट्टा, चाकू और 4 मोबाइल जब्त; डोरंडा से डेली मार्केट तक फैला है नेटवर्क
सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार दिलकश गद्दी के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए घातक हथियारों के साथ-साथ लूटा गया शत-प्रतिशत माल भी रिकवर कर लिया है।
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हथियारों का जखीरा: आरोपी के पास से एक चालू हालत का लोडेड देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक बेहद धारदार चाकू बरामद हुआ है।
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लूटे गए स्मार्टफोन: पुलिस ने इसके पास से कुल 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें दो वीवो (Vivo) कंपनी के महंगे स्मार्टफोन, एक नोकिया का कीपैड फोन और एक अन्य मोबाइल शामिल है।
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पुराना क्रिमिनल बैकग्राउंड: सिटी एसपी ने बताया कि दिलकश गद्दी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2019 में उसने डोरंडा थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट को अंजाम दिया था। इसके अलावा लोअर बाजार थाने में चोरी और डेली मार्केट थाने में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
हाईवे पैट्रोलिंग का सुदृढ़ीकरण, स्ट्रीट लाइट्स का आधुनिकीकरण और टोटो चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन समय की मांग
रांची के सिटी एसपी और सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिलकश गद्दी को हथियार समेत गिरफ्तार करके राजधानी की कानून व्यवस्था को एक बड़ी साख दिलाई है। लेकिन खादगढ़ा जैसे व्यस्त बस स्टैंड के मुख्य मार्ग पर इस तरह की डकैती होना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। केवल एक अपराधी को जेल भेजना काफी नहीं है। रांची नगर निगम (RMC) और बिजली विभाग को तुरंत कांटा टोली-कोकर कब्रिस्तान मार्ग पर हाई-मास्ट लाइटें और सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने चाहिए ताकि कोई भी कोना अंधेरे में न रहे। इसके साथ ही, रांची ट्रैफिक पुलिस को रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच इस पूरे रूट पर 'पींड़आर' (PCR) और 'क्विक रिएक्शन टीम' (QRT) की परमानेंट बाइक पैट्रोलिंग तैनात करनी होगी, ताकि बाहर से आने वाले सीधे-साधे यात्रियों और टोटो चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और कोल्हान व कोकर का यह ऐतिहासिक मार्ग अपराधियों के आतंक से पूरी तरह मुक्त हो सके।
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