Sakchi Suspensions : अवैध वसूली पर एसएसपी का महा-एक्शन, साकची और जुगसलाई के दो ट्रैफिक एएसआई सस्पेंड, दुकानदार के क्यूआर कोड में मंगाया था घूस का पैसा
जमशेदपुर में ट्रैफिक जांच के नाम पर अवैध वसूली करने वाले साकची के एएसआई शिवशंकर पासवान और जुगसलाई के एएसआई जय कुमार दास को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ट्रैफिक डीएसपी की जांच और ऑन-फील्ड कार्रवाई की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 25 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में ट्रैफिक जांच के नाम पर आम जनता और वाहन चालकों से कथित रूप से अवैध वसूली और प्रताड़ना करने वाले खाकीधारियों के खिलाफ पुलिस महकमे ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में संलिप्त पाए गए दो सहायक अवर निरीक्षकों (ASI) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। ट्रैफिक डीएसपी (Traffic DSP) के नेतृत्व में कराई गई विभागीय जांच की ऑन-फील्ड रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों के खिलाफ लगे घूसखोरी और दुर्व्यवहार के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सच पाए गए, जिसके बाद एसएसपी कार्यालय ने यह कड़ा सस्पेंशन ऑर्डर जारी किया। इस कार्रवाई की जद में साकची ट्रैफिक थाना और जुगसलाई ट्रैफिक थाना के पुलिसकर्मी आए हैं। इस बड़े पुलिसिया एक्शन के बाद जमशेदपुर के उन भ्रष्ट कर्मियों में हड़कंप मच गया है जो सड़कों पर खाकी का खौफ दिखाकर अपनी जेबें गर्म करते थे।
केस नंबर 01: साकची गेट पर डिजिटल घूसखोरी, कैश नहीं था तो दुकानदार के QR कोड पर करवा लिया ट्रांसफर
साकची ट्रैफिक पुलिस और शिकायतकर्ता के इनपुट्स के अनुसार, पहला मामला बेहद शातिराना और डिजिटल करप्शन (Digital Corruption) से जुड़ा हुआ है।
-
साकची थाना गेट के पास नाकेबंदी: बीते 8 मई को साकची थाना के मुख्य गेट के समीप एएसआई शिवशंकर पासवान के नेतृत्व में वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक चार पहिया वाहन चालक को रोका गया।
-
प्रदूषण सर्टिफिकेट का बहाना: एएसआई ने गाड़ी के प्रदूषण प्रमाणपत्र (Pollution Certificate) में कमी बताते हुए भारी-भरकम जुर्माने का डर दिखाया और मामले को रफा-दफा करने के लिए रुपयों की मांग की।
-
दुकानदार का खाता इस्तेमाल: जब पीड़ित चालक ने कहा कि उसके पास जेब में कैश (नकद राशि) नहीं है, तो एएसआई शिवशंकर पासवान ने एक अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने पास के ही एक स्थानीय दुकानदार का ऑनलाइन यूपीआई (UPI) क्यूआर कोड मंगवाया और घूस की रकम डिजिटल रूप से ट्रांसफर करवा ली। जांच में ट्रांजैक्शन हिस्ट्री मिलते ही एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया।
केस नंबर 02: स्टेशन के पास शिक्षक से 10 हजार की मांग, पोटका विधायक खुद पहुंचे चाईबासा बस स्टैंड
दूसरा मामला टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप चाईबासा बस स्टैंड का है, जहां जुगसलाई ट्रैफिक थाना के एएसआई जय कुमार दास की मनमानी भारी पड़ी।
-
जनगणना कार्य में तैनात शिक्षक को रोका: पीड़ित व्यक्ति एक सरकारी शिक्षक हैं जो वर्तमान में अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य 'जनगणना' (Census Duty) से जुड़े हुए हैं। उनके पास मोटरसाइकिल के सभी वैध और असली दस्तावेज (आरसी, इंश्योरेंस, लाइसेंस) मौजूद थे, फिर भी एएसआई जय कुमार दास ने उन्हें घंटों रोककर रखा और वीआईपी फाइन के नाम पर 10 हजार रुपये की मोटी लेवी मांगी।
-
विधायक की बात ठुकराने का अंजाम: परेशान शिक्षक ने जब अपने फोन से स्थानीय पोटका विधायक को लाइन पर लेकर एएसआई से बात करने का अनुरोध किया, तो ऑन-ड्यूटी एएसआई ने अहंकार में आकर विधायक से बात करने से साफ इनकार कर दिया। मामला बिगड़ता देख पोटका विधायक स्वयं चाईबासा बस स्टैंड पहुंचे, जिसके बाद ट्रैफिक डीएसपी ने जांच बैठाई और एएसआई जय कुमार दास को निलंबित कर दिया गया।
सड़कों पर बॉडी-वॉर्म कैमरे और डिजिटल चालानिंग का पूर्ण आधुनिकीकरण समय की मांग
जमशेदपुर एसएसपी और ट्रैफिक डीएसपी ने दोनों भ्रष्ट एएसआई को सस्पेंड करके जनता के बीच पुलिस की छवि को टूटने से बचा लिया है और एक सराहनीय कदम उठाया है। लेकिन केवल सस्पेंशन ही इस लाइलाज हो चुकी बीमारी का अंतिम इलाज नहीं है। जब तक ऑन-ड्यूटी चेकिंग के नियमों में पारदर्शिता नहीं आएगी, तब तक साकची और जुगसलाई जैसे व्यस्त चौराहों पर यह खेल चलता रहेगा। जिला पुलिस मुख्यालय को तुरंत निर्देश जारी करना चाहिए कि शहर में कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना 'बॉडी-वॉर्म कैमरा' (Body-Worn Camera) के वाहन जांच नहीं करेगा, और जांच की पूरी लाइव वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग सीधे कंट्रोल रूम में सेव होगी। इसके साथ ही, ऑन-द-स्पॉट कैश या किसी तीसरे के क्यूआर कोड पर पैसे लेने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर केवल आधिकारिक 'पीओएस (POS) मशीन' से डिजिटल चालान अनिवार्य करना होगा, ताकि कोई भी खाकीधारी जमशेदपुर की सम्मानित जनता और राष्ट्र निर्माण में जुटे शिक्षकों को सरेआम प्रताड़ित न कर सके।
What's Your Reaction?


