Chatra Raid: सिमरिया में अफीम सिंडिकेट का भंडाफोड़, जीवलाल गंझू और फैजान मलिक गिरफ्तार, बाइक की डिक्की और घर से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त
चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने बजराही गांव के पास छापेमारी कर जीवलाल गंझू और मो. फैजान मलिक को 7 किलो से अधिक अफीम और 78 किलो डोडा के साथ गिरफ्तार किया है। फरार हैदर खान और दिलावर खान की तलाश में जुटी पुलिस की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
चतरा, 25 मई 2026 – झारखंड के चतरा जिले को नशामुक्त बनाने के अभियान में सिमरिया थाना पुलिस और जिला खुफिया विंग को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बजराही के पास चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के अफीम खरीद-बिक्री रैकेट का ऑन-फील्ड भंडाफोड़ किया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो कुख्यात तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान स्थानीय निवासी जीवलाल गंझू और मो. फैजान मलिक के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने तस्करों के पास से कुल 7.196 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली गीली अफीम (Opium), 78.4 किलोग्राम प्रतिबंधित डोडा (Doda - पोस्ते का छिलका), दो चालू स्मार्टफोन और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक टीवीएस एक्सएल 100 (TVS XL 100) मोपेड बाइक बरामद की है। हालांकि, इस पूरी घेराबंदी के दौरान दो अन्य शातिर आरोपी घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए चतरा-हजारीबाग सीमा पर सघन छापेमारी की जा रही है।
वारदात की दास्तां: बगरा-चतरा रोड पर आधी रात को घेराबंदी, पुलिस की गाड़ी देख मची भगदड़
सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कार्यालय से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक गुप्त और बेहद सटीक खुफिया सूचना (Intelligence Input) के आधार पर की गई।
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मैदान में सज रही थी नशीली मंडी: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बगरा-चतरा मुख्य मार्ग के किनारे बजराही गांव के पास एक सुनसान मैदान में कुछ अंतर-राज्यीय तस्कर अवैध अफीम की एक बड़ी खेप की खरीद-बिक्री के लिए जुटने वाले हैं।
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एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी क्रैक टीम: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक हाई-लेवल टीम बनाई गई, जिसमें स्थानीय अंचलाधिकारी (CO), सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह, एनडीपीएस (NDPS) विशेष थाने के सब-इंस्पेक्टर मो. समी अंसारी और सशस्त्र बल के जांबाज जवान शामिल थे।
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बाइक की डिक्की में छिपा था काला सोना: जैसे ही पुलिस की गाड़ियां बजराही मैदान के पास पहुंचीं, वहां खड़े तस्करों में हड़कंप मच गया और वे भागने लगे। जवानों ने पीछा करके जीवलाल और फैजान को दबोच लिया। जब मैदान में खड़ी मोपेड बाइक की डिक्की खोली गई, तो उसके भीतर दो प्लास्टिक के डिब्बों में भारी मात्रा में अफीम बरामद हुई। इसके बाद जब जीवलाल गंझू के घर पर रेड की गई, तो वहां से तीन बोरों में भरा 78.4 किलो डोडा और एक केन अफीम बरामद हुआ।
प्रशासनिक रुख: हैदर और दिलावर खान की पहचान, गैर-जमानती एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपने फरार साथियों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है।
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फरार अपराधियों की कुंडली: मौके से जंगल की ओर भागने वाले दोनों आरोपियों की पहचान ईचाक कला गांव निवासी हैदर खान उर्फ दीवान और दिलावर खान के रूप में हुई है। ये दोनों हजारीबाग और चतरा के बड़े रिसीवर माने जाते हैं।
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कड़ी कानूनी धाराओं में जेल: पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की अत्यंत सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।
सुदूर वनों में सैटेलाइट मैपिंग और ड्रग सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ तोड़ना समय की मांग
चतरा पुलिस और सिमरिया थाना प्रभारी ने जीवलाल गंझू और फैजान मलिक को भारी मात्रा में अफीम और डोडा के साथ गिरफ्तार करके कोल्हान और छोटानागपुर के युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले एक बड़े सिंडिकेट को तगड़ा झटका दिया है। लेकिन केवल कूरियरों को पकड़ना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जब तक ईचाक कला के हैदर खान और दिलावर खान जैसे मुख्य सरगना और उनके वित्तपोषकों (Financiers) पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक यह काला कारोबार थमेगा नहीं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और जिला प्रशासन को तुरंत चतरा के जंगलों में 'इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस' और 'सैटेलाइट मैपिंग' (Satellite Mapping) तकनीक का इस्तेमाल करना होगा ताकि पोस्ते की खेती को शुरुआती दौर में ही नष्ट किया जा सके। इसके साथ ही, पकड़े गए तस्करों की संपत्तियों को कुर्क कर उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़नी होगी, ताकि चतरा के इस गौरवशाली और ऐतिहासिक भूभाग को नशे के इस काले इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।
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