Barmamines Protest : टाटा स्टील UISL गेट पर जदयू का हल्ला बोल, गंदे पानी की सप्लाई पर फूटा बस्तीवासियों का गुस्सा!
जमशेदपुर के बर्मामाइंस में टाटा स्टील UISL द्वारा गंदे पानी की सप्लाई करने और नया कनेक्शन न देने पर जदयू नेताओं द्वारा कंपनी गेट पर उग्र आंदोलन की दी गई सीधी चेतावनी की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 1 जून 2026 – लौह नगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस औद्योगिक इलाके (Barmamines Industrial Area) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और जन-आक्रोश से जुड़ी खबर सामने आ रही है। बर्मामाइंस के विनोबा आश्रम, सिद्धू कानू बस्ती और विनोबा बस्ती जैसे सघन आबादी वाले इलाकों में टाटा स्टील यूएआईएसएल (पुराना नाम जुस्को) द्वारा अब तक पीने के पानी का नया कनेक्शन नहीं दिए जाने और नल से गंदा-दूषित पानी सप्लाई करने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोर्चा खोल दिया है। जदयू नेताओं ने कंपनी मैनेजमेंट को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर बस्तीवासियों को जल्द ही साफ पानी और नया कनेक्शन नहीं मिला, तो टाटा स्टील यूएआईएसएल (Tata Steel UISL Office) के मुख्य गेट पर एक विशाल और जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रशासन की होगी।
ग्राउंड जीरो की इनसाइड स्टोरी: सरयू राय की चिट्ठी को बीता एक साल, पर बस्तियों में हालात बदतर
बर्मामाइंस मंडल स्तर से मिली जानकारी और स्थानीय नागरिक मंच के इनपुट के मुताबिक, बस्तियों में पीने के पानी की स्थिति अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है:
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विधायक की अनुशंसा पर भी सुस्ती: जदयू के बर्मामाइंस मंडल अध्यक्ष बबलू कुमार सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले जमशेदपुर पूर्वी के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक सरयू राय (MLA Saryu Roy) ने टाटा स्टील यूएआईएसएल के एमडी (Managing Director) को बर्मामाइंस की इन बस्तियों में पानी का कनेक्शन देने के लिए बकायदा पत्र लिखा था। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कंपनी ने फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया।
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बीमारियों का बढ़ा खतरा: जुस्को द्वारा जो पानी वर्तमान में सप्लाई किया जा रहा है, वह इतना गंदा और बदबूदार है कि उसे पीना तो दूर, छूना भी मुश्किल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस दूषित पानी को पीने से बस्तियों में पेट दर्द, टाइफाइड और स्किन इन्फेक्शन जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
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नेताओं ने किया बस्तियों का दौरा: आज जदयू नेताओं की टीम ने प्रभावित बस्तियों का दौरा कर जनता से सीधा संवाद किया, जहाँ महिलाओं ने पानी के डिब्बे दिखाकर अपना गुस्सा जाहिर किया।
कंपनी गेट पर तालाबंदी की तैयारी, प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत
बर्मामाइंस में उपजा यह जल संकट अब पूरी तरह से एक बड़े आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। जदयू के जिला उपाध्यक्ष दुर्गा राव, मंडल महामंत्री गंगाधर पांडेय, दीपु तिवारी और सिद्धू कानू बस्ती के मुखिया अशोक पांडेय सहित सैकड़ों स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर साफ कह दिया है कि आश्वासन का समय अब खत्म हो चुका है। बस्तियों की जनता अब कंपनी के वादों से थक चुकी है और उन्हें ऑन-फील्ड काम चाहिए।
2026 के इस आधुनिक दौर में, जहाँ एक तरफ जमशेदपुर को देश के सबसे स्वच्छ और विकसित शहरों में गिना जाता है, वहीं कारखाने की नाक के नीचे बस्तियों के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन और जुस्को मैनेजमेंट को तुरंत इस मामले में दखल देना चाहिए। अगर समय रहते पाइपलाइन के विस्तार और वॉटर प्यूरिफिकेशन पर कड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो बर्मामाइंस का यह गुस्सा आने वाले दिनों में टाटा स्टील यूएआईएसएल के गेट पर एक बड़े लॉ एंड ऑर्डर संकट में बदल सकता है।
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