Godda Bust : प्रतापपुर हटिया में बरगद पेड़ के नीचे चल रही थी ड्रग्स डील, पुलिस ने तीन तस्करों को दबोचा!
गोड्डा के प्रतापपुर हटिया में बरगद पेड़ के नीचे ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करते सत्यजीत पासवान, गौरव और बालमुकुंद को पुलिस द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
गोड्डा, 2 जून 2026 – झारखंड के गोड्डा जिले में युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले ड्रग माफियाओं के खिलाफ जिला पुलिस ने एक और बड़ा और सफल क्रैकडाउन (Anti-Drug Crackdown) किया है। गोड्डा पुलिस की एक स्पेशल टास्क टीम ने प्रतापपुर हटिया के पास औचक छापेमारी करते हुए प्रतिबंधित नशीले पदार्थ 'ब्राउन शुगर' के साथ तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया है। गोड्डा के पुलिस अधीक्षक (SP) मुकेश कुमार को मिली एक पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर यह पूरा ऑपरेशन चलाया गया। गिरफ्तार तस्करों के पास से कुल 20 पुड़िया में पैक की गई 2.78 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद हुई है। डीएसपी मुख्यालय आकाश भारद्वाज ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
छापेमारी की इनसाइड स्टोरी: शिव मंदिर से हटिया रोड तक घेराबंदी, बरगद पेड़ के नीचे खुला राज
गोड्डा पुलिस मुख्यालय और अनुमंडल दफ्तर से मिली इनसाइड जानकारी के मुताबिक, इस सीक्रेट ऑपरेशन को बेहद चालाकी से अंजाम दिया गया:
-
बरगद पेड़ के नीचे चल रही थी डील: बीते 1 जून को दोपहर करीब 12 बजे एसपी मुकेश कुमार को सटीक इनपुट मिला कि खटनई और प्रतापपुर हटिया से आमड़ाकामत जाने वाली सड़क पर एक पुराने बरगद के पेड़ के नीचे कुछ संदिग्ध लड़के ब्राउन शुगर का सेवन करने और उसे ग्राहकों को बेचने के लिए जुटे हैं।
-
डीएसपी के नेतृत्व में बनी टीम: सूचना मिलते ही एसपी के कड़े आदेश पर डीएसपी आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसमें स्थानीय थानों के सशस्त्र बल शामिल थे।
-
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी: टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए खटनई शिव मंदिर और प्रतापपुर हटिया के आसपास के पूरे रास्ते को ब्लॉक कर दिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश कर रहे तीन संदिग्धों को जवानों ने दौड़ाकर पकड़ लिया।
-
यह तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे: पकड़े गए आरोपियों की पहचान खटनई निवासी 19 वर्षीय सत्यजीत पासवान, 22 वर्षीय गौरव कुमार और 40 वर्षीय बालमुकुंद साह के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर इनके पास से 20 पुड़िया ब्राउन शुगर के अलावा ड्रग्स पीने में इस्तेमाल होने वाली सिगरेट और माचिस की डिब्बी भी जब्त की गई है।
व्हाट्सऐप चैट और बैकवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस
डीएसपी आकाश भारद्वाज ने ड्रग पैडलर्स को साफ लहजे में चेतावनी दी है कि गोड्डा की धरती पर नशे के इस डार्क सिंडिकेट को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अब जेल भेजे गए तीनों आरोपियों सत्यजीत, गौरव और बालमुकुंद के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सऐप मैसेजेस को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस 2.78 ग्राम ब्राउन शुगर की मुख्य खेप गोड्डा में किस बड़े सप्लायर ने डिलीवर की थी।
2026 के इस दौर में, जहाँ पुलिस हाई-टेक सर्विलांस का इस्तेमाल कर रही है, वहीं तस्करों द्वारा ग्रामीण बाजारों (हटिया) को अपना हब बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती है। इस जहर को पूरी तरह खत्म करने के लिए केवल छोटी गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं, बल्कि पुलिस को इन बस्तियों के उन बड़े आकाओं पर शिकंजा कसना होगा जो पश्चिम बंगाल और बिहार के बॉर्डर रूट्स का इस्तेमाल कर गोड्डा के युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
What's Your Reaction?


