Sundarnagar Tragedy: सुंदरनगर सड़क हादसे के दोनों बाइक सवारों ने तोड़ा दम, रफ्तार ने ली दो हंसते-खेलते युवकों की जान

जमशेदपुर के सुंदरनगर रेलवे फाटक के पास हुए भीषण सड़क हादसे के दोनों घायलों, अरबाज और नरसिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई है। दो राज्यों तक फैली इस दुखद खबर और शहर की अधूरी 'स्पीड लिमिट' योजनाओं की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सड़कों पर दौड़ती इस 'साइलेंट डेथ' के खतरनाक सच से अनजान रह जाएंगे।

Jan 17, 2026 - 14:01
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Sundarnagar Tragedy: सुंदरनगर सड़क हादसे के दोनों बाइक सवारों ने तोड़ा दम, रफ्तार ने ली दो हंसते-खेलते युवकों की जान
Sundarnagar Tragedy: सुंदरनगर सड़क हादसे के दोनों बाइक सवारों ने तोड़ा दम, रफ्तार ने ली दो हंसते-खेलते युवकों की जान

जमशेदपुर, 17 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुंदरनगर थाना क्षेत्र के सुंदरनगर रेलवे फाटक के पास 11 दिसंबर को हुई दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में घायल दोनों बाइक सवारों ने आखिरकार मौत से जंग हार दी है। एक युवक ने रांची के रिम्स (RIMS) में दम तोड़ा, तो दूसरे की मौत ओडिशा के मयूरभंज में इलाज के दौरान हुई। यह हादसा सिर्फ दो जिंदगियों का अंत नहीं है, बल्कि यह जमशेदपुर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहनों और प्रशासनिक सुस्ती की एक कड़वी हकीकत है।

दो राज्यों में फैला मातम: अरबाज और नरसिंह का दर्दनाक अंत

हादसे के बाद दोनों युवक अलग-अलग अस्पतालों में अपनी सांसों के लिए संघर्ष कर रहे थे।

  • अरबाज की मौत: जुगसलाई के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी मोहम्मद अरबाज को पहले एमजीएम अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उसे गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। अरबाज की मां राबिया की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज किया है।

  • नरसिंह का निधन: दूसरे बाइक सवार की पहचान ओडिशा के मयूरभंज जिले के बड़ासिया गांव निवासी नरसिंह हेंब्रम के रूप में हुई है। टक्कर के बाद परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए ओडिशा ले गए थे, लेकिन मयूरभंज के अस्पताल में उसने भी दम तोड़ दिया।

आमने-सामने की भिड़ंत: प्रत्यक्षदर्शियों के रोंगटे खड़े हो गए

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, 11 दिसंबर को हुई यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए।

  1. तेज रफ्तार का जुनून: दोनों ही बाइकों की गति निर्धारित सीमा से कहीं ज्यादा थी। रेलवे फाटक के पास जैसे ही दोनों वाहन आमने-सामने आए, किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला।

  2. लापरवाही बनी काल: प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर हेलमेट और गति पर नियंत्रण होता, तो शायद आज ये दोनों युवक अपने परिवार के बीच होते।

  3. जांच में जुटी पुलिस: शनिवार को सुंदरनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर तकनीकी पहलुओं और सीसीटीवी फुटेज के जरिए दुर्घटना के सही कारणों की जांच तेज कर दी है।

सुंदरनगर सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
हादसे का स्थान सुंदरनगर रेलवे फाटक, जमशेदपुर
मृतक 1 मोहम्मद अरबाज (जुगसलाई, जमशेदपुर)
मृतक 2 नरसिंह हेंब्रम (मयूरभंज, ओडिशा)
हादसे की वजह दो तेज रफ्तार बाइकों की सीधी भिड़ंत
कानूनी स्थिति सुंदरनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी

इतिहास का पन्ना: 2011 की 'स्पीड लिमिट' योजना और कागजी फाइलें

जमशेदपुर में ट्रैफिक की समस्या आज की नहीं है। वर्ष 2011 में शहर की बढ़ती आबादी और गाड़ियों की संख्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एक क्रांतिकारी 'स्पीड लिमिट' योजना तैयार की थी। इतिहास गवाह है कि उस समय जिला प्रशासन के साथ मिलकर कई हाई-प्रोफाइल बैठकें की गईं, जिसमें मुख्य सड़कों पर वाहनों की अधिकतम गति तय करने और आधुनिक 'स्पीड गन' (Speed Guns) खरीदने का प्रस्ताव था। तत्कालीन अधिकारियों का मानना था कि इससे हादसों में 40% तक की कमी आएगी। लेकिन अफसोस, 15 साल बीत जाने के बाद भी वह योजना फाइलों की धूल चाट रही है। सुंदरनगर रेलवे फाटक जैसी जगहों पर आज भी न तो कोई स्पीड ब्रेकर है और न ही गति पर लगाम लगाने वाला कोई बोर्ड। प्रशासन की इसी सुस्ती ने आज अरबाज और नरसिंह जैसे युवाओं को 'सांख्यिकी' (Statistics) बना दिया है।

जमशेदपुर में बढ़ता 'डेथ जोन': प्रशासन कब जागेगा?

शहर के सुंदरनगर, परसुडीह और डिमना रोड जैसे इलाके अब 'ब्लैक स्पॉट्स' (Black Spots) में तब्दील हो रहे हैं।

  • बढ़ती दुर्घटनाएं: पिछले एक साल में सड़क हादसों के ग्राफ में चिंताजनक उछाल आया है।

  • कठोर कार्रवाई का अभाव: ट्रैफिक नियमों के नाम पर केवल हेलमेट चेकिंग तक सीमित रहने के कारण 'ओवरस्पीडिंग' करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

  • सुरक्षा की मांग: सुंदरनगर के निवासियों ने रेलवे फाटक के आसपास तत्काल बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई और परिवार उजाड़ने से बच सके।

सबक जो हमने नहीं सीखा

मोहम्मद अरबाज और नरसिंह हेंब्रम की मौत समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। जब तक 'स्पीड लिमिट' जैसी योजनाएं फाइलों से निकलकर सड़कों पर नहीं उतरेंगी, तब तक जमशेदपुर की गलियां और हाईवे इसी तरह मातम मनाते रहेंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।