Chandil Crash: चांडिल बाईपास पर ट्रेलर ने बाइक सवारों को रौंदा, दो दोस्तों की मौके पर मौत, एक गंभीर

सरायकेला के चांडिल न्यू बाईपास पर शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में ट्रेलर की चपेट में आने से दो सगे दोस्तों की जान चली गई है। नरगाडीह गांव के इन युवकों की मौत और हाईवे पर मौत बनकर दौड़ते भारी वाहनों की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी चांडिल बाईपास के इस जानलेवा 'डेथ जोन' की हकीकत से अनजान रह जाएंगे।

Jan 17, 2026 - 14:11
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Chandil Crash: चांडिल बाईपास पर ट्रेलर ने बाइक सवारों को रौंदा, दो दोस्तों की मौके पर मौत, एक गंभीर
Chandil Crash: चांडिल बाईपास पर ट्रेलर ने बाइक सवारों को रौंदा, दो दोस्तों की मौके पर मौत, एक गंभीर

सरायकेला-खरसावां, 17 जनवरी 2026 – झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। चांडिल थाना क्षेत्र के न्यू बाईपास रोड स्थित घोड़ानेगी पुलिया के पास शुक्रवार की देर रात एक अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दो युवकों के शरीर के परखच्चे उड़ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनका तीसरा साथी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर चांडिल बाईपास को 'खूनी हाईवे' के रूप में कुख्यात कर दिया है।

मौत का मंजर: घोड़ानेगी पुलिया के पास मची चीख-पुकार

रात का सन्नाटा उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया जब एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।

  • मृतकों की पहचान: मृतकों की पहचान नरगाडीह गांव निवासी धनंजय सरदार और सुमन सिंह सरदार के रूप में हुई है। ये दोनों ही युवा अपने परिवार के कमाऊ सदस्य थे।

  • गंभीर घायल: दुर्घटना में 18 वर्षीय ठाकुर सिंह सरदार (पिता मोहन सिंह सरदार) बुरी तरह घायल हुआ है। उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

  • पुलिस की कार्रवाई: चांडिल थाना प्रभारी दिलसन बिरुआ ने बताया कि ट्रेलर को पुलिस ने जब्त कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

तेज रफ्तार और लापरवाही: आखिर कब तक जाएगी जान?

चांडिल न्यू बाईपास रोड अब मौत का पर्याय बनता जा रहा है।

  1. ट्रेलर की रफ्तार: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर की गति इतनी अधिक थी कि बाइक को टक्कर मारने के बाद वह काफी दूर तक उसे घसीटता ले गया।

  2. अंधेरे का फायदा: रात के समय इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा संकेतों की कमी का फायदा भारी वाहन चालक उठाते हैं।

  3. स्थानीय आक्रोश: नरगाडीह गांव के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रहा है।

चांडिल सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
हादसे का स्थान घोड़ानेगी पुलिया, न्यू बाईपास रोड, चांडिल
मृतकों के नाम धनंजय सरदार और सुमन सिंह सरदार
घायल का नाम ठाकुर सिंह सरदार (18 वर्ष)
वाहन अज्ञात ट्रेलर बनाम बाइक
जांच अधिकारी दिलसन बिरुआ (थाना प्रभारी, चांडिल)

इतिहास का पन्ना: चांडिल बाईपास और भारी वाहनों का 'खूनी' रिकॉर्ड

सरायकेला जिले का चांडिल क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से टाटा-रांची और टाटा-पुरुलिया मार्ग का संगम स्थल रहा है। 1970 और 80 के दशक में जब चांडिल डैम का निर्माण शुरू हुआ, तब से इस क्षेत्र में भारी मशीनरी और वाहनों का दबाव बढ़ गया। इतिहास गवाह है कि पुराना चांडिल बाजार मार्ग संकरा होने के कारण न्यू बाईपास रोड का निर्माण किया गया था ताकि बड़े ट्रेलर और ट्रकों को शहर के बाहर से निकाला जा सके। लेकिन पिछले 10 वर्षों में यह बाईपास 'सुविधा' के बजाय 'दुविधा' बन गया है। साल 2015 और 2022 में भी इसी घोड़ानेगी पुलिया के पास बड़े हादसे हुए थे। प्रशासन ने कई बार 'स्पीड गवर्नर' और चेक पोस्ट बनाने का वादा किया, लेकिन 2026 तक आते-आते स्थितियां और भी बदतर हो गई हैं। आज की घटना उसी प्रशासनिक अनदेखी का परिणाम है।

ग्रामीणों की मांग: सुरक्षा नहीं तो चक्का जाम

नरगाडीह गांव में इस वक्त मातम पसरा हुआ है। एक साथ दो युवकों के जनाजे उठने की खबर से हर आंख नम है।

  • सुरक्षा के इंतजाम: स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बाईपास पर तत्काल स्पीड ब्रेकर और हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएं।

  • सख्ती की जरूरत: चांडिल थाना पुलिस ने आश्वासन दिया है कि रात के वक्त ओवरस्पीडिंग करने वाले ट्रेलर चालकों के खिलाफ अब 'इंटरसेप्टर वाहन' के जरिए कार्रवाई की जाएगी।

  • मुआवजे की गुहार: पीड़ित परिवारों ने सरकार से आर्थिक मुआवजे की अपील की है, क्योंकि धनंजय और सुमन अपने घर के भविष्य थे।

मौत की राह बना बाईपास

चांडिल न्यू बाईपास पर हुआ यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है, लेकिन यह याद दिलाता है कि जब तक सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होंगे, तब तक नरगाडीह जैसे गांवों के चिराग इसी तरह बुझते रहेंगे।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।