Ulidih Raid: स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी में चल रहा था नशे का खेल, 33 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ तामोलिया के दो तस्कर गिरफ्तार
जमशेदपुर के उलीडीह में स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी के पास ब्राउन शुगर बेचते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। 33 पुड़िया ड्रग्स और नशे के इस काले नेटवर्क की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
जमशेदपुर, 3 मार्च 2026 – लौहनगरी के मानगो स्थित उलीडीह इलाके में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी जैसे शांत रिहायशी इलाके को अपना 'सेफ हेवन' बना चुके दो ड्रग तस्करों को पुलिस ने सोमवार की सुबह रंगे हाथों दबोच लिया। इनके पास से ब्राउन शुगर की खेप बरामद हुई है, जो शहर के युवाओं की रगों में जहर घोलने के लिए लाई गई थी। पुलिस की इस मुस्तैदी ने कॉलोनी के बाशिंदों के बीच फैले डर को कुछ कम किया है, लेकिन नशे के इस बढ़ते कारोबार ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह 10:30 बजे की छापेमारी: रिहायशी इलाके में 'सफेद जहर'
उलीडीह थाना पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी के एक सुनसान कोने में नशीले पदार्थों का अवैध लेन-देन होने वाला है।
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घेराबंदी और एक्शन: सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही दो युवक संदिग्ध अवस्था में वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
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तलाशी में मिला माल: जब युवकों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से ब्राउन शुगर की 33 पुड़िया (पुड़ियानुमा पैकेट) बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार बरामद ड्रग्स का कुल वजन 6.56 ग्राम है।
तामोलिया से मानगो तक फैला है नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों की पहचान के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों तस्कर स्थानीय नहीं हैं, बल्कि सरायकेला जिले के कपाली ओपी क्षेत्र से सटे तामोलिया के रहने वाले हैं:
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जम्भूबन महतो
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राहुल कुमार पंडित
ये दोनों तस्कर तामोलिया से ब्राउन शुगर लाकर जमशेदपुर के मानगो और उलीडीह के पॉश इलाकों में सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तामोलिया में इनका 'सप्लायर' कौन है और मानगो के किन युवाओं तक यह जहर पहुँच रहा था।
बरामदगी और गिरफ्तारी का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| स्थान | स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी, उलीडीह (मानगो) |
| जब्त नशीला पदार्थ | ब्राउन शुगर (33 पुड़िया) |
| कुल वजन | 6.56 ग्राम |
| गिरफ्तार आरोपी | जम्भूबन महतो और राहुल कुमार पंडित |
नशे की 'हॉटस्पॉट' बनती कॉलोनियां
उलीडीह पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब शहर के मुख्य चौराहों के बजाय सरकारी और निजी प्रोजेक्ट कॉलोनियों को अपना ठिकाना बना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी लड़कों का इन कॉलोनियों में आना-जाना बढ़ गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सिटी एसपी के निर्देश पर पुलिस अब उन 'सफेदपोश' लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है जो इन तस्करों को संरक्षण देते हैं।
पुलिस की अगली रणनीति: सप्लायर की तलाश
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। पकड़े गए जम्भूबन और राहुल से मिली जानकारी के आधार पर कपाली और तामोलिया के कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इनका तार ओडिशा या पश्चिम बंगाल के बड़े सिंडिकेट से जुड़ा है।
जागरूक नागरिकों की जीत
स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट कॉलोनी में हुई यह कार्रवाई पुलिस और आम जनता के बीच बढ़ते तालमेल का नतीजा है। यदि समय रहते गुप्त सूचना न मिलती, तो 33 पुड़िया ब्राउन शुगर शहर के दर्जनों परिवारों को उजाड़ने के लिए काफी थी। उलीडीह पुलिस की इस सतर्कता ने नशे के एक सक्रिय मॉड्यूल को फिलहाल ध्वस्त कर दिया है।
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