Nepal Accident: त्रिशूली नदी में समाई तेज रफ्तार बस, 18 यात्रियों की दर्दनाक मौत और मची चीख-पुकार, नेपाल के पृथ्वी हाईवे पर हुआ खौफनाक हादसा
नेपाल के धादिंग जिले में पोखरा-काठमांडू बस त्रिशूली नदी में गिर गई है। 18 शवों की बरामदगी और उफनती नदी के बीच जारी रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप पड़ोसी देश की इस सबसे बड़ी त्रासदी का अपडेट मिस कर देंगे।
काठमांडू/धादिंग, 23 फरवरी 2026 – पड़ोसी देश नेपाल के धादिंग जिले से सोमवार तड़के एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही एक खचाखच भरी यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी के गहरे और बर्फीले पानी में समा गई। रात के सन्नाटे में हुई इस टक्कर और चीख-पुकार ने पूरे इलाके को दहला दिया है। अब तक इस हादसे में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक यात्री जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। उफनती नदी और रात का अंधेरा बचाव कार्य में काल बनकर खड़ा रहा, जिससे मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
रात 1:15 बजे का वो 'ब्लैक टाइम': कैसे हुआ हादसा?
हादसा बेनीघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 में स्थित चिनाधारा (चारौंदी) के पास हुआ।
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नंबर और मार्ग: बस संख्या GA 1 KHA 1421 पृथ्वी हाईवे पर तेज रफ्तार में थी।
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सीधे नदी में गिरी: भैंसीगौड़ा इलाके के पास चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सीधे हाईवे से फिसलकर उफनती त्रिशूली नदी में जा गिरी।
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अंधेरा और बहाव: रात का समय होने के कारण यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नदी का बहाव इतना तेज था कि कई यात्री बस के साथ ही बह गए।
महा रेस्क्यू: सेना और पुलिस ने संभाली कमान
हादसे की जानकारी मिलते ही नेपाल की सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
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संयुक्त अभियान: नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और नेपाल पुलिस के जवानों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू शुरू किया।
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चुनौतीपूर्ण कार्य: APF के प्रवक्ता बिष्णु प्रसाद भट्टा ने बताया कि पानी का बहाव और रात का समय सबसे बड़ी बाधा बना।
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घायलों की स्थिति: हाईवे रेस्क्यू मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार थाकुरी के अनुसार, 25 घायलों को मलबे और पानी से निकालकर अस्पताल भेजा गया है।
नेपाल बस हादसा: मुख्य विवरण (Accident Overview)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| हादसे का समय | सोमवार तड़के, करीब 01:15 बजे |
| स्थान | चिनाधारा, पृथ्वी हाईवे (धादिंग जिला) |
| नदी का नाम | त्रिशूली नदी (Trishuli River) |
| मृतकों की संख्या | 18 (पुष्टि हो चुकी है) |
| बचाव दल | नेपाली सेना और स्थानीय पुलिस |
खतरनाक पहाड़ी रास्ते और पुरानी बसें
नेपाल में पहाड़ी सड़कों पर सफर करना किसी जुए से कम नहीं है।
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दुर्गम भूगोल: पृथ्वी हाईवे के कई हिस्से इतने संकरे हैं कि जरा सी चूक सीधे नदी में ले जाती है।
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जांच जारी: धादिंग के जिला ट्रैफिक पुलिस प्रमुख शिशिर थापा ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता शवों की पहचान और घायलों के इलाज की है। हादसे के सटीक कारण (तकनीकी खराबी या चालक की गलती) का पता गहन जांच के बाद ही चलेगा।
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पहचान का संकट: कई शव नदी की गहराई में बह जाने की आशंका है, जिसके लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
त्रिशूली नदी में समाई यह बस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि 35 से अधिक परिवारों की उम्मीदें थीं। नेपाल सरकार को अब अपनी सड़कों और पुरानी पड़ती बसों की फिटनेस पर कड़ा रुख अख्तियार करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोका जा सके।
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