Golmuri Devotion: गोलमुरी में गूंजा 'नंद के आनंद भयो', कृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे श्रद्धालु, आचार्य सुरेश ने बताया दुष्टों के संहार का रहस्य
गोलमुरी के मनिंदर टावर में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साक्षात देवलोक जैसा अनुभव कराने वाली इस कथा और आचार्य सुरेश शास्त्री द्वारा बताए गए जीवन के गूढ़ रहस्यों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप गोलमुरी की यह दिव्य आध्यात्मिक लहर मिस कर देंगे।
जमशेदपुर/गोलमुरी, 23 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का गोलमुरी इलाका इन दिनों भक्ति के रस में सराबोर है। मनिंदर टावर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन रविवार को श्रद्धा का ऐसा ज्वार उमड़ा कि पूरा पंडाल 'जय श्री कृष्णा' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। अवसर था भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव का। जैसे ही व्यासपीठ से भगवान के जन्म का प्रसंग सुनाया गया, फूलों की वर्षा होने लगी और श्रद्धालु 'नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की' के भजनों पर भाव-विभोर होकर झूम उठे। इस आयोजन ने गोलमुरी में साक्षात गोकुल और वृंदावन का दिव्य नजारा पेश कर दिया है।
भक्तों के कष्ट हरने आते हैं नारायण: आचार्य सुरेश
वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री जी महाराज ने कथा के चौथे दिन कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
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दिव्य अवतार: आचार्य ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अवतार की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के 17वें अवतार श्री राम हमें मर्यादा सिखाते हैं।
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अधर्म का विनाश: व्यासपीठ से महाराज श्री ने स्पष्ट किया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म की सीमा लांघी जाती है और धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान भक्तों का कष्ट हरने और दुष्टों का संहार करने स्वयं अवतरित होते हैं।
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गीता का महत्व: उन्होंने बताया कि जिस घर में प्रतिदिन गीता का पाठ होता है या सुना जाता है, वहां साक्षात श्रीकृष्ण का वास होता है।
दिव्य माहौल: जब पंडाल बना गोकुल धाम
श्रीकृष्ण जन्म के समय मनिंदर टावर का माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया।
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झूम उठे श्रद्धालु: कान्हा के जन्म की खुशी में गोयल परिवार सहित सैकड़ों भक्तों ने नृत्य कर अपनी खुशी जाहिर की।
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डर का नाश: आचार्य ने कहा कि भागवत के 18,000 श्लोकों और 12 स्कंधों में राधा-कृष्ण का दिव्य स्वरूप समाया है। जो मनुष्य इसका चिंतन करता है, उसके जीवन से मृत्यु और काल का भय हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
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सार्वभौमिक संदेश: उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रीमद्भागवत किसी एक धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के कल्याण के लिए है।
भागवत कथा अपडेट: मुख्य विवरण (Event Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | मनिंदर टावर, गोलमुरी (जमशेदपुर) |
| कथा वाचक | आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री (वृंदावन) |
| मुख्य प्रसंग | श्री कृष्ण जन्मोत्सव, गजेंद्र मोक्ष, राम अवतार |
| आयोजक | चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) |
| अगला कार्यक्रम | बाल लीला, माखन चोरी, गोवर्धन लीला (सोमवार) |
गोयल परिवार की सेवा और भक्तों की भीड़
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) का विशेष योगदान है।
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प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में पार्वती देवी, रतन अग्रवाल, चम्पा अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल और माधव अग्रवाल ने मुख्य यजमान के रूप में भगवान की सेवा की।
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सोमवार का आकर्षण: 5वें दिन यानी सोमवार को भक्तों को भगवान की बाल लीलाओं का आनंद मिलेगा। इसमें माखन चोरी और गोवर्धन पूजा जैसे जीवंत प्रसंग सुनाए जाएंगे, जिसमें 'छप्पन भोग' का भी विशेष आकर्षण रहने वाला है।
शांति का मार्ग
आचार्य सुरेश शास्त्री ने अंत में संदेश दिया कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में भागवत कथा ही एकमात्र ऐसा साधन है जो मन को शांति और आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है।
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