Ranchi Raid: रांची में नशे के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, कब्रिस्तान के पास चल रहा था खेल, महिला के घर से मिले लाखों रुपए
रांची के हिन्दपीढ़ी में पुलिस ने कब्रिस्तान के पास छापेमारी कर नशे के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। भारी कैश और ब्राउन शुगर के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार हुए हैं, इस खूनी कारोबार की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
रांची/झारखंड, 12 मई 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार हिन्दपीढ़ी में पुलिस ने नशे के काले साम्राज्य पर अब तक की सबसे गहरी चोट की है। 'खेत मोहल्ला-बच्चा कब्रिस्तान' इलाके में चल रहे एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक महिला सहित 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि तस्करों के पास से न केवल नशीले पदार्थ मिले, बल्कि लाखों रुपयों का कैश बरामद हुआ है, जो इस धंधे की गहराई को बयां करता है।
वारदात की दास्तां: कब्रिस्तान के सन्नाटे में 'मौत' का सौदा
11 मई की शाम, जब पूरा शहर अपनी रफ्तार में था, रांची एसएसपी राकेश रंजन को एक पुख्ता सूचना मिली। सूचना थी कि बच्चा कब्रिस्तान के पास कुछ युवक एजेंटों के जरिए ब्राउन शुगर और गांजे की बड़ी डील करने वाले हैं।
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घेराबंदी और चेज: एएसपी कोतवाली निखिल राय के नेतृत्व में कई थानों की संयुक्त टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस की वर्दी देखते ही आरोपी गलियों में भागने लगे, लेकिन मुस्तैद जवानों ने 5 लोगों को मौके पर ही दबोच लिया।
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महिला का घर बना था 'वेयरहाउस': पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर जब शहनाज खातुन (55 वर्ष) के घर छापेमारी हुई, तो पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां नोटों की गड्डियां और नशीली दवाओं का अंबार लगा था।
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बड़ी बरामदगी: पुलिस ने शहनाज के घर से 8,74,200 रुपए नकद, 260 ग्राम गांजा, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन (TAZOWIN) व टैबलेट्स (Nitrosun-10) बरामद किए।
कौन हैं ये 'नशे के सौदागर'?
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से अलग-अलग मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई है:
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साहिल उर्फ चरका: इसके पास से 4.680 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई।
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मो. एजाज उर्फ बाबु: यह गांजे की सप्लाई का मुख्य हैंडलर बताया जा रहा है।
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सरवर अंसारी: इसके पास से भी ब्राउन शुगर की खेप मिली है।
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अन्य गिरफ्तार: अवधेश यादव और अनिल कुमार महतो भी इस नेटवर्क के सक्रिय सदस्य थे।
प्रशासनिक एक्शन: "जड़ तक जाएगी पुलिस"
रांची एसएसपी के निर्देश पर बनी इस स्पेशल टीम में हिन्दपीढ़ी, कोतवाली, डेली मार्केट, लोअर बाजार और महिला थाना के प्रभारियों की संयुक्त ताकत शामिल थी।
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नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब उन 'बड़े सप्लायरों' की तलाश कर रही है जो बंगाल या पड़ोसी राज्यों से ब्राउन शुगर की खेप रांची तक पहुँचा रहे हैं।
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एजेंटों का जाल: जांच में पता चला है कि यह गिरोह छोटे-छोटे लड़कों को एजेंट बनाकर स्कूल-कॉलेज के आसपास नशा बेचता था।
शहनाज खातुन और उसके गिरोह की गिरफ्तारी रांची पुलिस के लिए एक बड़ी जीत है, लेकिन 8.74 लाख का कैश मिलना इस बात का सबूत है कि जहर की यह जड़ें बहुत गहरी हैं। क्या यह केवल एक मोहल्ले का गिरोह है, या इसके तार किसी अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े हैं? हिन्दपीढ़ी के लोग अब पुलिस से उस 'मुख्य सरगना' के चेहरे को बेनकाब करने की मांग कर रहे हैं जो इन युवाओं के भविष्य से खेल रहा है। फिलहाल, सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं और रांची पुलिस अपनी अगली बड़ी स्ट्राइक की तैयारी में है।
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