Dhar Pickup Van Accident: काम खत्म कर लौट रहे थे मजदूर, 12 की मौत, 20 घायल, 1 SUV ने बढ़ाई त्रासदी
धार में पिकअप वैन पलटने से 12 मजदूरों की मौत, 20 घायल, मुख्यमंत्री ने 4 लाख मुआवजे की घोषणा की, इलाज होगा मुफ्त।
MP Shocker: मध्य प्रदेश के धार ज़िले में एक पिक-अप वैन पलट जाने से उसमें सवार 12 मज़दूरों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। मजदूर काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
कैसे हुआ हादसा: ड्राइवर ने खोया नियंत्रण, वैन पलटी
जानकारी के अनुसार, 35 मज़दूर एक पिकअप वैन में सवार होकर काम पूरा कर लौट रहे थे। तभी चिकलिया क्रॉसिंग के पास ड्राइवर ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया। गाड़ी पलट गई और विपरीत दिशा से आ रही एक एसयूवी से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि 12 मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बताया गया – मजदूर बैठे थे छत पर भी, ओवरलोडिंग ने बढ़ाई मुसीबत
आंखों देखे हालात बताते हैं कि पिकअप वैन में सवारी क्षमता से कहीं अधिक मजदूर सवार थे। कुछ मजदूर गाड़ी की छत पर भी बैठे थे। जब वैन पलटी, तो छत पर बैठे मजदूर दूर दूर तक बिखर गए। यही कारण है कि मरने वालों की संख्या इतनी अधिक है।
कलेक्टर ने दी जानकारी – 12 की मौत, गंभीर घायल इंदौर रेफर
ज़िले के प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर थी, जिन्हें शुरुआती इलाज के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है। तिरला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि सभी घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा।
संभागीय आयुक्त को निर्देश – देखरेख करें इलाज की
सीएम मोहन यादव ने इंदौर के संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को घायलों के इलाज की देखरेख करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घायल मजदूरों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले और किसी तरह की कोई लापरवाही न हो।
क्यों हो रहे लगातार हादसे?
चिकलिया क्रॉसिंग धार जिले का एक संवेदनशील मोड़ है, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्रॉसिंग पर स्पीड ब्रेकर और साइनेज बोर्ड की कमी है। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब इस हादसे ने एक बार फिर इस मोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओवरलोडिंग और लापरवाही – कारण साफ, लेकिन होगी कार्रवाई?
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पिकअप वैन में निर्धारित सवारी से अधिक लोगों को किसने बैठाया। ड्राइवर पर लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि मजदूरों को सुरक्षित यात्रा का अधिकार क्यों नहीं दिया गया?
आपकी राय क्या है – क्या ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस को और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आप या आपके जानने वाले मजदूर बिना सीट के (छत पर) सफर कर रहे हैं, तो उन्हें मना करें।
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