Chaibasa Liquor Bust: जमीन के अंदर दबाकर बनाते थे महुआ शराब, 3000 लीटर नष्ट, 4 तस्कर फरार

लतरसिखा गांव में 3000 लीटर अवैध महुआ शराब नष्ट, 110 चुलाई भट्टियां तोड़ी गईं, 4 लोग फरार, उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन।

Apr 30, 2026 - 16:57
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Chaibasa Liquor Bust: जमीन के अंदर दबाकर बनाते थे महुआ शराब, 3000 लीटर नष्ट, 4 तस्कर फरार
Chaibasa Liquor Bust: जमीन के अंदर दबाकर बनाते थे महुआ शराब, 3000 लीटर नष्ट, 4 तस्कर फरार

Chaibasa Big Action: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध शराब बनाने के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लतरसिखा गांव में बड़ी छापेमारी की।

3000 लीटर अवैध शराब नष्ट, ढेरों भट्टियां तोड़ी गईं

छापेमारी में उत्पाद विभाग ने मौके पर ही 3 जावा महुआ भट्टियां और 110 देसी शराब चुलाई की भट्टियां तोड़ दीं। ये भट्टियां मिट्टी में गाड़कर चलाई जाने वाली छोटी अवैध भट्टियां होती हैं, जो ग्रामीण इलाकों में आम हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 3000 लीटर अवैध महुआ शराब और भारी मात्रा में महुआ का कच्चा माल बरामद कर नष्ट किया गया।

मौके से फरार हुए 4 लोग, पुलिस कर रही छापेमारी

उत्पाद विभाग की टीम के पहुंचते ही अवैध कारोबार में शामिल 4 लोग मौके से फरार हो गए। उत्पाद विभाग ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

सरकार को होता है राजस्व का नुकसान, जनस्वास्थ्य को खतरा

झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ शराब का अवैध उत्पादन और बिक्री लंबे समय से समस्या बनी हुई है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही जहरीली शराब से लोगों के स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा रहता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ नियमित अभियान छेड़ रखा है।

DC के निर्देश पर कार्रवाई, जिला को बनाना है अवैध शराब मुक्त

उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि डीसी मनीष कुमार के निर्देश पर जिले में आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अवैध शराब के कारोबार की सूचना तुरंत विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जिले को अवैध शराब से मुक्त करना है।

किस तरह बनाई जाती है महुआ शराब?

महुआ शराब बनाने के लिए सबसे पहले महुआ के फूलों को इकट्ठा किया जाता है। फिर उन्हें पानी में उबालकर या भिगोकर किण्वित किया जाता है। कुछ दिनों बाद इसे डिस्टिल (भाप बनाकर अलग) किया जाता है, जिससे शराब तैयार हो जाती है। इसे जावा महुआ भी कहा जाता है। यह शराब पेट के लिए बेहद हानिकारक होती है और अक्सर लोगों की आंखें जाने या मौत के मामले सामने आते हैं।

आपकी राय क्या है – क्या ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध महुआ शराब पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके आसपास कहीं अवैध शराब बनाई या बेची जा रही हो, तो तुरंत उत्पाद विभाग को सूचित करें।
इस खबर को शेयर करें, ताकि लोग जहरीली शराब के खतरों को समझ सकें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।