Jamtara Tragedy: जामताड़ा में बालू लदे ट्रैक्टर का तांडव, बाइक सवार की दर्दनाक मौत, पेड़ पर जा चढ़ा वाहन
जामताड़ा के गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे पर बालू लदे बेकाबू ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को कुचला। एक की मौत और दूसरे की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने मुआवजे और अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ हाईवे जाम कर दिया है, पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जामताड़ा/झारखंड, 12 मई 2026 – झारखंड के जामताड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार को गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के पबिया गांव के पास एक तेज रफ्तार और ओवरलोड बालू लदे ट्रैक्टर ने दो लोगों की जिंदगी को बेरहमी से कुचल दिया। यह हादसा इतना खौफनाक था कि इसकी गूँज पूरे इलाके में सुनाई दी और देखते ही देखते हाईवे एक युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया।
वारदात की दास्तां: जब काल बनकर आया बेकाबू ट्रैक्टर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर का वक्त था और यातायात सामान्य था, तभी बालू से लदा एक ट्रैक्टर मौत की रफ्तार से पबिया गांव की ओर से आया।
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भीषण टक्कर: ट्रैक्टर ने बाइक सवार दो लोगों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे में दुधानी गांव के रहने वाले 50 वर्षीय राजा मणि मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, रायडीह निवासी राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
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अजीबोगरीब मंजर: टक्कर मारने के बाद ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू ट्रैक्टर सड़क किनारे एक बड़े पेड़ की डाल पर जा चढ़ा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में घायल राजकुमार को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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गुस्सा और जाम: मौत की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जिससे किलोमीटरों तक वाहनों की कतार लग गई।
प्रशासनिक हलचल: मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग
हादसे के बाद पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
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पुलिस की कार्रवाई: नारायणपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर किसी तरह लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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ग्रामीणों की मांग: जाम कर रहे लोगों की मांग स्पष्ट है—मृतक के परिवार को उचित मुआवजा मिले, आरोपी ड्राइवर को कड़ी सजा हो और सबसे महत्वपूर्ण, इलाके में चल रहे अवैध बालू लदे वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
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यात्रियों की परेशानी: हाईवे जाम होने के कारण चिलचिलाती धूप में सैकड़ों यात्री घंटों फंसे रहे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जाम हटवाया और जांच का भरोसा दिया।
राजा मणि मंडल की मौत केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि उस लचर व्यवस्था का परिणाम है जो सड़कों पर दौड़ते 'यमराज' यानी ओवरलोड ट्रैक्टरों को रोकने में नाकाम रही है। क्या एक परिवार के मुखिया की जान की कीमत केवल मुआवजे के कुछ रुपयों से पूरी हो जाएगी? जामताड़ा प्रशासन के लिए अब यह बड़ी चुनौती है कि वे पबिया जैसे संवेदनशील इलाकों में स्पीड ब्रेकर और पुलिस गश्त बढ़ाएं ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह न उजड़े। फिलहाल, पूरे दुधानी गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण न्याय की आस में हैं।
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