NEP Visit: एमजीएम अस्पताल में बड़ा बदलाव? क्या मरीजों को अब मिलेंगी बेहतर सुविधाएं?
09 सितंबर 2025 को एनईपी निदेशक संतोष गर्ग ने एमजीएम अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई निर्देश दिए। जानिए क्या-क्या बदलाव अस्पताल में होने वाले हैं।
एमजीएम अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी दिशा में मंगलवार को एनईपी निदेशक श्री संतोष गर्ग ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल स्टाफ की समय पर उपस्थिति, ओपीडी में सेवाओं की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था, एक्स-रे विभाग, ऑर्थोपेडिक्स विभाग, एंबुलेंस सेवा और पार्किंग जैसी सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मरीजों को समय पर इलाज और जरूरी सुविधाएं मिलें। निदेशक ने अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. जुझार माझी को निर्देश दिया कि ओपीडी का संचालन समय पर हो और सभी चिकित्सक तथा पारा मेडिकल स्टाफ नियमित रूप से उपस्थित रहें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अस्पताल की हर गतिविधि का साप्ताहिक रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजा जाए ताकि निगरानी बनी रहे।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान देने को कहा गया। निदेशक ने कहा कि अस्पताल में सफाई की स्थिति अच्छी होनी चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा कम हो। साथ ही, चिकित्सीय उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार दिया जाए।
निरीक्षण में अस्पताल अधीक्षक डॉ. मंधान और सीओ मानगो ब्रजेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने निदेशक को अस्पताल में चल रही व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी और सुविधाओं में सुधार के लिए प्रशासन का सहयोग करने का आश्वासन दिया।
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन अस्पताल की स्थिति सुधारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ महीनों में अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता बढ़ाई गई है। मरीजों के लिए पार्किंग सुविधा और एंबुलेंस सेवा को भी सुचारू रूप से चलाने की योजना बनाई जा रही है।
इस निरीक्षण के बाद अस्पताल में सेवाओं को लेकर सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है। मरीजों को अब समय पर इलाज मिलेगा और अस्पताल में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही, चिकित्सा उपकरणों के सही उपयोग से इलाज की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये सुधार मरीजों की समस्याओं को कम कर पाएंगे और अस्पताल की छवि में बदलाव ला पाएंगे? जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं और मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
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