Khunti ACTION : हेरमन होरो गोलीकांड का सनसनीखेज भंडाफोड़, जंगल में गड्ढा खोदकर छिपाया था कट्टा, 'सिपाही' और नन्दू चढ़े पुलिस के हत्थे!
खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में हेरमन होरो पर गोली चलाने वाले दो शातिर अपराधियों को पुलिस ने पिस्टल और अपाचे बाइक के साथ दबोच लिया है। पदमपुर के जंगलों से हथियार बरामदगी और इस लाइव ऑन-फील्ड क्रैकडाउन की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/जमशेदपुर, 26 मई 2026 – झारखंड के नक्सल और उग्रवाद प्रभावित रहे खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। पदमपुर गांव के रहने वाले स्थानीय ग्रामीण हेरमन होरो को बीच सड़क पर गोली मारकर लहूलुहान करने वाले दो शातिर और पेशेवर अपराधियों को खूंटी जिला पुलिस ने एक बेहद खुफिया और लाइव ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अपराधियों में रांची के नगड़ी का रहने वाला रमेश तिर्की उर्फ रवि तिरू उर्फ 'सिपाही' और पदमपुर का ही स्थानीय शातिर राहुल मुण्डा उर्फ नन्दू शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों शूटरों की तगड़ी रिमांड और ऑन-फील्ड निशानदेही पर पदमपुर के बीहड़ जंगलों में जमीन के नीचे गड्ढे से वारदात में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक मोबाइल और भागने में इस्तेमाल हुई काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक क्रैकडाउन के बाद पूरे कोल्हान और छोटानागपुर अंचल के आपराधिक सिंडिकेट्स में भारी हड़कंप मच गया है।
गोलीकांड की लाइव इनसाइड स्टोरी: 18 मई का वो डार्क मोमेंट और बीहड़ जंगल में दफन हथियार
खूंटी जिला पुलिस मुख्यालय और कर्रा थाना के आंतरिक खुफिया विंग से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था जिसे तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) के दम पर क्रैक किया गया।
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सड़क पर दौड़ाकर मारी थी गोली: बीते 18 मई को अपराधियों ने पदमपुर निवासी हेरमन होरो को घेरकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हेरमन को खून से लथपथ हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद पूरे कर्रा अंचल में भारी दहशत और सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति बन गई थी।
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एसपी ऋषभ गर्ग का सीक्रेट चक्रव्यूह: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने तोरपा एसडीपीओ विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष 'एंटी-क्राइम छापेमारी टीम' का गठन किया। पुलिस ने डंप डेटा और मोबाइल टावर लोकेशन की मदद से 25 मई को सबसे पहले स्थानीय लाइनर राहुल मुण्डा उर्फ नन्दू को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म उगल दिया।
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कपड़े के थैले में छिपा था मौत का सामान: राहुल की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने रांची बॉर्डर पर दबिश देकर मुख्य शूटर रमेश तिर्की उर्फ 'सिपाही' को दबोचा। पुलिस टीम जब दोनों को लेकर पदमपुर के घने जंगलों के भीतर पहुंची, तो वहां एक पेड़ के पास गड्ढा खोदकर कपड़े के थैले में छिपाकर रखी गई देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। साथ ही वारदात में प्रयुक्त अपाचे बाइक (JH01FV-3632) को भी सीज कर लिया गया।
सीमावर्ती जंगलों में 'ड्रोन मैपिंग सर्विलांस' और उग्रवादी स्लीपर सेल्स का पूर्ण खात्मा समय की मांग
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग के कड़े निर्देश पर तोरपा एसडीपीओ की विशेष टीम ने जिस मुस्तैदी से 25 मई को आरोपियों को दबोचा और 18 मई के इस खूनी खेल का पर्दाफाश किया, वह 2026 के इस आधुनिक पुलिसिंग युग में काबिले तारीफ है। पुलिस अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत दोनों शूटरों को जेल भेजने और इनके बैक-एंड में शामिल किसी बड़े उग्रवादी गिरोह या लेवी सिंडिकेट के कनेक्शन को खंगालने में जुटी है। लेकिन केवल दो मोहरों को पकड़ना इस ऐतिहासिक जंगली नेटवर्क का स्थायी इलाज नहीं है। राज्य गृह विभाग और खूंटी जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए कर्रा, तोरपा और नगड़ी बॉर्डर के सभी खुफिया वन मार्गों पर 'इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस ग्रिड' और रात की विशेष गश्ती (Night Patrol) को अनिवार्य करना होगा। इसके साथ ही, इन अपराधियों के बैंक खातों की वित्तीय जांच होनी चाहिए, तभी खूंटी के इस ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध भूभाग को कट्टों और कारतूसों के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से हमेशा के लिए मुक्त कराया जा सकेगा।
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