Govindpur Tragedy: मनपीटा तालाब में नहाने उतरा 7 साल का वीर मुंडा गहरे पानी में समाया, टेल्को अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने खड़े किए हाथ
जमशेदपुर के गोविंदपुर मनपीटा में साई मंदिर के पीछे तालाब में नहाने गए 7 वर्षीय वीर मुंडा की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। टेल्को अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने और परिजनों के कोहराम की पूरी लाइव ऑन-फील्ड विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 26 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के उप-शहरी औद्योगिक अंचल गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद, रूह कँपा देने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मनपीटा इलाके में स्थित प्रसिद्ध साई मंदिर के ठीक पीछे बने एक गहरे तालाब में मंगलवार की दोपहर बाद नहाने के दौरान 7 साल के एक मासूम बच्चे की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक मासूम की शिनाख्त मनपीटा निवासी स्थानीय ग्रामीण बहादूर मुंडा के 7 वर्षीय पुत्र वीर मुंडा के रूप में हुई है। खेल-कूद की उम्र में अचानक काल के गाल में समाए इस मासूम की मौत के बाद पूरे गोविंदपुर और मनपीटा अंचल में भारी सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। इस भयावह हादसे ने एक हंसते-खेलते जनजातीय परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। घटना की लाइव ऑन-फील्ड सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की गहन तफ्तीश और विधिक जांच में जुट गई है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: दोस्तों के साथ गया था नहाने, अचानक गहरे गड्ढे का काल बन गया तालाब
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद ग्रामीणों और गोविंदपुर पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन विंग से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह हादसा बेहद अचानक और खौफनाक तरीके से घटित हुआ।
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गर्मी से राहत पाने की कोशिश: मंगलवार दोपहर बाद जब उमस और गर्मी अपने चरम पर थी, तब 7 वर्षीय वीर मुंडा अपने हमउम्र बच्चों और दोस्तों के साथ मनपीटा साई मंदिर के पीछे बने तालाब में नहाने और पानी से खेलने गया था।
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अचानक गहरे पानी में समाया मासूम: तालाब के किनारे खेलते-खेलते मासूम वीर मुंडा को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पानी के भीतर जमीन ढलान पर है। अचानक उसका पैर फिसला और वह तालाब के उस खतरनाक और गहरे हिस्से (Deep Zone) में चला गया जहां पानी का दबाव बहुत ज्यादा था।
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शोर शराबा और रेस्क्यू: बच्चे को पानी में छटपटाते और डूबते देख किनारे पर खड़े अन्य बच्चों ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया। शोर सुनकर आसपास के खेतों और घरों से स्थानीय ग्रामीण दौड़कर तालाब की तरफ भागे। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तालाब में छलांग लगाई और वीर को पानी से बाहर निकाला।
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टेल्को अस्पताल में पसरा मातम: स्थानीय लोग और परिजन अचेत अवस्था में वीर मुंडा को लेकर तुरंत जमशेदपुर के प्रसिद्ध टेल्को अस्पताल (Telco Hospital) के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। वहां तैनात डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका सीपीआर (CPR) और प्राथमिक इलाज शुरू किया, लेकिन फेफड़ों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर परिजनों की चीखों से दहल उठा।
जलाशयों पर 'जियो-फेंसिंग बैरियर' और बस्तियों में 'चाइल्ड विंग प्रोटेक्शन' समय की मांग
मनपीटा साई मंदिर के पीछे हुए इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर जमशेदपुर के नागरिक समाज, स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की आंखें खोल दी हैं। बहादूर मुंडा के घर में पसरा यह सन्नाटा और माता-पिता की ये चीखें पूरे कोल्हान प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। 2026 के इस दौर में जब हम आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करते हैं, तब हमारे ग्रामीण अंचलों के बच्चे इस तरह असुरक्षित जलस्रोतों की भेंट चढ़ रहे हैं। गोविंदपुर थाना पुलिस और पूर्वी सिंहभूम जिला आपदा प्रबंधन विभाग को तुरंत संज्ञान लेते हुए मनपीटा और आसपास के सभी सार्वजनिक तालाबों की गहराई का ऑडिट कराना चाहिए और उनके चारों तरफ कटीले तारों का सुरक्षा घेरा (Iron Fencing Barrier) अनिवार्य करना चाहिए। इसके साथ ही, स्थानीय मुंडा-प्रधान और सामाजिक संगठनों के माध्यम से बस्तियों में विशेष जागरूकता अभियान चलाना होगा, ताकि भविष्य में कोल्हान के किसी भी असहाय परिवार को तालाबों के इस डार्क और जानलेवा इतिहास के कारण अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा के लिए न खोना पड़े।
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