Jamshedpur Hearing : समाहरणालय में नागरिकों का महा-दरबार, उपायुक्त राजीव रंजन ने ऑन द स्पॉट निपटाए राशन-पेंशन और जमीन के पेचीदा मामले

जमशेदपुर समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन के जनता दरबार में राशन, पेंशन और जमीन विवाद के सैकड़ों आवेदनों का ऑन द स्पॉट निपटारा किया गया है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और लाइव लोक शिकायत निवारण की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 26, 2026 - 18:58
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Jamshedpur Hearing : समाहरणालय में नागरिकों का महा-दरबार, उपायुक्त राजीव रंजन ने ऑन द स्पॉट निपटाए राशन-पेंशन और जमीन के पेचीदा मामले
Jamshedpur Hearing : समाहरणालय में नागरिकों का महा-दरबार, उपायुक्त राजीव रंजन ने ऑन द स्पॉट निपटाए राशन-पेंशन और जमीन के पेचीदा मामले

जमशेदपुर, 26 मई 2026 – पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला जनसंपर्क कार्यालय के प्रशासनिक अंचल से आम नागरिकों के अधिकारों और जनहित से जुड़ी एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। समाहरणालय स्थित मुख्य कार्यालय कक्ष में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त (DC) श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित 'जन शिकायत निवारण दिवस' (Jan Shikayat Nivaran Diwas) के दौरान एक महा-दरबार का लाइव नजारा देखने को मिला। जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी बस्तियों से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर पहुंचे सैकड़ों नागरिकों के आवेदनों पर उपायुक्त ने बेहद संवेदनशील और कड़ा रुख अपनाया। कई गंभीर और सालों से लंबित मामलों का जहाँ ऑन द स्पॉट (मौके पर ही) समाधान कर नागरिकों को तुरंत राहत दी गई, वहीं विभिन्न विभागों के ढीले और लापरवाह पदाधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा (Deadline) के भीतर जवाबदेही तय कर कड़े ऐक्शन के निर्देश जारी किए गए हैं।

महा-दरबार की इनसाइड स्टोरी: सुबह से लगी कतारें, राशन-पेंशन से लेकर शस्त्र लाइसेंस तक पर हुआ लाइव ऐक्शन

पूर्वी सिंहभूम कलेक्ट्रेट (Collectorate) और जनसंपर्क विभाग के ऑन-फील्ड प्रशासनिक सूत्रों से मिली लाइव इनपुट के अनुसार, मंगलवार को आयोजित इस जनता दरबार में आवेदनों का एक बहुत बड़ा अंबार देखने को मिला, जो सीधे तौर पर जनता की प्रशासनिक आवश्यकताओं को दर्शाता है।

  • बुनियादी जन-समस्याओं की लाइव सुनवाई: जनता दरबार में मुख्य रूप से नए राशन कार्ड बनवाने, पुराने राशन कार्डों में नाम जोड़ने, बिजली और पानी के कटे हुए कनेक्शनों को मानवीय आधार पर तुरंत बहाल करने, जर्जर नालियों के निर्माण और सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई जैसे आवश्यक नागरिक मुद्दे गूंजे।

  • सामाजिक सुरक्षा और छात्र कल्याण पर फोकस: इसके साथ ही समाज के वंचित वर्ग के कल्याण के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने, बकाया राशि के भुगतान, दिव्यांग पेंशन चालू करने और गरीब मेधावी छात्रों की छात्रवृत्ति (Scholarship) व शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त नामांकन के आवेदनों पर उपायुक्त ने सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी और समाज कल्याण विभाग को फाइलें ट्रांसफर कीं।

  • जटिल कानूनी और पारिवारिक विवाद: केवल सामाजिक योजनाएं ही नहीं, बल्कि उपायुक्त के समक्ष शस्त्र लाइसेंस (Arms License), जन्म प्रमाण पत्र की जटिलताएं, पारिवारिक कलह और कोल्हान बेल्ट के सबसे संवेदनशील भूमि विवाद (Land Disputes) से संबंधित गंभीर आवेदन भी आए, जिन पर पारदर्शी और त्वरित कानूनी जांच के आदेश दिए गए।

प्रखंड स्तर पर 'डिजिटल शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम' और लंबित फाइलों का साप्ताहिक फायर-ऑडिट समय की मांग

उपायुक्त श्री राजीव रंजन द्वारा समाहरणालय में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और विभागीय पदाधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश देना 2026 के इस आधुनिक प्रशासनिक युग में सुशासन (Good Governance) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उपायुक्त का यह कथन कि "इस दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है," सीधे तौर पर जमीनी तंत्र को मजबूत करता है। लेकिन जिला मुख्यालय पर लगने वाली इस भारी भीड़ को हमेशा के लिए कम करने के लिए अब एक ऐतिहासिक और संस्थागत सुधार की जरूरत है। जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रखंड (Block) और पंचायत स्तर पर ही 'डिजिटल लोक शिकायत ट्रैकिंग ग्रिड' (Digital Grievance Tracking Grid) को अनिवार्य करना होगा, ताकि ग्रामीण जनता को साकची मुख्यालय तक का सफर न तय करना पड़े। इसके साथ ही, जन शिकायत दिवस में आए आवेदनों की साप्ताहिक प्रगति की लाइव समीक्षा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए, तभी जमशेदपुर के इस ऐतिहासिक, औद्योगिक और जन-सम्मत भूभाग को फाइलों के पेंडिंग रहने के पुराने डार्क इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।