MGM Fire: लाइब्रेरी भवन के नीचे सोलर बैटरियों में भयंकर ब्लास्ट, धुएं के गुबार से घिरा मेडिकल कॉलेज, होमगार्ड जवानों ने टाला महा-हादसा
जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में मंगलवार शाम सोलर पैनल की बैटरियों में शॉर्ट सर्किट के बाद भयंकर आग लग गई। होमगार्ड जवानों की मुस्तैदी और दमकल विभाग की लाइव ऑन-फील्ड कार्रवाई की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 26 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज परिसर से मंगलवार की शाम एक बेहद डरावनी और सनसनीखेज आपदा सामने आई है। यहाँ कॉलेज परिसर के मुख्य लाइब्रेरी भवन के ठीक नीचे स्थापित सोलर पैनल ग्रिड के पावर-हाउस (Battery Bank) में भीषण शॉर्ट सर्किट होने के कारण अचानक एक के बाद एक कई जोरदार धमाके (Battery Blasts) हुए, जिससे पूरे कॉलेज प्रशासन और छात्र-छात्राओं में भारी अफरा-तफरी और दहशत मच गई। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों के साथ जहरीले काले धुएं का एक विशाल गुबार उठा, जिसने पूरी लाइब्रेरी बिल्डिंग और पास के कैफेटेरिया (Canteen) को अपनी आगोश में ले लिया। गनीमत यह रही कि परिसर में तैनात होमगार्ड के जांबाज जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग बुझाने के प्राथमिक उपकरणों के साथ लाइव मोर्चा संभाल लिया, जिससे सैकड़ों छात्रों की जान बच गई और एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय स्तर का हादसा होते-होते टल गया।
ब्लास्ट की लाइव इनसाइड स्टोरी: शाम 4:15 बजे का वो डार्क मोमेंट, जब धुएं का गुबार देख भागे छात्र
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक विंग और घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद जूनियर डॉक्टरों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम करीब सवा चार बजे की है।
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सोलर ग्रिड में अचानक शॉर्ट सर्किट: लाइब्रेरी भवन को चौबीसों घंटे बिजली बैकअप देने के लिए नीचे लगाए गए भारी क्षमता वाले सोलर पैनल की लिथियम/लेड-एसिड बैटरियों में आंतरिक ओवरहीटिंग (Overheating) के कारण अचानक स्पार्किंग हुई।
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श्रृंखलाबद्ध धमाके: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहली चिंगारी भड़कते ही बैटरियों के भीतर गैसों का दबाव बढ़ा और वे एक-एक कर ब्लास्ट करने लगीं। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि ओपीडी और लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं अपनी किताबें छोड़कर बाहर की ओर भागने लगे।
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होमगार्ड जवानों का जांबाज दस्ता: आग को विकराल रूप लेता देख एमजीएम सुरक्षा में तैनात होमगार्ड के जवान अखिलेश ओझा, योगेंद्र शर्मा, पंकज कुमार झा, प्रदीप मिश्रा और संजय कुमार प्रसाद ने तुरंत मोर्चा संभाला। इन जवानों ने दमकल विभाग के पहुंचने से पहले स्थानीय फायर एक्सटिंग्विशर (Fire Extinguishers) की मदद से आग के मुख्य कोर को घेरा और उसे कॉलेज की मुख्य बिल्डिंग में फैलने से रोक दिया। इसके तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
मेडिकल परिसरों में 'ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम' और पीक-समर में विशेष कूलिंग ग्रिड समय की मांग
एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी और कैफेटेरिया अंचल में लगी यह आग इस बात की एक गंभीर चेतावनी है कि हमारे बड़े शिक्षण और चिकित्सा संस्थानों में लगे आधुनिक सौर ऊर्जा उपकरण (Solar Equipment) बिना सही रखरखाव के कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। होमगार्ड के पांच जांबाज जवानों—अखिलेश ओझा, योगेंद्र शर्मा, पंकज कुमार झा, प्रदीप मिश्रा और संजय कुमार प्रसाद की त्वरित बहादुरी के कारण आज कोल्हान एक बड़ी मानवीय त्रासदी से बच गया। लेकिन भविष्य में ऐसे किसी भी हादसे को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और एमजीएम कॉलेज प्रबंधन को तुरंत संज्ञान लेते हुए पूरे परिसर के सोलर और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक 'थर्मल स्कैनिंग ऑडिट' (Thermal Scanning Audit) कराना चाहिए। इसके साथ ही, बैटरियों के इस हाई-रिस्क जोन में 'ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन ग्रिड' (Automatic Fire Suppression Grid) स्थापित करना होगा, ताकि तापमान बढ़ते ही गैसें खुद-ब-खुद आग को दबा दें और जमशेदपुर के इस ऐतिहासिक चिकित्सा संस्थान को बार-बार शॉर्ट सर्किट के इस डार्क और जानलेवा इतिहास का सामना न करना पड़े।
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