Jabalpur Boat Tragedy: बरगी डैम में क्रूज पलटा, 4 की मौत, 15 बचे, 10 अब भी लापता, NDRF जारी रेस्क्यू
बरगी डैम में पर्यटकों भरा क्रूज तेज आंधी में पलटा, 4 की मौत, 15 बचे, 10 अब भी लापता, रेस्क्यू जारी।
Jabalpur Big Tragedy: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज पलट गया। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, क्रूज में कुल 29 लोग सवार थे।
कैसे हुआ हादसा: तेज आंधी और ऊंची लहरों ने पलटा क्रूज
गुरुवार शाम को मौसम बदलने के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक बरगी डैम पहुंचे थे। क्रूज बरगी बांध के खमरिया टापू के पास था। इसी दौरान तेज आंधी चलने लगी और आंधी के कारण उठी ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही सेकंड में क्रूज पानी में पलट गया।
रेस्क्यू जारी: 15 सुरक्षित, 4 की मौत, 10 लापता
प्रशासन के अनुसार, क्रूज में 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। 15 व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 4 व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है। अभी भी करीब 10 लोग लापता हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
अंधेरे के कारण रेस्क्यू में हो रही परेशानी, गोताखोर तलाश में जुटे
हादसे के बाद अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू करने में मुश्किलें आ रही हैं। नावों और गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। क्रूज के कैप्टन महेश पटेल भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है।
प्रशासन का एक्शन: कलेक्टर और मंत्री मौके पर पहुंचे
हादसे की जानकारी मिलते ही जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि तलाशी और बचाव अभियान जारी है। वहीं मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। डैम के किनारे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा है, जिन्हें संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्रूज का संचालन किसके द्वारा होता है? सेफ्टी मानक क्या हैं?
यहां क्रूज का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा किया जाता है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या क्रूज में लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में थे? क्या मौसम खराब होने पर नाव चलाने की मनाही थी? क्या सभी यात्रियों को सुरक्षा निर्देश दिए गए थे? ये सारे सवाल अनुत्तरित हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुआवजे की घोषणा की
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
आपकी राय क्या है – क्या पर्यटन स्थलों पर बोटिंग और क्रूज के लिए मौसम को लेकर सख्त नियम होने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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