Jamshedpur Air Ambulance Fraud: मरीज को हैदराबाद भेजने के लिए परिजनों ने 8 लाख दिए, ठगों ने कर दिया गायब, मरीज ने तोड़ा दम

गंभीर मरीज को हैदराबाद रेफर किया गया, परिजनों ने 8 लाख में बुक की एयर एंबुलेंस, ठगों ने पैसे हड़पे, मरीज की हो गई मौत।

Apr 30, 2026 - 19:49
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Jamshedpur Air Ambulance Fraud: मरीज को हैदराबाद भेजने के लिए परिजनों ने 8 लाख दिए, ठगों ने कर दिया गायब, मरीज ने तोड़ा दम
Jamshedpur Air Ambulance Fraud: मरीज को हैदराबाद भेजने के लिए परिजनों ने 8 लाख दिए, ठगों ने कर दिया गायब, मरीज ने तोड़ा दम

Jamshedpur Cyber Shocker: जमशेदपुर में साइबर अपराधियों की संवेदनहीनता का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। ठगों ने न केवल एक परिवार की गाढ़ी कमाई लूटी, बल्कि एक मरीज की जान भी जोखिम में डाल दी। मानगो निवासी आरएन चौहान से ठगों ने एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी कर ली।

बेहद नाजुक थी मरीज की हालत, डॉक्टरों ने किया रेफर

शिकायतकर्ता आरएन चौहान के अनुसार, उनके रिश्तेदार मोहन सिंह की स्थिति गंभीर थी और वे जमशेदपुर के टीएमएच के सीसीयू में भर्ती थे। चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर करने की सलाह दी थी।

गूगल पर मिला नंबर, ठगों ने लगाया 8 लाख का चूना

परिजनों ने आनन-फानन में इंटरनेट पर एयर एंबुलेंस सेवा की तलाश शुरू की। सर्च इंजन (गूगल) पर मिले एक नंबर पर संपर्क करने पर अपराधियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित एयर एंबुलेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया। सौदा 8 लाख रुपये में तय हुआ, जिसे परिजनों ने तुरंत ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।

पैसे देने के बाद ठगों की कनेक्शन तोड़ी, एंबुलेंस नहीं आई

जैसे ही पैसे ट्रांसफर किए गए, ठगों ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए। परिजन कॉल करते रहे, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। एयर एंबुलेंस नहीं आई। मरीज को समय पर हैदराबाद नहीं ले जाया जा सका, जिससे उनकी मृत्यु हो गई

पैसे देते समय नहीं की सत्यता की जांच, यही हुई गलती

मानगो से टीएमएच तक परिजन मुश्किल हालात में आए-जा रहे थे। इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले उन्होंने कंपनी की सत्यता को जांचा नहीं। यही उनकी सबसे बड़ी गलती रही। साइबर ठगों की कॉल जैसे ही आई, उन्होंने उम्मीद की किरण देख ली, लेकिन वह धोखा था।

ऐसे करें एयर एंबुलेंस बुकिंग – जांच के बिना न दें पैसे

किसी भी एयर एंबुलेंस सेवा का उपयोग करने से पहले निम्न सावधानियां बरतें:

  • कंपनी की ऑफिसियल वेबसाइट से संपर्क करें, गूगल पर आए किसी भी नंबर पर भरोसा न करें।

  • कंपनी का वैध लाइसेंस और पिछले ग्राहकों की समीक्षा जरूर देखें।

  • बिना अग्रिम भुगतान से बचें। कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी इतनी बड़ी रकम पूरी तरह अग्रिम नहीं मांगती।

  • कंपनी से वीडियो कॉल पर अपने ऑपरेशन और एंबुलेंस की स्थिति दिखाने को कहें।

क्या है डिजिटल अरेस्ट का मामला? साइबर ठगी के बढ़ते मामले

यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में एयर एंबुलेंस, डिजिटल अरेस्ट, बेटी की तबीयत खराब, कस्टम विभाग और गिफ्ट के नाम पर लोगों के लाखों रुपये ठग लिए गए हैं। इस मामले ने शोक और आक्रोश दोनों को जन्म दिया है। एक मरीज की जान चली गई, लेकिन ठगों को इसकी कोई परवाह नहीं है।

पुलिस जांच जारी, परिजनों से पूछताछ की जा रही है

पीड़ित परिवार ने साइबर थाना जमशेदपुर में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपियों की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी तरह की एयर एंबुलेंस बुकिंग से पहले स्थानीय थाने या हेल्पलाइन से सलाह जरूर लें।

आपकी राय क्या है – क्या गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने वाली झूठी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानून होना चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
इस खबर को शेयर करें, ताकि लोग इस तरह की ठगी से बच सकें और समय पर सही कदम उठा सकें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।