Jamshedpur MGM Outrage : एमजीएम अस्पताल में बच्चे की मौत पर भड़का परिजनों का भारी गुस्सा, एनआईसीयू के बाहर जमकर विजुअल हंगामा!

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में परसुडीह के सोनू सिंह के नवजात बच्चे की मौत के बाद एनआईसीयू के पास हुए विजुअल हंगामे और लापरवाही के आरोपों की यह पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Jun 5, 2026 - 18:35
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Jamshedpur MGM Outrage :  एमजीएम अस्पताल में बच्चे की मौत पर भड़का परिजनों का भारी गुस्सा, एनआईसीयू के बाहर जमकर विजुअल हंगामा!
Jamshedpur MGM Outrage : एमजीएम अस्पताल में बच्चे की मौत पर भड़का परिजनों का भारी गुस्सा, एनआईसीयू के बाहर जमकर विजुअल हंगामा!

जमशेदपुर, 5 जून 2026 – कोल्हान प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले जमशेदपुर के साकची स्थित एमजीएम अस्पताल (MGM Hospital) परिसर से इस वक्त की एक बेहद ही मर्मस्पर्शनी, आक्रोशित और पूरे स्वास्थ्य महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाली बड़ी विजुअल ग्राउंड खबर सामने आ रही है। अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती एक मासूम नवजात बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों का सब्र का बांध पूरी तरह टूट गया। पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों ने एनआईसीयू वार्ड के बाहर विजुअल कट्स बनाकर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। स्थिति की गंभीरता और सुरक्षा को खतरे में देखते हुए अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत विधिक हस्तक्षेप किया और भारी मशक्कत के बाद आक्रोशित भीड़ को शांत कराया। इस लाइव हादसे के बाद एक बार फिर एमजीएम की आंतरिक व्यवस्था के पुराने परम्परागत ढर्रे पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

हंगामे की लाइव इनसाइड स्टोरी: डेढ़ किलो का था मासूम, मां का दूध रखा रह गया और हो गई विजुअल मौत

पीड़ित परिवार और एमजीएम अस्पताल के विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस दुखद घटना की क्रोनोलॉजी बेहद संवेदनशील और प्रशासनिक दावों के विपरीत है:

  • 1 जून को हुआ था जन्म: जमशेदपुर के परसुडीह अंचल के रहने वाले सोनू सिंह की पत्नी ने बीते 1 जून को एमजीएम अस्पताल के प्रसूति वार्ड में एक बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के समय नवजात का वजन महज करीब डेढ़ किलो था, जिसके कारण डॉक्टरों ने उसे विधिक रूप से तुरंत एनआईसीयू (NICU) में शिफ्ट कर दिया था।

  • परिजनों का गंभीर कट्स आरोप: पीड़ित माता-पिता का लाइव आरोप है कि डॉक्टरों के कहने पर बच्चे के लिए मां का दूध (Breast Milk) निकालकर वेंटिलेटर रूम में भेजा गया था। आरोप है कि ऑन-ड्यूटी स्टाफ ने उसे समय पर मासूम को नहीं दिया और वह दूध बाहर ही यूं ही रखा रह गया। परिजनों का साफ कहना है कि इसी भूख और इलाज के डार्क ढर्रे की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान गई है।

  • प्रशासन का विधिक डिफेंस: दूसरी ओर, एमजीएम अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के सभी विजुअल आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन का विधिक दावा है कि नवजात जन्म के समय से ही एक बेहद गंभीर और डार्क संक्रमण (Severe Infection) से पीड़ित था। बच्चे की मौत इसी अंदरूनी इंफेक्शन की वजह से हुई है, इसमें मेडिकल स्टाफ की किसी प्रकार की कोई विजुअल लापरवाही नहीं है।

एमजीएम प्रबंधन और परिजनों के बीच विवाद बरकरार, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और सोनू सिंह के परिजनों के बीच विधिक विवाद की स्थिति पूरी तरह बनी हुई है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन से इस पूरे मामले की कट्स जांच कराने और एनआईसीयू के उस वक्त के ऑन-ड्यूटी स्टाफ के मोबाइल व सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग तेज कर दी है। अस्पताल में किसी भी बड़े विजुअल लॉ एंड ऑर्डर संकट को रोकने के लिए साकची थाना पुलिस की एक टीम को भी एहतियातन तैनात कर दिया गया है।

2026 के इस आधुनिक दौर में, जहाँ स्वास्थ्य तकनीकों में भारी क्रांति आ चुकी है, वहाँ कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल में मां के दूध के समय पर न मिलने के कारण बच्चे की मौत का आरोप लगना हमारे सामाजिक ढर्रे पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। इस डार्क सिलसिले और मरीजों के अविश्वास को खत्म करने के लिए एमजीएम अधीक्षक को एनआईसीयू के भीतर की हर एक गतिविधि की विधिक और पारदर्शी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।