WhatsApp Change: व्हाट्सएप में अब मोबाइल नंबर नहीं चाहिए, आपके लिए यूजरनेम फीचर का बड़ा राज खुला
मेटा का इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp अब मोबाइल नंबर के बजाय यूजरनेम फीचर ला रहा है। आप सीधे इंस्टाग्राम और फेसबुक वाला यूजरनेम WhatsApp पर इस्तेमाल कर पाएंगे। Strict Account Setting फीचर आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखेगा और आपके IP एड्रेस को प्रोटेक्ट करेगा। यह बड़ा फीचर आपकी प्राइवेसी को बढ़ाएगा और नंबर सार्वजनिक होने का खतरा खत्म होगा। जानिए WhatsApp के इस बड़े बदलाव का पूरा विवरण।
नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025 – इंस्टेंट मैसेजिंग की दुनिया में क्रांति लाने वाला ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) अब अपने इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जो यूजर्स के लिए सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक बड़ी प्राइवेसी सुरक्षा भी लाएगा। अब तक, किसी को मैसेज या कॉल करने के लिए मोबाइल नंबर की आवश्यकता थी, लेकिन जल्द ही यह बंधन टूटने वाला है। मेटा के स्वामित्व वाला यह ऐप जल्द ही 'यूजरनेम' फीचर पेश करने वाला है, जिसके बाद आप सिर्फ यूजरनेम के जरिए किसी से भी जुड़ सकेंगे। सबसे रोचक बात यह है कि शुरुआती टेस्टिंग के अनुसार, आप फेसबुक और इंस्टाग्राम वाले यूजरनेम का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। सवाल यह है कि यह बदलाव कितना बड़ा है, और क्या यह वास्तव में हमारी निजता को सुरक्षित कर पाएगा?
नंबर की जरूरत खत्म: बस यूजरनेम बताइए
यूजरनेम फीचर व्हाट्सएप को टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के मुकाबले एक नए स्तर पर ले जाएगा।
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सुविधा: यूजर्स को किसी को मैसेज या कॉल करने के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे सिर्फ यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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सोशल मीडिया लिंक: शुरुआती टेस्टिंग में एंड्रॉइड यूजर्स अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम वाले यूजरनेम का भी इस्तेमाल WhatsApp पर कर सकेंगे।
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वेरिफिकेशन: यूजर्स को WhatsApp सेटिंग में जाकर अपना पसंदीदा यूजरनेम सेट करना होगा। मेटा अकाउंट सेंटर यह वेरिफाई करेगा कि यह यूजरनेम सही में उसी यूजर का है।
प्राइवेसी का नया स्तर: Strict Account Setting
यूजरनेम फीचर के साथ-साथ व्हाट्सएप एक और महत्वपूर्ण प्राइवेसी फीचर ला रहा है, जो सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
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फीचर: व्हाट्सएप 'Strict Account Setting' नामक एक अतिरिक्त सेफ्टी फीचर भी ला रहा है।
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सिंगल टॉगल: इसके जरिए एक ही टॉगल से ऐप की सारी सिक्योरिटी सेटिंग्स लागू हो जाएंगी।
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IP एड्रेस सुरक्षा: इस मोड को एक्टिवेट करने पर यूजर का IP एड्रेस प्रोटेक्ट हो जाएगा, और लोकेशन डेटा के आधार पर कोई यूजर को ट्रैक नहीं कर पाएगा।
सुरक्षा और सुविधा का संगम: डिजिटल भारत पर असर
इस बड़े बदलाव का सीधा असर भारतीय यूजर्स की प्राइवेसी पर पड़ेगा।
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बड़ी राहत: यह फीचर यूजर प्राइवेसी बढ़ाएगा और मोबाइल नंबर सार्वजनिक होने का खतरा खत्म होगा।
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भविष्य की राह: इस तरह के बदलाव दर्शाते हैं कि व्हाट्सएप अब खुद को केवल मैसेजिंग ऐप तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि यूजर प्राइवेसी और सुरक्षा के मानकों को भी बदलना चाहता है।
यह फीचर फिलहाल एंड्रॉइड टेस्टिंग वर्जन में मौजूद है और जल्द ही अपकमिंग अपडेट में रोल आउट होने की संभावना है।
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