West Singhbhum Accident: गुवा सेल खदान में 50 टन का टैंकर पलटा, सुरक्षा को लेकर सेल प्रबंधन का बड़ा राज खुला

पश्चिमी सिंहभूम के गुवा सेल खदान में पानी छिड़काव वाला 50 टन का टैंकर अचानक पलट गया। हादसे में घायल ऑपरेटर राजकुमार सिंह को जमशेदपुर के ब्रह्मानंद अस्पताल रेफर किया गया। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने इस घटना को प्रबंधन की लापरवाही बताया है। रामा पांडे ने सुरक्षा पहले, उत्पादन बाद में की नीति अपनाते हुए पुरानी गाड़ियों को हटाने की मांग की है। गुवा सेल खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर पहले भी सवाल उठे हैं। जानें खदान में लगातार हो रहे हादसों और पुरानी गाड़ियों के इस्तेमाल का पूरा सच।

Nov 13, 2025 - 19:32
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West Singhbhum  Accident: गुवा सेल खदान में 50 टन का टैंकर पलटा, सुरक्षा को लेकर सेल प्रबंधन का बड़ा राज खुला
West Singhbhum Accident: गुवा सेल खदान में 50 टन का टैंकर पलटा, सुरक्षा को लेकर सेल प्रबंधन का बड़ा राज खुला

चाईबासा, 13 नवंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की गुवा खदान एक बार फिर बड़े हादसे के कारण सुर्खियों में है। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह गुवा सेल प्रबंधन की सुरक्षा नीतियों पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आज एक 50 टन लीटर का विशाल पानी टैंकर अचानक पलट गया, जिसमें ऑपरेटर राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि ऑपरेटर की जान बच गई, लेकिन यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि खदान के भीतर बड़ी लापरवाही जारी है। सवाल यह है कि क्या गुवा खदान में 'उत्पादन पहले, सुरक्षा बाद में' की नीति चल रही है, और पुरानी गाड़ियां इस तरह के जानलेवा हादसों का कारण क्यों बन रही हैं?

50 टन का टैंकर पलटा: बड़ा हादसा टल गया

पानी छिड़काव के लिए जा रहा 50 टन का यह पानी टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।

  • पीड़ित: डंपर ऑपरेटर सेल कर्मी राजकुमार सिंह।

  • घायल: हादसे में राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

  • उपचार: उन्हें तुरंत गुवा सेल अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के ब्रह्मानंद अस्पताल रेफर किया गया।

श्रमिक संगठन का आक्रोश: प्रबंधन की सीधी लापरवाही

इस हादसे पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सीधे सेल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।

  • नाराजगी: झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि यह हादसा गुवा सेल प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है।

  • बड़ी मांग: उन्होंने सेल प्रबंधन से मांग की है कि वे 'पहले सुरक्षा, उसके बाद उत्पादन' की नीति अपनाएं।

  • पुरानी गाड़ियां: रामा पांडे ने सभी पुरानी और खतरनाक वाहनों को हटाकर नई गाड़ियों की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं हों।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: पहले भी हो चुके हैं हादसे

गुवा सेल खदान में सुरक्षा व्यवस्था पर यह पहला सवाल नहीं है। हाल के दिनों में भी यहां कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।

  • पिछला हादसा: हाल ही में, एक ठेका कर्मी अरुण पूर्ति कन्वेयर बेल्ट में हाथ फंसने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जो खदान के भीतर बढ़ते जोखिम को दर्शाता है।

यह घटना सेल प्रबंधन के लिए एक कड़ी चेतावनी है। उन्हें समझना होगा कि सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर उत्पादन पर जोर देना, अंततः कर्मचारियों की जान को जोखिम में डालता है और खदान के संचालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।