Jamshedpur Fake Cop : एरोड्रम मोड़ पर तीन युवकों ने खुद को बताया पुलिस, आईकार्ड दिखाकर जेवर उतारने का दबाव बनाया
जमशेदपुर के सोनारी में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर तीन युवकों ने शख्स के जेवर उतारने का दबाव बनाया, आईकार्ड दिखाकर की ठगी की कोशिश। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी में ठगों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है। सोनारी एरोड्रम मोड़ के पास शुक्रवार को तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक व्यक्ति को रोका और जांच के नाम पर उसके जेवर उतारने का दबाव बनाया। ठगों ने भरोसा दिलाने के लिए नकली आईकार्ड भी दिखाया, लेकिन पीड़ित की सतर्कता से उनकी साजिश नाकाम हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
बच्चों को लेने जा रहे थे मनोज कुमार
पीड़ित मनोज कुमार कदमा रामनगर के निवासी हैं। वह शुक्रवार को अपनी स्कूटी से बच्चों को लेने जा रहे थे। जैसे ही वह सोनारी एरोड्रम मोड़ के पास पहुंचे, तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि वे नियमित जांच कर रहे हैं। मनोज को शुरू में कोई शक नहीं हुआ।
आईकार्ड दिखाकर बनाया भरोसा
आरोपियों ने जांच के नाम पर मनोज से पूछताछ शुरू की और स्कूटी की डिक्की खुलवाई। इसके बाद उन्होंने मनोज के पहने हुए जेवरों पर सवाल उठाते हुए उन्हें उतारने का दबाव बनाया। भरोसा दिलाने के लिए तीनों ने कथित तौर पर आईकार्ड भी दिखाया। मनोज ने बताया कि पहली नजर में आईकार्ड असली लग रहा था, जिससे उन्हें शक नहीं हुआ।
कागज में लपेटकर की जेवर बदलने की कोशिश
आरोप है कि ठगों ने जेवर को कागज में लपेटकर रखने की सलाह दी और चालाकी से असली जेवर की अदला-बदली करने की कोशिश की। लेकिन मनोज को उनकी हरकतों पर संदेह हो गया। वह समझ गए कि ये लोग पुलिस नहीं, बल्कि ठग हैं। उन्होंने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया और शोर मचा दिया।
शोर सुनते ही भागे ठग
मनोज के शोर मचाते ही आसपास के लोग भी सतर्क हो गए। मौके का फायदा उठाकर तीनों आरोपी अपनी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंची, जांच शुरू
सूचना मिलते ही पुलिस की डायल 112 टीम और सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ित मनोज कुमार से विस्तृत पूछताछ की। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं से सतर्क रहें। अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर जांच करने लगे, तो पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करें। असली पुलिसकर्मी के पास सरकारी आईकार्ड होता है, जिसे गौर से देखा जा सकता है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें और अगर संभव हो तो तुरंत डायल 112 पर कॉल करें।
कैसे पहचानें फर्जी पुलिसकर्मी को?
विशेषज्ञों के अनुसार, असली पुलिसकर्मी आमतौर पर अकेले या दो लोगों के साथ होते हैं। वे यूनिफॉर्म में होते हैं या फिर सरकारी बैज पहने होते हैं। अगर कोई सादे कपड़ों में आता है और खुद को पुलिस बताता है, तो उससे आधिकारिक आईकार्ड दिखाने को कहें। अगर आपको शक हो, तो पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करके उसकी पहचान की पुष्टि करें। इसके अलावा, किसी भी दबाव में आकर अपने जेवर या कीमती सामान न उतारें।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर
इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग फर्जी पुलिसकर्मियों से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस से इन ठगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, "ऐसे ठगों को जल्द पकड़ा जाए, वरना ये और लोगों का नुकसान करेंगे।"
जमशेदपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ठग किस तरह से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। क्या हम इनसे बचने के लिए तैयार हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने परिवार और दोस्तों को भी सतर्क करें। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि कोई और इस तरह की ठगी का शिकार न हो।
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