Koderma Mystery: 15 लाख की फिरौती और किडनैपिंग का ड्रामा फ्लॉप, पुलिस ने 6 घंटे में खोज निकाला 'मुर्दा', बहनोई के घर सो रहा था 'अपहृत' पति
कोडरमा के डोमचांच में प्रकाश मेहता के अपहरण की खौफनाक कहानी का सच जानकर आप दंग रह जाएंगे। 15 लाख की फिरौती और लापता होने के ड्रामे के पीछे छिपे ट्रक विवाद और धोखेबाजी की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप इस फर्जी किडनैपिंग के मास्टरमाइंड की साजिश से अनजान रह जाएंगे।
कोडरमा, 11 फरवरी 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से चल रहा 'अपहरण का हाई-वोल्टेज ड्रामा' आखिरकार ढोंग निकला। जिस शख्स की सलामती के लिए उसकी पत्नी थाने में गुहार लगा रही थी और पुलिस की टीमें रात-दिन एक कर रही थीं, वह कहीं और नहीं बल्कि बड़े आराम से अपने बहनोई के घर में छिपा हुआ था। पुलिस ने महज 6 घंटे की सघन छापेमारी के बाद न केवल 'अपहृत' प्रकाश मेहता को बरामद किया, बल्कि खुद रची गई इस किडनैपिंग की कहानी की भी धज्जियां उड़ा दीं।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल: 15 लाख की फिरौती का कॉल
मामले की शुरुआत तब हुई जब महेशपुर की रहने वाली काजल देवी ने थाने में शिकायत की कि उनके पति प्रकाश मेहता 7 फरवरी से गायब हैं।
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खौफनाक कॉल: मंगलवार को अचानक काजल के फोन पर प्रकाश का कॉल आया। उसने लड़खड़ाती आवाज में कहा कि उसका अपहरण हो गया है और उसे गिरिडीह के बगोदर इलाके में कैद करके रखा गया है।
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फिरौती की मांग: प्रकाश ने दावा किया कि किडनैपर्स ने उसे छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये मांगे हैं। इस सूचना ने कोडरमा पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
एसपी का एक्शन और 6 घंटे का 'क्लीन स्वीप'
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुदीप सिंह ने फौरन एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन का जाल बिछाया।
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बहनोई का घर बना सेफ हाउस: पुलिस की लोकेशन गिरिडीह के लक्षीबागी अटका गांव में प्रकाश के रिश्ते के बहनोई जयनारायण मेहता के घर की मिली।
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रंगेहाथों बरामद: जब पुलिस ने वहां छापेमारी की, तो प्रकाश मेहता वहां बिल्कुल सुरक्षित और आराम फरमाते मिले। किसी किडनैपर का नामोनिशान नहीं था। पुलिस के पहुंचते ही प्रकाश की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई।
कोडरमा फेक किडनैपिंग: मुख्य विवरण (Fraud Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मुख्य पात्र | प्रकाश मेहता (कथित अपहृत) |
| साजिश का कारण | ट्रक बिक्री और 15 लाख का वित्तीय विवाद |
| स्थान | जयनारायण मेहता (बहनोई) का घर, गिरिडीह |
| पुलिस की फुर्ती | मात्र 6 घंटे में केस का खुलासा |
| वर्तमान स्थिति | प्रकाश मेहता पुलिस हिरासत में, पूछताछ जारी |
कानूनी कार्रवाई की तैयारी: पुलिस को गुमराह करने का अंजाम
पूछताछ के दौरान प्रकाश मेहता ने कबूला कि उसने कर्जदारों और कानूनी दबाव से बचने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। एसपी अनुदीप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस का समय बर्बाद करने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के लिए प्रकाश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
झूठ के पांव नहीं होते
कोडरमा की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध की कहानी चाहे कितनी भी सलीके से लिखी जाए, पुलिस की नजर से बचना मुमकिन नहीं है। जिस पति के लिए पत्नी ने मंदिर और थाने के चक्कर लगाए, वह खुद ही अपनी बर्बादी का नाटक कर रहा था।
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