Jamshedpur Suicide : बिरसानगर में वर्दीधारी की पत्नी ने की आत्महत्या,भाई ने ससुराल वालों पर लगाए बड़े आरोप
जमशेदपुर के आस्था ट्वीन सिटी में बरखा अग्रवाल ने साड़ी के फंदे से फांसी क्यों लगाई? आत्महत्या के वक्त सिंगापुर में रहने वाला पति छुट्टी पर घर आया था या नहीं? मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप क्यों लगाया? पति मुकेश अग्रवाल ने आत्महत्या का कारण बताने से इंकार क्यों कर दिया? पुलिस की जांच में क्या बड़ा खुलासा होगा? पूरी जानकारी पढ़ें!
जमशेदपुर, 30 अक्टूबर 2025 – जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र के आल्मंड ब्लॉक स्थित आस्था ट्वीन सिटी में गुरुवार को एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। यहां एक विवाहिता महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान बर्खा अग्रवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी 2010 में मुकेश अग्रवाल से हुई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनका पति, जो सिंगापुर में नौकरी करता है, घटना के वक्त छुट्टी पर घर आया हुआ था। इस मामले में मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुट गई है।
मौत का वो रात: जब साड़ी का फंदा बना जीवललीला खत्म करने का कारण
जानकारी के अनुसार, बर्खा अग्रवाल अपने दो बच्चों के साथ जमशेदपुर में ही रहती थीं, जबकि उनके पति मुकेश अग्रवाल पिछले दो वर्षों से सिंगापुर में नौकरी कर रहे थे। घटना के समय मुकेश छुट्टी पर घर आए हुए थे।
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आत्महत्या का तरीका: मृतका के भाई वरुण अग्रवाल ने बताया कि उनकी बहन बर्खा ने गुरुवार रात को साड़ी के फंदे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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सूचना का देरी: वरुण ने बताया कि उन्हें इसकी सूचना ससुराल पक्ष की ओर से मिली। वे घाटशिला से तुरंत एक घंटे में मर्सी अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी बहन का शव पड़ा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मर्सी अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बहन के साथ ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था।
मायके पक्ष का गंभीर आरोप: प्रताड़ना का रहस्य
मृतका के भाई वरुण ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बहन ने ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाया है।
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अनहोनी की आशंका: भाई ने आशंका जताई कि बर्खा के साथ कुछ "अनहोनी" हुई है, जिसे ससुराल पक्ष के लोग जानबूझकर छिपा रहे हैं।
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घटना के समय कौन था घर पर? मायके पक्ष के अनुसार, घटना के वक्त घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। घर के सदस्य उनके मायके (घाटशिला) आ रहे थे। मृतका के बेटे ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद पड़ोसी और जेठानी के सहयोग से शव को उतारा गया और मर्सी अस्पताल ले जाया गया।
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पति की चुप्पी: जब बर्खा के पति मुकेश अग्रवाल से आत्महत्या के कारण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया। पति की यह चुप्पी संदेह को और भी गहरा करती है।
दहेज उत्पीड़न और पारिवारिक कलह से जुड़े मामले झारखंड में एक बड़ी सामाजिक समस्या रहे हैं। पुलिस के लिए यह जांच का विषय है कि क्या दूर रहने वाले पति और परिवार के बीच किसी तरह का मानसिक तनाव था।
पुलिस ने शुरू की जांच: दो बिल्डिंग की दूरी का रहस्य
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जांच का केंद्र: पुलिस अब आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। बर्खा के ससुराल वाले केवल दो बिल्डिंग छोड़कर रहते हैं, ऐसे में उनका अस्पताल में मौजूद न होना और पति का चुप्पी साधना कई संदेह पैदा करता है।
पुलिस जल्द ही मृतका के पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर सकती है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि आधुनिक जीवनशैली और दूरियों के बावजूद, पारिवारिक और भावनात्मक दबाव किस तरह से किसी की जान ले सकते हैं।
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