Burmamines Attack: ट्रेलर ओनर यूनियन अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर जानलेवा हमला, 20 नकाबपोशों ने सड़क पर घेरा, चक्का जाम से पहले खून से रंगी जमशेदपुर की राजनीति
जमशेदपुर में 11 फरवरी के चक्का जाम से ठीक पहले ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर हुए भीषण हमले की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप इस खूनी रंजिश और आंदोलन को कुचलने की साजिश के सच से पूरी तरह अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में ड्राइवरों के मानदेय की मांग को लेकर छिड़ा आंदोलन अब हिंसक मोड़ ले चुका है। 11 फरवरी को प्रस्तावित शहरव्यापी चक्का जाम हड़ताल से चंद घंटे पहले, मंगलवार की रात जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के यूनियन कार्यालय के पास हुई इस वारदात ने पूरे शहर के ट्रांसपोर्ट जगत में सनसनी फैला दी है। करीब 20 की संख्या में आए हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद जयकिशोर सिंह को गंभीर हालत में एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आधी रात का तांडव: सड़क पर बिछाई गई खून की बिसात
घटना मंगलवार रात की है जब जयकिशोर सिंह बर्मामाइंस स्थित यूनियन कार्यालय के पास मुख्य सड़क पर मौजूद थे।
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अचानक हमला: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 20 हमलावर अचानक वहां पहुंचे और जयकिशोर सिंह को घेर लिया।
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गंभीर चोटें: हमलावरों ने उन पर घातक हथियारों से वार किया, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
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अफरा-तफरी: हमले के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। मौके पर पहुंचे सहयोगियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
साजिश का आरोप: "आंदोलन को दबाने की कोशिश"
अस्पताल के बेड से जयकिशोर सिंह ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का अंदेशा जताया है। उन्होंने सीधे तौर पर अजित वर्मा (कंपनी पदाधिकारी) और टाटा कंपनी के कुछ वेंडरों पर हमला कराने का आरोप लगाया है। जयकिशोर सिंह का कहना है कि 11 फरवरी को होने वाले चक्का जाम को विफल करने और ड्राइवरों की आवाज को दबाने के लिए यह कायरतापूर्ण हमला किया गया है।
जमशेदपुर ट्रांसपोर्ट विवाद: मुख्य विवरण (Conflict Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| पीड़ित | जयकिशोर सिंह (अध्यक्ष, ट्रेलर ओनर यूनियन) |
| हमले का समय | मंगलवार रात (11 फरवरी की हड़ताल से पहले) |
| स्थान | बर्मामाइंस यूनियन कार्यालय के पास, मुख्य सड़क |
| आरोप | अजित वर्मा और कुछ वेंडरों पर साजिश का आरोप |
| हड़ताल की वजह | ड्राइवरों के उचित मानदेय (Salary) की मांग |
पुलिस की जांच और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना के बाद बर्मामाइंस और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शहर के तमाम ट्रेलर मालिक और ड्राइवर यूनियन एमजीएम अस्पताल में जुटने लगे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। हालांकि, इस हमले ने प्रस्तावित चक्का जाम की आग में घी डालने का काम किया है, और अब ड्राइवरों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
क्या थमेगा जमशेदपुर का चक्का?
जयकिशोर सिंह पर हुए इस हमले ने 11 फरवरी की हड़ताल को अब 'मान-सम्मान' की लड़ाई बना दिया है। क्या प्रशासन इस खूनी रंजिश के पीछे के चेहरों को बेनकाब कर पाएगा? यह सवाल अब हर जमशेदपुर वासी की जुबान पर है।
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