Tamar Murder: भाभी के प्यार में पागल देवर की खौफनाक मौत, चाय में जहर मिलाकर बुझा दिया घर का चिराग, तमाड़ में अवैध संबंधों के खूनी अंत से सनसनी
रांची के तमाड़ में शंकर नायक की मौत का सच जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। अपनी ही भाभी के साथ प्रेम-प्रसंग और फिर शादी की जिद ने कैसे एक हंसते-खेलते युवक को कब्र तक पहुँचा दिया, इसकी पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप रिश्तों के इस कत्ल से अनजान रह जाएंगे।
रांची/तमाड़, 10 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर कालिख पोत दी है। शंकर नायक हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने जिस सच से पर्दा उठाया है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। प्यार, धोखा और फिर बेरहमी से कत्ल—इस त्रिकोण ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में मृतक की सगी चचेरी भाभी और उसके पति (चचेरे भाई) को गिरफ्तार कर लिया है।
9 फरवरी की वह काली सुबह: चाय बनी 'मौत का प्याला'
घटना की शुरुआत 9 फरवरी को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम लोधमा में एक युवक ने जहर खा लिया है।
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अस्पताल में मौत: आनन-फानन में शंकर को जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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प्राथमिकी: मृतक के भाई सुकरा नायक के बयान पर गीता देवी और बलदेव मछुवा के खिलाफ केस दर्ज किया गया। शुरुआत में इसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों ने सच पकड़ लिया।
भाभी से इश्क और शादी की जिद बनी काल
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई वह चौंकाने वाली थी। करीब तीन साल पहले शंकर के माता-पिता की मौत हो गई थी। घर की बागडोर उसकी चचेरी भाभी गीता देवी के हाथों में थी।
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अवैध संबंध: घर की देखभाल के दौरान ही शंकर और उसकी भाभी गीता देवी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
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शादी का विरोध: हाल ही में शंकर ने अपने लिए लड़की देखनी शुरू की और शादी कर घर बसाने की इच्छा जताई। गीता देवी को यह मंजूर नहीं था कि शंकर उसे छोड़कर किसी और का हो जाए।
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साजिश: जब शंकर अपनी बात पर अड़ा रहा, तो गीता ने अपने पति बलदेव मछुवा के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और चाय में कीटनाशक (जहर) मिलाकर उसे पिला दिया।
तमाड़ हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक | शंकर नायक (निवासी: लोधमा, तमाड़) |
| मुख्य आरोपी | गीता देवी (भाभी) और बलदेव मछुवा (भाई) |
| वजह | अवैध संबंध और शादी करने की जिद |
| हथियार/तरीका | चाय में कीटनाशक दवा मिलाकर देना |
| पुलिस कार्रवाई | दोनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए |
दंपत्ति ने कबूला अपना गुनाह
तमाड़ थाना पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने आरोपी दंपत्ति ज्यादा देर तक टिक नहीं सके। गीता देवी ने स्वीकार किया कि वह शंकर के शादी करने के फैसले से इतनी आहत थी कि उसे जान से मारना ही एकमात्र विकल्प लगा। पुलिस ने उस बर्तन और कीटनाशक के अवशेषों को भी जब्त कर लिया है जिससे यह घिनौनी वारदात अंजाम दी गई।
रिश्तों के कत्ल की एक और दास्तान
शंकर नायक की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अवैध संबंधों का अंत हमेशा भयावह होता है। लोधमा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं, जहाँ एक भाभी ने अपनी ममता और मर्यादा को ताक पर रखकर मौत की चाय परोसी।
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