Surajkund Tragedy: सूरजकुंड मेले में मौत का तांडव, टूटकर गिरा आसमानी झूला, लोगों को बचाते हुए जांबाज इंस्पेक्टर शहीद और 13 घायल
फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में झूला गिरने से मची चीख-पुकार और लोगों की जान बचाते हुए पुलिस इंस्पेक्टर की शहादत की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस खौफनाक हादसे के पीछे की लापरवाही से अनजान रह जाएंगे।
फरीदाबाद, 7 फरवरी 2026 – हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार की शाम खुशियां मातम में बदल गईं। शाम करीब 6:15 बजे एक बड़ा हादसा उस वक्त हुआ जब मेले में लगा एक विशाल झूला (जॉयराइड) तकनीकी खराबी के बाद ऊंचाई से नीचे आ गिरा। इस दिल दहला देने वाले हादसे में घायलों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मेले में मची अफरा-तफरी और चीख-पुकार ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन झटके और फिर मौत का शोर: प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
हादसे के वक्त मेले में हजारों की भीड़ मौजूद थी। चश्मदीदों के अनुसार, शाम सवा छह बजे के करीब झूला अपनी पूरी रफ्तार पर था।
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तकनीकी खराबी: अचानक झूले में झटके लगने शुरू हुए।
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टूटकर गिरा झूला: दर्शकों ने बताया कि पहला और दूसरा झटका लगने के बाद जैसे ही तीसरा तेज झटका लगा, झूले का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे जमीन पर आ गिरा।
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चीख-पुकार: झूले में सवार लोग और नीचे खड़े दर्शक मलबे की चपेट में आ गए। देखते ही देखते हंसता-खेलता मेला मैदान जंग के मैदान में तब्दील हो गया।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद: दूसरों को बचाते हुए दी कुर्बानी
फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किया गया। ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाल रहे थे, तभी जॉयराइड का एक भारी हिस्सा उनके सिर और चेहरे पर आ गिरा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी इस शहादत ने पुलिस महकमे और जनता की आंखों में आंसू ला दिए हैं।
सूरजकुंड मेला हादसा: मुख्य विवरण (Tragedy Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| समय और स्थान | शनिवार शाम 6:15, सूरजकुंड मेला परिसर |
| हादसे का कारण | जॉयराइड का तकनीकी फेलियर और टूटना |
| कैजुअल्टी | इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (शहीद), 13 घायल |
| दूसरा हादसा | गेट नंबर-2 के पास बुंदेलखंड गेट गिरा (1 घायल) |
| प्रशासनिक कार्रवाई | ऑपरेटर के खिलाफ FIR और इलाके की बैरिकेडिंग |
एक ही दिन में दो अनहोनी: बुंदेलखंड गेट भी गिरा
झूला गिरने के सदमे से लोग उबरे भी नहीं थे कि गेट नंबर-2 के पास बना बुंदेलखंड गेट भी धराशायी हो गया। बताया जा रहा है कि गेट पहले से हिल रहा था और उसे ठीक करने का काम चल रहा था, तभी वह गिर गया। इसकी चपेट में आने से सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा घायल हो गए।
सख्त कार्रवाई के निर्देश: ऑपरेटर पर गिरेगी गाज
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जॉयराइड ऑपरेटर के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है। घायलों को चार्मवुड विलेज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ 2-3 लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
लापरवाही की जवाबदेही तय हो
सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की लापरवाही सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है। क्या मशीनों की फिटनेस जांच केवल कागजों पर हुई थी? शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का बलिदान इस सिस्टम के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है।
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