Bihra Election 2025 Latest News : बिहार चुनाव में बड़ा उलटफेर! VIP का दबाव, कांग्रेस-RJD में खींचतान, मुकेश सहनी की चाल... NDA को मिलेगा फायदा?

क्या महागठबंधन की सीट बंटवारे की उलझन NDA को बना देगी विजेता? कांग्रेस और RJD के बीच सीटों को लेकर खिंचतान जारी, जबकि VIP उपमुख्यमंत्री पद की मांग से बना रहा है दबाव। जानें बिहार चुनाव 2025 की पूरी जंग की कहानी।

Oct 17, 2025 - 12:15
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Bihra Election 2025 Latest News : बिहार चुनाव में बड़ा उलटफेर! VIP का दबाव, कांग्रेस-RJD में खींचतान, मुकेश सहनी की चाल... NDA को मिलेगा फायदा?
Bihra Election 2025 Latest News : बिहार चुनाव में बड़ा उलटफेर! VIP का दबाव, कांग्रेस-RJD में खींचतान, मुकेश सहनी की चाल... NDA को मिलेगा फायदा?

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन का आज अंतिम दिन है और राज्य की सियासत गर्मा गई है। एक तरफ जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने अधिकांश उम्मीदवारों के नामांकन पत्र दाखिल करवा दिए हैं, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन सीट बंटवारे की जंग में उलझा नजर आ रहा है। इस उलझन का सीधा फायदा NDA को मिलता दिख रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और राजद (RJD) के बीच कई अहम सीटों को लेकर अब भी सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस 2020 के चुनाव की तरह इस बार भी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई है, लेकिन राजद और वामदल इसके लिए तैयार नहीं हैं। चर्चा है कि एक प्रस्ताव के तहत राजद को 136, कांग्रेस को 61, वाम दलों को 31 और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को 15 सीटें दी जा सकती हैं। लेकिन यह फॉर्मूला अभी अंतिम नहीं हुआ है।

महागठबंधन में दरार: कांग्रेस बनाम राजद

महागठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती सीटों का बंटवारा है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है और पिछले तीन साल से तेजस्वी यादव के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चली है। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस, राजद द्वारा दिए गए आश्वासन के चक्कर में अपने मजबूत वोट बैंक को खोखला कर देगी? कांग्रेस की इस रणनीति से RJD को भी अपने गहरे वोट बैंक को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

VIP और मुकेश सहनी का दबाव का खेल

महागठबंधन की मुश्किलें सिर्फ यहीं खत्म नहीं होतीं। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और उसके नेता मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर गठबंधन पर दबाव बना रहे हैं। यह मांग सीट बंटवारे की पूरी समीकरण को बिगाड़ सकती है। मुकेश सहनी की यह चाल अपने मलाह वोट बैंक को बचाने और राजनीतिक हैसियत बनाए रखने की एक स्ट्रैटेजी के तौर पर देखी जा रही है। अगर महागठबंधन उनकी मांग नहीं मानता, तो VIP के NDA में वापस जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, जो चुनावी रंगमंच को पूरी तरह बदल सकती हैं।

वामदलों ने दिखाई तैयारी, NDA को मिल रहा फायदा

इस पूरे घमासान में वामदलों (CPI आदि) की स्थिति थोड़ी स्पष्ट दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वामदलों के 80% से ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन कर दिया है, जो उनकी तैयारी को दर्शाता है। हालांकि, महागठबंधन में हो रही उठापटक का सीधा फायदा NDA को मिल रहा है। NDA के सभी घटक दलों ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है और 60% से अहम उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। यह गठबंधन अनुशासन और रणनीतिक तैयारी में महागठबंधन से कई कदम आगे नजर आ रहा है।

किसके खाते में जाएगा 'वोट का फायदा'?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि महागठबंधन की इस उधेड़बुन और आंतरिक कलह का वोट का फायदा अंततः किसे मिलेगा? क्या NDA इसका पूरा लाभ उठा पाएगी? या फिर जन सुरज पार्टी जैसे नए खिलाड़ी इस जंग में हैरान करने वाला रोल अदा करेंगे? नामांकन के अंतिम दिन की यह घटनाक्रम बता रहा है कि बिहार चुनाव 2025 का यह सफर बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित मोड़ लेने वाला है। अगले कुछ दिन सीट बंटवारे पर अंतिम फैसले के होंगे, जो चुनाव के नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।