US Visa: सख्त पाबंदी, अमेरिका ने 75 देशों के लिए रोकी वीजा प्रोसेसिंग, ज्यादा वजन और उम्र वालों की एंट्री पर खतरा
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने भारत समेत 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर अचानक रोक लगाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ज्यादा उम्र, खराब स्वास्थ्य और 'पब्लिक चार्ज' बनने की संभावना वाले आवेदकों पर होने वाली इस बड़ी स्ट्राइक की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी यूएस इमिग्रेशन के इन नए और कड़े नियमों को जानने से चूक जाएंगे।
वॉशिंगटन डीसी, 14 जनवरी 2026 – नए साल की शुरुआत के साथ ही अमेरिका जाने का सपना देख रहे लाखों लोगों को एक जबरदस्त झटका लगा है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए दुनिया के 75 देशों के लिए सभी वीजा प्रोसेसिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला उन आवेदकों को फिल्टर करने के लिए लिया गया है जिनके भविष्य में अमेरिका पर 'पब्लिक चार्ज' (Public Charge) यानी सरकारी बोझ बनने की संभावना है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के प्रभाव वाली इस नई नीति के तहत काउंसलर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) करें और संदिग्ध आवेदकों को वीजा देने से साफ मना कर दें।
21 जनवरी से 'नो एंट्री': इन देशों पर गिरी गाज
वीजा प्रोसेसिंग पर यह पाबंदी 21 जनवरी 2026 से लागू होने जा रही है। पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक स्टेट डिपार्टमेंट अपनी नई असेसमेंट प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता।
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प्रभावित देश: इस लिस्ट में रूस, ब्राजील, ईरान, मिस्र, नाइजीरिया, थाईलैंड, इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे 75 बड़े देश शामिल हैं।
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कड़ा निर्देश: नवंबर 2025 में ही दूतावासों को संकेत दे दिए गए थे, लेकिन अब इसे एक 'सख्त कानून' के रूप में लागू किया जा रहा है।
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उद्देश्य: अमेरिकी सरकार का स्पष्ट मानना है कि वे केवल उन लोगों को देश में आने देंगे जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं और अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
वजन और अंग्रेजी भी बनेगी बाधा: स्क्रीनिंग के नए मापदंड
अब केवल पासपोर्ट और बैंक बैलेंस दिखाना काफी नहीं होगा। नए नियमों के तहत आपकी शारीरिक स्थिति और भाषा पर पकड़ भी वीजा मिलने का आधार बनेगी।
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स्वास्थ्य और वजन: अगर आवेदक की उम्र ज्यादा है या उसका वजन (Obesity) सामान्य से अधिक है, तो अधिकारी उसे वीजा देने से मना कर सकते हैं। इसके पीछे तर्क यह है कि ऐसे लोग लंबे समय तक मेडिकल केयर की जरूरत पड़ने पर अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ बन सकते हैं।
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अंग्रेजी में दक्षता: आवेदक की अंग्रेजी बोलने और समझने की क्षमता को भी परखा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अमेरिका में जाकर रोजगार करने के लायक है।
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पिछला रिकॉर्ड: यदि किसी आवेदक ने पहले कभी सरकारी कैश सहायता ली है या वह किसी संस्था (Institutionalization) में रहा है, तो उसके लिए अमेरिका के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं।
यूएस वीजा पाबंदी: मुख्य विवरण (US Visa Freeze Snapshot)
| नियम (Rule) | विवरण (Details) |
| प्रभावी तिथि | 21 जनवरी 2026 |
| कुल प्रभावित देश | 75 देश (रूस, ब्राजील, मिस्र आदि शामिल) |
| मुख्य कारण | पब्लिक चार्ज (Public Charge) से बचाव |
| अयोग्यता के आधार | खराब स्वास्थ्य, अधिक वजन, कम आय, खराब अंग्रेजी |
| अधिकारी का बयान | "अमेरिकी लोगों की दरियादिली का फायदा नहीं उठाने देंगे" |
इतिहास का पन्ना: 'पब्लिक चार्ज' और 1882 का इमिग्रेशन एक्ट
अमेरिका में 'पब्लिक चार्ज' का सिद्धांत कोई नया नहीं है, लेकिन इसकी व्याख्या समय-समय पर बदलती रही है। इसका इतिहास 1882 के इमिग्रेशन एक्ट से जुड़ा है, जब पहली बार अमेरिकी कांग्रेस ने उन लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई थी जो "अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ" थे। 1990 के दशक में क्लिंटन प्रशासन के दौरान भी इस नियम को सख्त किया गया था। हालांकि, 2026 में लागू हो रहे ये नियम इतिहास के सबसे कठोर संस्करण माने जा रहे हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब अमेरिका में आर्थिक राष्ट्रवाद बढ़ता है, तब-तब 'पब्लिक चार्ज' जैसे नियमों का इस्तेमाल इमिग्रेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता रहा है। नवंबर 2025 के गाइडेंस ने उसी पुराने कानून को आधुनिक 'डिजिटल और मेडिकल स्क्रीनिंग' से जोड़कर एक अभेद्य दीवार खड़ी कर दी है।
"दरियादिली का फायदा नहीं उठाने देंगे" — स्टेट डिपार्टमेंट
स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने अपने बयान में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विभाग अपनी पुरानी शक्तियों (Statutory Authority) का इस्तेमाल कर उन इमिग्रेंट्स को बाहर रखेगा जो अमेरिका पर बोझ बन सकते हैं। सरकार का तर्क है कि अमेरिका की उदारता केवल उन लोगों के लिए है जो देश की प्रगति में योगदान दे सकें, न कि उन लोगों के लिए जो पहुँचते ही सरकारी लाभों की कतार में लग जाएं।
वैश्विक स्तर पर मचेगी खलबली
अमेरिका के इस कदम से न केवल पर्यटन प्रभावित होगा, बल्कि वर्क वीजा (H-1B) और फैमिली इमिग्रेशन पर भी गहरा असर पड़ेगा। 75 देशों के लाखों आवेदकों के लिए अब 'अमेरिकन ड्रीम' एक कठिन परीक्षा बन चुका है।
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