Mango Clash: मानगो में बवाल, घर के सामने गाड़ी खड़ी करने पर भिड़े सगे संबंधी, थप्पड़ चलते ही सड़क पर बहा खून
जमशेदपुर के मानगो रोड नंबर 1 में पार्किंग को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। घर के दरवाजे पर गाड़ी खड़ी करने के मामूली विवाद में चाचा-भतीजे और सगे संबंधियों के बीच हुई मारपीट की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
जमशेदपुर/मानगो, 3 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का सबसे व्यस्त इलाका मानगो मंगलवार की शाम एक पारिवारिक और पड़ोसी विवाद की भेंट चढ़ गया। रोड नंबर 1 में महज एक वाहन खड़ा करने (पार्किंग) को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया। सगे संबंधियों के बीच हुए इस 'सड़क युद्ध' में जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुँच गया है। इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले मानगो की संकरी गलियों में पार्किंग की समस्या और बढ़ते आक्रोश को उजागर कर दिया है।
विवाद की जड़: मुख्य दरवाजे पर खड़ी गाड़ी
घटना शाम करीब 6 बजे की है जब इलाके में काफी चहल-पहल थी। पीड़ित इमामुल अली के अनुसार, विवाद की शुरुआत उनके बड़े भाई शौकत अली के दामाद द्वारा वाहन पार्क करने के तरीके को लेकर हुई।
-
रास्ते का अवरोध: आरोप है कि शौकत अली के दामाद अक्सर अपनी गाड़ी इमामुल अली के घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने खड़ी कर देते थे। इससे घर में आने-जाने वालों को भारी असुविधा होती थी।
-
थप्पड़ और बवाल: मंगलवार शाम जब इसी बात पर आपत्ति जताई गई, तो बहस बढ़ गई। इमामुल का दावा है कि उनके बड़े भाई शौकत अली ने बाहर आकर आवेश में अपने भतीजे को थप्पड़ जड़ दिया। इस एक थप्पड़ ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते दोनों ओर से लात-घूंसे चलने लगे।
इतिहास का पन्ना: मानगो की तंग गलियां और पार्किंग का 'जंग'
मानगो का इतिहास 1970 और 80 के दशक से जुड़ा है, जब यह क्षेत्र जमशेदपुर के एक प्रमुख आवासीय विस्तार के रूप में उभरा। उस दौर में सड़कों की चौड़ाई आज की बढ़ती गाड़ियों की संख्या के हिसाब से तय नहीं की गई थी।
इतिहास गवाह है कि मानगो रोड नंबर 1 से लेकर आजाद नगर तक की गलियों में 'पार्किंग' हमेशा से विवाद का मुख्य केंद्र रही है। पिछले 5 सालों में जमशेदपुर पुलिस के पास दर्ज होने वाले 'पड़ोसी विवादों' में 40% मामले केवल गाड़ी खड़ी करने को लेकर होते हैं। 2026 की यह घटना दर्शाती है कि शहर में वाहनों की संख्या तो बढ़ गई, लेकिन लोगों के बीच आपसी धैर्य (Tolerance) कम होता जा रहा है।
एमजीएम में भर्ती: पुलिस के पास पहुँचा मामला
झड़प इतनी गंभीर थी कि इमामुल अली को चोटें आईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का मुआयना किया और उन्हें भर्ती कर लिया।
-
थाने में शिकायत: इमामुल पक्ष की ओर से मानगो थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
-
दूसरा पक्ष मौन: पुलिस ने जब दूसरे पक्ष (शौकत अली) से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है।
-
पुलिस की पैनी नजर: मानगो थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इलाके में दोबारा तनाव न बढ़े, इसके लिए पुलिस की गश्ती टीम को सक्रिय कर दिया गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| स्थान | रोड नंबर 1, मानगो (जमशेदपुर) |
| वक्त | मंगलवार शाम, 6:00 बजे |
| विवाद का कारण | दरवाजे के सामने अवैध पार्किंग |
| घायल | इमामुल अली (MGM में भर्ती) |
पार्किंग विवाद: एक बढ़ती सामाजिक समस्या
मानगो जैसे घने इलाकों में लोग अपने घरों के सामने की सड़क को निजी संपत्ति समझने लगते हैं, जो अक्सर पड़ोसियों के बीच रंजिश का कारण बनता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन पार्किंग के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाता, तो छोटे-छोटे झगड़े इसी तरह बड़ी हिंसा का रूप लेते रहेंगे।
सुलगता हुआ पड़ोस
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश कर रही है। इमामुल अली की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज या चश्मदीदों के आधार पर यह तय करेगी कि हमले की शुरुआत किसने की। मानगो रोड नंबर 1 में फिलहाल शांति है, लेकिन दो परिवारों के बीच रिश्तों की दरार अब कानून की दहलीज तक पहुँच चुकी है।
What's Your Reaction?


