Jamshedpur Surrender: ढाई माह बाद कोर्ट में आया कन्हैया हत्याकांड का मुख्य आरोपी, पुलिस ने मांगी रिमांड
गोलमुरी में फल कारोबारी कन्हैया यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रदीप पाठक उर्फ बिल्ला पाठक ढाई माह बाद कोर्ट में सरेंडर किया, पुलिस ने मांगी रिमांड।
Jamshedpur Big Break: जमशेदपुर के गोलमुरी में 12 फरवरी को दिनदहाड़े समाजसेवी व फल कारोबारी कन्हैया यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले का मुख्य आरोपी प्रदीप पाठक उर्फ बिल्ला पाठक ढाई महीने से फरार था। गुरुवार को उसने जमशेदपुर न्यायालय में सिविल जज टू के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
लगातार छापेमारी के दबाव में आया आरोपी
पुलिस के अनुसार, बिल्ला पाठक को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। पुलिस लगातार उसके करीब पहुंच रही थी। इसी दबाव में आकर बिल्ला ने कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया। पुलिस का कहना है कि वह आरोपी को रिमांड पर लेगी। रिमांड के बाद पूछताछ में कन्हैया हत्याकांड के कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
क्यों चर्चित है गोलमुरी और टिनप्लेट इलाका?
जमशेदपुर का गोलमुरी इलाका शहर के सबसे पुराने और व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक है। टिनप्लेट स्पोर्ट्स कंप्लेक्स मैदान यहाँ स्थित है, जो कभी टाटा टिनप्लेट कंपनी के कर्मचारियों के खेलकूद का केंद्र हुआ करता था। ब्रिटिश काल में यह इलाका कंपनी अधिकारियों के बंगलों के लिए जाना जाता था। आज यह घनी आबादी वाला मिश्रित आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्र है। पिछले कुछ वर्षों में इस इलाके में कई संगठित अपराध की वारदातें हुई हैं। कन्हैया यादव की हत्या ने इस इलाके के बदलते स्वरूप पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टहलने गए थे, गोलियों से छलनी हो गए
कन्हैया यादव फल कारोबारी थे और समाज सेवा में भी जुटे रहते थे। 12 फरवरी की सुबह वह अपने दोस्त रंजीत शर्मा के साथ टहलने के लिए टिनप्लेट स्पोर्ट्स कंप्लेक्स मैदान पहुंचे थे। करीब 11 बजे जब वह घर लौटने के लिए बाइक स्टार्ट कर रहे थे, तभी चार बदमाश वहाँ पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कन्हैया को पांच गोलियां लगीं – एक सिर के पीछे, दो सीने में, एक पीठ पर और एक दाहिने हाथ में।
टीएमएच में 9 घंटे संघर्ष, फिर तोड़ा दम
घटना के बाद कन्हैया को तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया। डॉक्टरों ने 9 घंटे तक उनके जीवन को बचाने का प्रयास किया। लेकिन उनकी हालत बेहद नाजुक थी। शाम को सीसीयू में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हत्याकांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था।
पुलिस पर लगाया था काम न करने का आरोप
कन्हैया की हत्या के बाद यादव समाज के लोग सड़क पर उतर आए थे। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि कन्हैया ने अपनी जान को खतरे की शिकायत पुलिस से पहले ही कर दी थी। कई दिनों से उसे धमकी दी जा रही थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस समय पर एक्शन लेती, तो शायद कन्हैया की जान बच सकती थी।
पुलिस को बिल्ला से क्या-क्या खुलासे की उम्मीद?
पुलिस अब बिल्ला पाठक को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पूछताछ से कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है:
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हत्या की साजिश किसने रची?
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चारों बदमाश कौन थे और अब कहाँ हैं?
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हत्या में इस्तेमाल हथियार कहाँ से आए?
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किसने दी थी धमकी और क्यों?
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क्या इस मामले में और भी लोग शामिल हैं?
पुलिस का कहना है कि बिल्ला से पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
गिरफ्तारी से लोगों में राहत, फिर भी सवाल बरकरार
बिल्ला पाठक के सरेंडर से मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन फिर भी सवाल बरकरार है – कि आखिर ढाई महीने तक बिल्ला कहाँ छिपा था? किसने उसे शरण दी? पुलिस इस मामले में भी जांच कर रही है। फिलहाल बिल्ला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी।
आपकी राय क्या है – क्या बिल्ला पाठक को पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए भेजा जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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