Ramgarh Truck Rollover: चुटूपालू घाटी में मेटल शीट से लदा ट्रक पलटा, फोरलेन पर घंटों जाम
चुटूपालू घाटी में मेटल शीट से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, रांची-रामगढ़ फोरलेन पर घंटों जाम, चालक हल्के घायल।
Ramgarh Highway Horror: रामगढ़ जिले की चुटूपालू घाटी में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। मेटल शीट से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। देखते ही देखते सड़क पर खुली मेटल शीट बिखर गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रांची-रामगढ़ फोरलेन हाईवे पर करीब 2 घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।
पलटते ही बिखर गईं मेटल शीट, आसपास के लोग दौड़े
हादसा गुरुवार को चुटूपालू घाटी में हुआ। ट्रक मेटल शीट से लदा हुआ था। जैसे ही ट्रक पलटा, मेटल शीट सड़क पर बिखर गईं। कुछ शीट सड़क किनारे गिरीं, तो कुछ दूर तक जा बिखरीं। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। हालांकि चालक को हल्की चोटें आई हैं। किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। यह बड़ी राहत की बात है, क्योंकि अगर ट्रक किसी दूसरे वाहन से टकराता या फिर कोई व्यक्ति उस समय वहाँ से गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
क्यों खतरनाक मानी जाती है चुटूपालू घाटी?
रामगढ़ की चुटूपालू घाटी झारखंड के सबसे पुरानी और संवेदनशील घाटियों में से एक है। ब्रिटिश काल में यहाँ कोयला परिवहन के लिए सड़कें बनाई गई थीं। चुटूपालू का नाम यहाँ बहने वाली छोटी नदी के कारण पड़ा। यह घाटी अपने तीखे मोड़ों और खड़ी ढलानों के लिए जानी जाती है। पहले यहाँ की सड़कें बेहद संकरी हुआ करती थीं। फोरलेन बनने के बाद भी यह घाटी दुर्घटनाओं का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुटूपालू में हर महीने कम से कम एक बड़ा हादसा होता है। तेज रफ्तार और अनियंत्रित भारी वाहन यहाँ की सबसे बड़ी समस्या है।
फोरलेन पर दोनों ओर ठप रहा यातायात
ट्रक पलटने के बाद मेटल शीट सड़क पर बिखर गईं। सुरक्षा कारणों से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। रांची से रामगढ़ जाने वाले और रामगढ़ से रांची आने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। लंबी लाइनें लग गईं। लोग धूप में फंसे रहे। कई लोगों के आपातकालीन काम अटक गए। करीब 2 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रक, बहाल हुआ यातायात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले सड़क को दोनों छोर से सील किया। फिर क्रेन बुलवाई गई। काफी मशक्कत के बाद पलटे ट्रक को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया। मेटल शीट्स को सड़क से हटाने का काम भी किया गया। इसके बाद धीरे-धीरे हाईवे पर यातायात फिर से शुरू कराया गया।
चालक हल्के घायल, बड़ा हादसा टला
हादसे में ट्रक का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक को हल्की चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने उसे निकाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। ड्राइवर की जान बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था। प्रशासन ने राहत जताई है कि इस हादसे में किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
एक बार फिर उठा सवाल – कब होंगे हादसे कम?
चुटूपालू घाटी के आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि यहाँ स्पीड ब्रेकर, रडार या स्पीड कैमरे लगाए जाएं। भारी वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाए जाएं। लेकिन हर बार हादसे के बाद सब कुछ ठीक होने के बाद फिर से वैसा ही हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना चाहिए, न कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की
प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे चुटूपालू घाटी जैसे संवेदनशील इलाकों में सावधानी से वाहन चलाएं। तेज रफ्तार से बचें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक क्यों अनियंत्रित हुआ।
आपकी राय क्या है – क्या चुटूपालू घाटी में भारी वाहनों के लिए अलग समय निर्धारित किया जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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