Jamshedpur Wood Fire: बुधवार को बुझी थी आग, दबी चिंगारी ने गुरुवार को लकड़ी टाल में फिर मचाई तबाही
Jamshedpur Fire: मानगो NH-33 पर लकड़ी टाल में लगातार दूसरे दिन भीषण आग, बुधवार को बुझी आग की दबी चिंगारी ने गुरुवार को लपट दिखायी, लाखों का नुकसान।
Jamshedpur Shocker: जमशेदपुर के मानगो स्थित नेशनल हाईवे 33 पर टेलीफोन एक्सचेंज के बगल में एक लकड़ी टाल में गुरुवार दोपहर बाद भीषण आग लग गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बुधवार को इसी लकड़ी टाल में आग लगी थी और उसे बुझा दिया गया था। लेकिन अब आशंका जताई जा रही है कि वहाँ कोई चिंगारी दबी रह गई, जिसने धीरे-धीरे सुलग कर गुरुवार को भयंकर आग का रूप ले लिया।
बुधवार को भी लगी थी आग, गुरुवार को फिर से भड़की
विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह ने बताया कि बुधवार को स्वयं इसी लकड़ी टाल में आग लगी थी। उनकी सूचना पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी पहुंची और आग बुझा दी गई थी। सब कुछ ठीक लग रहा था। लेकिन गुरुवार दोपहर बाद अचानक फिर से लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आशंका है कि बुधवार की आग की कोई चिंगारी कहीं दबी रह गई थी, जिसने सूखी लकड़ियों को सुलगाते हुए गुरुवार को जबरदस्त विस्फोट का रूप ले लिया।
लकड़ी टाल में धड़ाधड़ गिर रहे टुकड़े, लाखों का नुकसान
आग इतनी तीव्र थी कि लकड़ी के ढेर एक-एक करके जलने लगे। सूखी लकड़ियों के कारण आग ने और तेजी पकड़ ली। आसपास के लोगों के होश उड़ गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि लकड़ी टाल में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। मालिक को भारी आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आसपास के अन्य गोदामों तक आग पहुंच जाती, तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
लोगों ने पानी डालकर बुझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर पाए काबू
जैसे ही आग लगी, आसपास के लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। लेकिन सूखी लकड़ियों और पानी की कमी के कारण वह कामयाब नहीं हो पाए। आग धीरे-धीरे बढ़ने लगी और फिर भीषण रूप ले लिया। तब लोगों ने विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह और अग्निशमन विभाग को सूचना दी।
पप्पू सिंह ने फौरन उठाया कदम
घटना की जानकारी मिलने पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के प्रतिनिधि पप्पू सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने फौरन मानगो नगर निगम के अधिकारियों को सूचना दी और अग्निशमन विभाग को बुलाया। उनकी त्वरित सूचना के बाद ही दमकल की गाड़ी समय पर मौके पर पहुंच सकी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी इसी तरह से कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब लगता है कोई चिंगारी बच गई थी।
क्यों खास है मानगो का NH-33 और टेलीफोन एक्सचेंज इलाका?
जमशेदपुर का मानगो इलाका शहर के सबसे व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक है। NH-33 जमशेदपुर को रांची और कोलकाता से जोड़ने वाली मुख्य धमनी है। यहाँ स्थित टेलीफोन एक्सचेंज कभी पूरे कोल्हान क्षेत्र की संचार लाइफलाइन हुआ करता था। आज यह इलाका घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र है। लकड़ी के बड़े गोदाम और फर्नीचर इकाइयाँ यहाँ दशकों से काम कर रही हैं। लेकिन सुरक्षा के मानकों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। बुधवार-गुरुवार की दो दिनों में दो बार लगी आग ने इस इलाके में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दमकल की गाड़ी पहुंची, बुझाने के प्रयास जारी
सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार करके आग को फैलने से रोकने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आग बुझ जाएगी।
एक इलाके में दो दिन में दो बार आग – कहीं कोई बड़ी साजिश तो नहीं?
स्थानीय लोगों में सवाल उठने लगा है कि एक ही लकड़ी टाल में दो दिनों में दो बार आग कैसे लग सकती है? क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना है या फिर कोई जानबूझकर किया गया कृत्य? पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आपकी राय क्या है – क्या लकड़ी गोदामों के लिए अग्निशमन उपकरण अनिवार्य होने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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