Hazaribag Fire Crash: इटखोरी मोड़ पर टेलर और ट्रक की भीषण टक्कर, कोल्ड ड्रिंक्स की पेटियां जलकर खाक
इटखोरी मोड़ पर टेलर और ट्रक की भीषण टक्कर, दोनों में लगी आग, कोल्ड ड्रिंक्स की सैकड़ों पेटियां जलकर राख, चालक-खलासी फरार।
Hazaribag Highway Horror: हजारीबाग के पद्मा ओपी अंतर्गत इटखोरी मोड़ के पास गुरुवार को एक ऐसा हादसा हुआ कि देखते ही देखते दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। एक टेलर और एक ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेलर के इंजन में तुरंत आग लग गई। ट्रक में लदी कोल्ड ड्रिंक्स की सैकड़ों पेटियां जलकर राख हो गईं। आग की लपटों को देखकर आसपास के लोगों के होश उड़ गए।
टक्कर के बाद टेलर का इंजन फटा, ट्रक का आधा हिस्सा जला
टक्कर इतनी भीषण थी कि टेलर के इंजन में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते पूरा अगला हिस्सा जलकर राख हो गया। वहीं ट्रक का भी आधा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। ट्रक में लदे कोल्ड ड्रिंक्स की कई पेटियां भी आग का शिकार हो गईं। सोडा, कोला, जूस – सब कुछ जलकर लोहे के टुकड़ों में तब्दील हो गया। घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों तरफ घंटों लंबा जाम लग गया।
चालक-खलासी ने वाहन छोड़कर बचाई जान, फरार हुए
हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों के चालक और खलासी ने वाहन छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। आग इतनी तेज थी कि उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। हालांकि इससे उनकी जान बच गई। पुलिस अब उनकी पहचान करने में जुटी है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि चालक शराब के नशे में थे या फिर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण यह हादसा हुआ।
समय पर पहुंची दमकल, बचा लिया पूरा ट्रक जलने से
सूचना मिलते ही पद्मा ओपी प्रभारी और इचाक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया। समय पर दमकल की गाड़ी पहुंचने से आग पर काबू पा लिया गया। अगर फायर ब्रिगेड थोड़ी देर से आती, तो पूरा ट्रक और उसमें लदा पूरा सामान जलकर राख हो जाता। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।
क्यों खास है इटखोरी मोड़ और हजारीबाग?
हजारीबाग अपने ठंडे मौसम और हजारों बागों के लिए मशहूर है। ब्रिटिश काल में यह अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। इटखोरी मोड़ हजारीबाग-पटना मुख्य मार्ग पर स्थित है। यह रास्ता पहाड़ी और घुमावदार है, जहाँ बड़े वाहनों के लिए नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। यहाँ एक स्पीड ब्रेकर और साइनेज बोर्ड लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
लाखों का सामान जलकर राख
ट्रक में कोल्ड ड्रिंक्स का बड़ा कंसाइनमेंट था। ट्रक के आधे हिस्से में आग लगने से सैकड़ों पेटियां पूरी तरह से जल गईं। अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी को करीब 5-7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। टेलर का इंजन पूरी तरह से जल गया, जिससे उसके मालिक को भी भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
चालकों की तलाश, हादसे के कारणों की जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। क्या यह हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ? क्या चालकों को झपकी आ गई थी? क्या वाहनों में कोई तकनीकी खराबी थी? इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फरार चालकों और खलासियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं।
पुलिस ने लोगों से सड़क पर सतर्कता बरतने की अपील की
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर हमेशा सतर्कता बरतें और ओवरलोडिंग से बचें। तेज रफ्तार और लापरवाही ही ऐसे हादसों का मुख्य कारण होती है। लोगों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि वे फरार चालकों के बारे में कोई जानकारी रखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
आपकी राय क्या है – क्या घुमावदार मोड़ों पर स्पीड गवर्नर जरूरी होना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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