Seraikela Tempo Crash: बड़ाककाड़ा मोड़ पर टेंपो ने दो बाइकों को मारी टक्कर, चार घायल, पुलिसकर्मी भी शामिल
बड़ाककाड़ा मोड़ पर तेज रफ्तार टेंपो ने दो बाइकों को मारी टक्कर, चार युवक गंभीर घायल, सड़क के गड्ढे बने हादसे की वजह, जमशेदपुर रेफर।
Seraikela Shocker: टाटा मुख्य मार्ग एक बार फिर बदहाल सड़क और प्रशासनिक लापरवाही का शिकार बन गया। बड़ाककाड़ा मोड़ के पास रविवार शाम एक तेज रफ्तार टेंपो ने दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल सरायकेला पुलिस केंद्र में पदस्थापित है। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरातफरी मच गई।
How It Happened: रविवार शाम हुआ भीषण हादसा
घटना रविवार शाम की है। टाटा मुख्य मार्ग पर बड़ाककाड़ा मोड़ के पास तेज रफ्तार में आ रहे एक टेंपो ने दो बाइकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
चार युवक घायल, एक है पुलिसकर्मी
घायलों की पहचान हुई:
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प्रदीप प्रधान
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एचके महतो
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राजकुमार ग्वाला
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दीपक गागराई
दीपक गागराई सरायकेला पुलिस केंद्र में पदस्थापित हैं। वह ड्यूटी से लौट रहे थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ। साथी युवक भी उनके साथ थे। घटना के बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भिजवाया। इसके बाद वह अस्पताल भी पहुंचे और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। उनकी तत्परता से घायलों को समय पर इलाज मिल सका।
टेंपो और बाइकें जब्त, चालक फरार
सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना में शामिल टेंपो और दोनों बाइकों को जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि टेंपो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
घायलों की नाजुक हालत, जमशेदपुर रेफर
सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चारों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके इलाज में जुटी है।
सड़क के गड्ढे बने ‘मौत के गड्डे’
स्थानीय लोगों ने इस हादसे की जिम्मेदारी सड़क की जर्जर हालत पर डाली है। बड़ाककाड़ा मोड़ पर सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। तेज रफ्तार वाहन इन गड्ढों में फंसकर अनियंत्रित हो जाते हैं। इस बार भी टेंपो चालक ने शायद गड्ढे से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो दिया और बाइक से जा टकराया।
ऐतिहासिक मार्ग, विकास की दौड़ में पिछड़ा
सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग सदियों से यहाँ के लोगों की जीवन रेखा रहा है। यह रास्ता कभी ग्रैंड ट्रंक रोड के वैकल्पिक मार्गो में से एक हुआ करता था। लेकिन पिछले कुछ दशकों में इस सड़क की दशा लगातार गिरती गई। सरायकेला, जो कभी एक छोटी रियासत था, आज एक नगर पंचायत है। यहाँ से टाटा (जमशेदपुर) प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी-व्यवसाय के लिए जाते हैं। इतनी भीड़ के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सरायकेला-टाटा रूट पर आए दिन होने वाले हादसों की पुरानी कहानी है।
सड़क मरम्मत नहीं हुई तो और हादसे होंगे
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो इस तरह के हादसे और बढ़ सकते हैं। उनका कहना है कि पिछले दो सालों में इस रूट पर दर्जनों लोग गड्ढों के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। फिर भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
जिम्मेदार कौन?
अब सवाल यहाँ है कि आखिर इसके प्रति जिम्मेदार कौन है – सड़क विभाग, जिला प्रशासन या सरायकेला नगर पंचायत? सड़क की जर्जर हालत और मरम्मत में देरी आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। अब प्रशासन को ही सोचना होगा कि आखिर लोगों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना किसकी जिम्मेदारी है।
आपकी राय क्या है – क्या टाटा-सरायकेला मुख्य मार्ग पर सड़क मरम्मत के लिए तत्काल कोई ठोस कदम उठाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।
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