Galudih Cyber Fraud: एयरटेल पेमेंट बैंक अपडेट का झांसा, चालक से पूछा OTP, निकाले 13 हजार
एयरटेल पेमेंट बैंक अपडेट का झांसा देकर बिहारी चालक से 13 हजार रुपये की ठगी, व्हाट्सएप कॉल से पूछा OTP, पुलिस ने साइबर थाने में केस करने की सलाह दी।
Galudih Shocker: साइबर ठगों ने एक बार फिर अपना शातिर हथकंडा अपनाया। शनिवार को गालूडीह में एक वाहन चालक को एयरटेल पेमेंट बैंक की जानकारी देने और ओटीपी पूछकर 13 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित चालक बीरेंद्र यादव ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
व्हाट्सएप पर आया कॉल, बैंक अपडेट का झांसा
बिहार निवासी चालक बीरेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को उसके व्हाट्सएप पर 9296843182 नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अली हसन बताया। उसने कहा कि एयरटेल पेमेंट बैंक का अपडेट करना होगा। अगर तुरंत अपडेट नहीं किया गया तो उनका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा।
अपडेट के लिए पूछा OTP, देते ही उड़े पैसे
ठग ने बीरेंद्र से कहा कि अपडेट करने के लिए उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा, जिसे उन्हें बताना होगा। बीरेंद्र ने सोचा यह कोई सरकारी प्रक्रिया है, तो उन्होंने आया हुआ OTP दे दिया। इसके तुरंत बाद उनके बैंक अकाउंट से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर 13 हजार रुपये निकाल लिए गए।
13 हजार रुपये गायब, अब क्या होगा?
बीरेंद्र यादव एक मजदूर वर्ग के व्यक्ति हैं। वह वाहन चालक का काम करते हैं। 13 हजार रुपये उनके लिए बड़ी रकम है। जब पैसे कटते दिखे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत व्हाट्सएप कॉल का नंबर डायल किया, लेकिन तब तक ठग का नंबर बंद हो चुका था।
कैसे बन रहे हैं लोगों का शिकार?
गालूडीह पूर्वी सिंहभूम जिले का एक छोटा सा क्षेत्र है। यहाँ कई ट्रक और वाहन चालक निवास करते हैं या ठहरते हैं। हाल के वर्षों में इस इलाके में साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं। बिष्टुपुर में साइबर थाना स्थापित किया गया है, लेकिन लोगों को इनके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसी अज्ञानता का फायदा उठाकर ठग व्हाट्सएप और फोन कॉल के जरिए लोगों को बैंक अपडेट, केवाईसी, डिजिटल अर्रेस्ट, अमेज़न गिफ्ट और लॉटरी के नाम पर ठग रहे हैं।
गालूडीह पुलिस ने साइबर थाने जाने की सलाह दी
बीरेंद्र यादव घटना के बाद गालूडीह पुलिस के पास पहुंचे। लेकिन गालूडीह थाने में साइबर क्राइम से जुड़ा मामला दर्ज करने के लिए अलग से विशेष थाना होता है। इसलिए पुलिस ने उनको बिष्टुपुर स्थित साइबर थाने में केस दर्ज कराने को कहा। बीरेंद्र अब साइबर थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
ठगों का यही तरीका है
इस तरह की ठगी का पैटर्न लगभग एक जैसा होता है:
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पहले व्हाट्सएप या मोबाइल कॉल आता है
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कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर बताता है
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कहता है कि बैंक अकाउंट अपडेट/वेरिफाई नहीं है, वरना बंद हो जाएगा
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मोबाइल पर OTP आता है, जो पीड़ित को साझा करना पड़ता है
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OTP देने के बाद अकाउंट से रकम निकल जाती है
ऐसे ठगी से बचने के लिए क्या करें?
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कोई भी बैंक या कंपनी कभी भी OTP नहीं मांगती। अगर कोई मांगे तो समझ जाइए ठग है।
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एयरटेल पेमेंट बैंक या किसी भी बैंक के नाम से आने वाले अनचाहे कॉल और मैसेज पर भरोसा न करें।
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कोई भी केवाईसी, अपडेट या वेरिफिकेशन सीधे ऐप या ब्रांच के अलावा फोन पर नहीं कराई जाती।
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OTP या बैंक डिटेल किसी से भी साझा न करें।
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तुरंत बैंक के आधिकारिक नंबर या हेल्पलाइन पर कॉल करें।
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साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
अब क्या होगा?
बीरेंद्र यादव के पैसे वापस मिलने की संभावना कम है, क्योंकि ठग तुरंत पैसे ट्रांसफर कर अपना निशान मिटा देते हैं। लेकिन पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल नंबर और खाते को ट्रेस किया जा सकता है। सावधानी ही इसका एकमात्र उपाय है।
आपकी राय क्या है – क्या फोन पर बैंक डिटेल और OTP मांगने वालों को ही फंसाने के लिए प्रशासन को डमी अकाउंट बनाने चाहिए? कमेंट में बताएं।
अगर आपके साथ ऐसी ठगी हुई है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
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