Jamshedpur Accident : जमशेदपुर में ड्यूटी से लौट रहे अभिषेक को ट्रेलर ने कुचला, विजय गार्डन गेट के पास मौके पर मौत, सरिया लदे वाहन का कहर
जमशेदपुर के बारीडीह विजय गार्डन के पास सरिया लदे ट्रेलर ने बाइक सवार अभिषेक डे को कुचल दिया है। नाइट ड्यूटी से घर लौट रहे युवक की मौके पर मौत और फरार चालक की तलाश से जुड़ी इस हृदयविदारक घटना की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बिरसानगर, 2 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह स्थित विजय गार्डन गेट नंबर-1 के पास बीती रात एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हुआ। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक होनहार युवक, अभिषेक डे, की असमय मृत्यु हो गई। अभिषेक अपनी नाइट ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी काल बनकर आए एक भारी वाहन ने उनकी खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। महीने के अंतिम दिन काम का बोझ निपटाकर सुकून से घर जा रहे अभिषेक को क्या पता था कि विजय गार्डन का यह मोड़ उनके जीवन का आखिरी पड़ाव साबित होगा। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया है।
नाइट ड्यूटी से लौटते वक्त हुआ 'हिट एंड रन': कैसे घटी घटना?
हादसा देर रात उस वक्त हुआ जब सड़कों पर सन्नाटा था और केवल भारी वाहनों की आवाजाही जारी थी।
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जोरदार टक्कर: अभिषेक अपनी बाइक से घर की ओर बढ़ रहे थे। उसी दौरान सरिया से लदा एक अनियंत्रित ट्रेलर भी उसी मार्ग से गुजर रहा था। विजय गार्डन गेट नंबर-1 के पास ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
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लापरवाही की हद: टक्कर लगने से अभिषेक सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रेलर चालक ने वाहन रोकने के बजाय लापरवाही दिखाते हुए उसे आगे बढ़ा दिया, जिससे अभिषेक ट्रेलर के पहियों के नीचे कुचल गए।
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मौके पर ही मौत: भारी वाहन की चपेट में आने के कारण अभिषेक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और आसपास के लोग शोर सुनकर दौड़ पड़े।
महीने का आखिरी दिन बना काल: परिवार में कोहराम
अभिषेक डे एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और एक जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में जाने जाते थे।
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क्लोजिंग का दबाव: मार्च का महीना खत्म होकर अप्रैल की शुरुआत हो रही थी। महीने का अंतिम दिन होने के कारण कंपनी में काम का अधिक दबाव था, जिसके चलते अभिषेक देर रात तक ड्यूटी कर रहे थे।
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मातम की लहर: जैसे ही पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दी, घर में चीख-पुकार मच गई। जो परिवार सुबह अभिषेक के लौटने का इंतजार कर रहा था, उसके सामने उसकी मौत की खबर पहुँची।
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पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल से सरिया लदे ट्रेलर को जब्त कर लिया है।
बारीडीह और भारी वाहनों का आतंक: एक नजर इतिहास पर
जमशेदपुर के बारीडीह, साकची और बिरसानगर जाने वाले रास्तों पर भारी वाहनों (ट्रेलर और हाइवा) का आतंक कोई नई बात नहीं है।
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नो-एंट्री का खेल: रात के समय नो-एंट्री खुलने के बाद शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की रेस लग जाती है। 2024 और 2025 में भी बारीडीह मुख्य मार्ग पर ट्रेलर की चपेट में आने से कई बाइक सवारों की जान जा चुकी है।
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ब्लैक स्पॉट विजय गार्डन: विजय गार्डन और उसके आसपास के टर्निंग पॉइंट्स पर पर्याप्त लाइटिंग और स्पीड ब्रेकर न होना हादसों का बड़ा कारण रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहाँ भारी वाहनों की गति सीमा तय करने की मांग कर रहे हैं।
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टाटा स्टील और अनुषंगी कंपनियां: औद्योगिक शहर होने के नाते यहाँ सरिया और कच्चा माल ढोने वाले ट्रेलर 24 घंटे चलते हैं, लेकिन सुरक्षित कॉरिडोर की कमी निर्दोष नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है।
अगला कदम: फरार चालक की तलाश और सुरक्षा के सवाल
घटना के बाद फरार हुए ट्रेलर चालक की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
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CCTV फुटेज: पुलिस विजय गार्डन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि चालक की पहचान और उसके भागने के रास्ते का पता चल सके।
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ट्रेलर मालिक पर शिकंजा: पुलिस ने ट्रेलर के नंबर के आधार पर मालिक की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रेलर पर लदा सरिया कहाँ से लोड हुआ था और कहाँ जा रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है।
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मुआवजे की मांग: स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे और क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर कड़े नियम बनाने की मांग उठाई है।
जमशेदपुर में अभिषेक डे की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है। एक युवक जो पूरी रात मेहनत कर अपने परिवार के लिए लौट रहा था, वह रात के अंधेरे में बेलगाम दौड़ते ट्रेलर का शिकार हो गया। विजय गार्डन के पास का यह खून से सना मोड़ शासन-प्रशासन से सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक शहर की सड़कों पर 'सरिया लदे काल' इसी तरह तांडव मचाते रहेंगे? अभिषेक अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मौत ने जमशेदपुर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गहरा जख्म दे दिया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे बिरसानगर में शोक का माहौल है।
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