Chaibasa Forest Raid: 44 पीस साल लकड़ी से भरा ट्रक जब्त, बिहार भेजने की फिराक में थे तस्कर
गोइलकेरा के संतरा वन प्रक्षेत्र में वन विभाग का रात्रि अभियान, 44 पीस साल लकड़ी से भरा ट्रक जब्त, बिहार जा रहा था तस्कर गिरोह।
Chaibasa Big Action: पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत संतरा वन प्रक्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने 44 पीस साल लकड़ी से भरा ट्रक जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। यह लकड़ी बिहार भेजी जा रही थी।
रात एक बजे मिली गुप्त सूचना, फिर पूरा खेल खुला
बीती रात करीब एक बजे वन विभाग को गुप्त सूचना मिली कि संतरा वन क्षेत्र से लकड़ी लदा एक ट्रक गोटांबा गांव के पास से गुजरेगा। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और संदिग्ध ट्रक को रोका। जांच के दौरान ट्रक में 44 पीस साल बोटा लकड़ी लदी पाई गई। चालक से जब दस्तावेज मांगे गए तो वह कुछ नहीं दिखा सका।
कोई वैध कागजात नहीं, चालक हुआ गिरफ्तार
जब चालक वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, तो वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान चालक ने अपनी पहचान बिहार निवासी कैलाश यादव के रूप में बताई। वही ट्रक का मालिक भी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह लकड़ी बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर बेची जानी थी।
गोइलकेरा से मनोहरपुर होते हुए बिहार की ओर रखी थी कोशिश
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तस्कर गोइलकेरा और मनोहरपुर के बीच के जंगलों से लकड़ी लोड कर रहे थे। यह रास्ता जंगल के अंदर से गुजरता है और रात के समय काफी सुनसान होता है। तस्कर इसी का फायदा उठाते थे। लेकिन वन विभाग की सक्रिय टीम ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। यह लकड़ी बिहार के अलग-अलग शहरों में आपूर्ति की जानी थी।
अनुमानित कीमत चार से पांच लाख रुपये
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई 44 पीस साल लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये है। बाजार में साल की लकड़ी का भाव काफी अधिक होता है। अगर यह लकड़ी बिहार पहुंच गई होती, तो तस्करों को इससे दोगुना मुनाफा हुआ होता।
चालक ही मालिक, क्या कोई और साथी?
गिरफ्तार चालक कैलाश यादव के खिलाफ वन विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह भी संदेह है कि इस तस्करी में उसके अलावा और लोग भी शामिल हैं। वन विभाग की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी किस-किस जगह से काटी गई, किन-किन लोगों ने इसे लोड करवाया और बिहार में किसे सप्लाई की जानी थी।
रात्रि गश्त बढ़ाने की तैयारी
वन विभाग ने इस कार्रवाई के बाद अवैध लकड़ी तस्करी पर नकेल कसने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने का फैसला किया है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठा रहे हैं। अब वन क्षेत्रों में अधिक सख्ती की जाएगी और चेकिंग पॉइंट्स को भी मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में राहत, लेकिन सवाल भी
स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि लकड़ी तस्करी के कारण जंगलों का कटान बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा कि तस्करी में लिप्त बड़े लोगों को बख्शा न जाए। उनका कहना है कि केवल चालक को गिरफ्तार करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। तस्करी के जड़ से खत्म करने के लिए पूरे गिरोह का पर्दाफाश जरूरी है।
अब क्या होगा?
गिरफ्तार कैलाश यादव को अदालत में पेश किया जाएगा। वन विभाग तस्करी में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रहा है। साथ ही, जब्त ट्रक की जांच की जा रही है कि कहीं वह पहले भी अवैध तस्करी में इस्तेमाल हुआ था या नहीं। इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आपकी राय क्या है – क्या लकड़ी तस्करों के खिलाफ और सख्त कानून बनने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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