Parsudih Theft : जमशेदपुर के परसुडीह में एक साथ तीन दुकानों के ताले कटे, 'जनार्दन ज्वेलर्स' के तोड़े 9 ताले, नकदी समेत सामान पार
जमशेदपुर के परसुडीह शिव मंदिर रोड पर बीती रात अज्ञात चोरों ने अपना मार्ट, जनार्दन ज्वेलर्स और संतोषी भंडार को निशाना बनाया है। 13 से ज्यादा ताले काटकर हुई इस बड़ी चोरी और व्यापारियों के बढ़ते आक्रोश की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/परसुडीह, 2 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का परसुडीह थाना क्षेत्र बीती रात चोरों के दुस्साहस का गवाह बना। शिव मंदिर रोड इलाके में अज्ञात चोरों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत एक साथ तीन दुकानों को निशाना बनाकर सनसनी फैला दी है। चोरों ने जिस अंदाज में ताले काटे और दुकानों के भीतर घुसपैठ की, उससे साफ जाहिर होता है कि वे पूरी तैयारी और आधुनिक कटर मशीनों के साथ आए थे। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुँचे, तो बिखरे हुए ताले और अस्त-व्यस्त सामान देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस घटना ने परसुडीह के व्यापारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
एक रात, तीन दुकानें और 13 से ज्यादा ताले: चोरी की पूरी कहानी
चोरों ने शिव मंदिर रोड की इन तीन प्रमुख दुकानों को अपना निशाना बनाया:
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अपना मार्ट: चोरों ने सबसे पहले 'अपना मार्ट' का मुख्य ताला काटकर भीतर प्रवेश किया और वहां तलाशी ली।
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जनार्दन ज्वेलर्स (9 ताले तोड़े): चोरों का मुख्य निशाना संभवतः यही दुकान थी। उन्होंने दुकान की सुरक्षा को भेदने के लिए एक के बाद एक करीब 9 ताले काटे। इतनी बड़ी संख्या में ताले तोड़ना यह दर्शाता है कि चोर काफी समय तक वहां डटे रहे और उन्हें पुलिस गश्ती का कोई डर नहीं था।
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संतोषी भंडार: यहां भी दो ताले काटकर चोरों ने हाथ साफ किया। दुकान संचालक के अनुसार, गल्ले से लगभग 25 हजार रुपये नकद और कुछ कीमती खाने-पीने का सामान गायब है।
व्यापारियों का फूटा गुस्सा: 'सुरक्षा सिर्फ कागजों पर'
घटना की खबर मिलते ही शिव मंदिर रोड पर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
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पुलिस गश्ती पर सवाल: व्यापारियों का आरोप है कि परसुडीह इलाके में रात के समय पुलिस गश्ती नाममात्र की होती है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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दहशत का माहौल: एक ही रात में तीन दुकानों के ताले कटना कोई साधारण बात नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि अगर ज्वैलरी शॉप के 9 ताले काटे जा सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?
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पुलिस की जांच: सूचना मिलते ही परसुडीह थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मौका-ए-वारदात से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
अपराधियों का सेफ जोन?
जमशेदपुर का परसुडीह इलाका अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अपराधियों के लिए भागने के कई रास्ते उपलब्ध कराता है।
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रेलवे स्टेशन से नजदीकी: टाटानगर रेलवे स्टेशन और ग्रामीण इलाकों की सीमा से सटे होने के कारण बाहरी गिरोह अक्सर यहाँ सक्रिय रहते हैं। 2024-25 में भी परसुडीह के मार्केट एरिया में दुकानों के शटर काटकर चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं।
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अंधेरी गलियां और CCTV की कमी: शिव मंदिर रोड की कई गलियों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होना और निजी दुकानों के बाहर कैमरों का अभाव चोरों के लिए वरदान साबित होता है।
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पुलिस की चुनौती: जमशेदपुर पुलिस के लिए परसुडीह हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण इलाका रहा है, जहाँ 'नाइट शिफ्ट' में सक्रिय गिरोहों को पकड़ना एक बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है।
CCTV फुटेज और सुराग की तलाश
पुलिस अब इलाके में लगे सभी निजी और सरकारी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
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संदिग्धों की पहचान: पुलिस को कुछ फुटेज मिले हैं जिनमें देर रात संदिग्धों की आवाजाही देखी गई है। यह गिरोह पेशेवर लग रहा है क्योंकि उन्होंने ज्वेलरी शॉप के भारी-भरकम तालों को बड़ी सफाई से काटा है।
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मांग: व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि 48 घंटों के भीतर चोरों की गिरफ्तारी हो, अन्यथा वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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अलर्ट: पुलिस ने दुकानदारों को अपनी दुकानों में 'सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम' और 'अलार्म' लगाने की सलाह दी है ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
जमशेदपुर के परसुडीह में हुई यह 'ट्रिपल चोरी' पुलिस की कार्यशैली पर एक करारा तमाचा है। 9 ताले काटकर ज्वैलरी शॉप में घुसने की कोशिश करना यह बताता है कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ खत्म हो चुका है। शिव मंदिर रोड के व्यापारी इस वक्त आक्रोश और डर के बीच जी रहे हैं। अब देखना यह है कि परसुडीह पुलिस इन 'ताला तोड़' गिरोह के सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है या यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह दबकर रह जाएगा। फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।
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