TMH Assault : बिष्टुपुर के टीएमएच अस्पताल गेट पर सुरक्षाकर्मियों की गुंडागर्दी, हेलमेट के विवाद में मरीज के परिजन को लहूलुहान किया, वीडियो वायरल
जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी है। पिता को अस्पताल से डिस्चार्ज कराने आए युवक और गार्ड के बीच हेलमेट को लेकर हुए विवाद के बाद मचे इस बवाल और वायरल वीडियो की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बिष्टुपुर, 24 मार्च 2026 – लौहनगरी के सबसे प्रतिष्ठित टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के मुख्य द्वार पर मंगलवार को सुरक्षा के नाम पर 'गुंडागर्दी' का नंगा नाच देखने को मिला। टाटा स्टील द्वारा संचालित इस अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने एक मरीज के परिजन के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उसे जमीन पर पटककर बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें सिक्योरिटी गार्ड्स की दबंगई साफ नजर आ रही है। हेलमेट पहनने जैसे मामूली विवाद ने देखते ही देखते एक बड़े हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद अस्पताल के गेट पर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे बिष्टुपुर इलाके की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
हेलमेट का विवाद और 'खाकी' का रसूख: क्या हुआ मंगलवार को?
हादसे की शुरुआत दोपहर के वक्त हुई जब एक युवक अपने बीमार पिता को अस्पताल से छुट्टी (Release) दिलाने पहुँचा था।
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बहस से बढ़ी बात: मुख्य गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने युवक को हेलमेट पहनने के नियमों को लेकर टोका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान लहजा बिगड़ गया और गार्ड ने युवक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
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सामूहिक हमला: देखते ही देखते वहां मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी भी इकट्ठा हो गए और निहत्थे युवक पर टूट पड़े। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे गार्ड्स ने युवक को घेरकर मारा, जबकि आसपास मौजूद लोग बीच-बचाव की कोशिश करते रहे।
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पिता का इंतज़ार: विडंबना देखिए कि जिस वक्त युवक बाहर पिट रहा था, उसके बुजुर्ग पिता अस्पताल के भीतर डिस्चार्ज पेपर लेकर अपने बेटे का इंतजार कर रहे थे।
गुस्से में जमशेदपुर: गेट जाम और 'टाटा' के खिलाफ नारेबाजी
जैसे ही मारपीट की खबर फैली, अस्पताल के बाहर मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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मुख्य गेट जाम: लोगों ने टीएमएच के मेन गेट को घेर लिया और सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। करीब एक घंटे तक एम्बुलेंस के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
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पुलिस की एंट्री: बवाल बढ़ता देख बिष्टुपुर थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया।
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जांच के घेरे में गार्ड्स: पुलिस ने वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है। दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया है, जहाँ पूछताछ जारी है।
टीएमएच का गौरवशाली इतिहास और 'सुरक्षा' पर दाग
टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) जमशेदपुर की लाइफलाइन माना जाता है, जिसका इतिहास टाटा समूह की सेवा भावना से जुड़ा है।
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भरोसे का प्रतीक: 100 से अधिक वर्षों से यह अस्पताल न केवल टाटा स्टील के कर्मचारियों बल्कि पूरे कोल्हान के लोगों की सेवा कर रहा है। लेकिन, हाल के वर्षों में सुरक्षाकर्मियों के कड़े और कभी-कभी 'अक्खड़' व्यवहार की शिकायतें बढ़ी हैं।
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निजी सुरक्षा बनाम मरीज: लोगों का आरोप है कि टाटा स्टील की निजी सुरक्षा एजेंसियां खुद को कानून से ऊपर समझने लगी हैं। अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों के परिजनों के साथ समन्वय (Coordination) की कमी अक्सर तनाव का कारण बनती है।
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नियमों का बोझ: हेलमेट और पास (Pass) चेक करने की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख देना ही ऐसे विवादों की जड़ है।
अगला कदम: एफआईआर (FIR) और इंटरनल इंक्वायरी
अस्पताल प्रबंधन और पुलिस अब इस मामले को रफा-दफा करने के बजाय ठोस कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
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सीसीटीवी फुटेज: पुलिस गेट पर लगे हाई-डेफिनिशन कैमरों की फुटेज निकाल रही है ताकि यह पता चल सके कि पहला हाथ किसने उठाया था।
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गार्ड्स पर कार्रवाई: टीएमएच प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यदि सुरक्षाकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया जाएगा और ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
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मेडिकल टेस्ट: मारपीट में घायल युवक का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उसकी चोटों की गंभीरता के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
बिष्टुपुर के टीएमएच अस्पताल के गेट पर हुई यह घटना टाटा समूह की "People First" (लोग पहले) की छवि पर एक गहरा धब्बा है। जिस अस्पताल में लोग दर्द से निजात पाने आते हैं, वहां के गेट पर ही अगर उन्हें लहूलुहान होना पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। वायरल वीडियो ने टाटा सुरक्षा विभाग (Tata Security) के व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस उन वर्दीधारी गुंडों को सजा दिला पाएगी? क्या टाटा स्टील अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव करेगी ताकि फिर कभी किसी मरीज के परिजन को ऐसे अपमान का सामना न करना पड़े? फिलहाल, बिष्टुपुर थाने में गहमागहमी जारी है और शहरवासी इस 'वीडियो' को देखकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
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