Traffic Restrictions : जमशेदपुर में रामनवमी पर बड़ा ट्रैफिक बदलाव, 27 से 29 मार्च तक भारी वाहनों की नो-एंट्री, साकची-गोलमुरी रूट पूरी तरह ब्लॉक
जमशेदपुर में रामनवमी जुलूस को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। 27 से 29 मार्च तक शहर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों और ऑटो-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साकची, गोलमुरी और स्वर्णरेखा घाट जाने वाले रास्तों की नई गाइडलाइंस यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 24 मार्च 2026 – लौहनगरी में रामनवमी के पावन अवसर पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह 'अलर्ट मोड' में आ गया है। जमशेदपुर पुलिस और यातायात विभाग ने शहर की धड़कन कहे जाने वाले मुख्य मार्गों के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया है। 27 मार्च की सुबह से लेकर 29 मार्च की सुबह तक शहर के यातायात की सूरत पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। उपायुक्त (DC), एसएसपी (SSP) और ट्रैफिक डीएसपी के संयुक्त आदेश के बाद अब शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर ताला लगा दिया गया है। यदि आप इन तारीखों में घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है।
27 से 29 मार्च: भारी वाहनों के लिए 'नो-गो ज़ोन'
प्रशासन ने रामनवमी के विसर्जन और अखाड़ा जुलूसों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी वाहनों के समय में कड़े बदलाव किए हैं।
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27 मार्च का शेड्यूल: इस दिन सुबह 6:00 बजे से 11:30 बजे तक और फिर दोपहर 1:00 बजे से रात के 11:00 बजे तक बसों को छोड़कर सभी भारी वाहनों का परिचालन वर्जित रहेगा।
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28 मार्च की पूर्ण पाबंदी: 28 मार्च को दोपहर 1:00 बजे से लेकर 29 मार्च की सुबह 6:00 बजे तक शहर में सभी प्रकार के मालवाहक वाहन, चार पहिया (प्राइवेट कारें), बसें और भारी वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
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बसों के लिए रियायत: केवल 27 मार्च को सुबह के कुछ घंटों में बसों को चलने की अनुमति दी गई है, ताकि लंबी दूरी के यात्रियों को असुविधा न हो।
साकची और गोलमुरी: तीन पहिया वाहनों पर भी लगा ब्रेक
28 मार्च को जब शहर की सड़कों पर अखाड़ा समितियों का भव्य जुलूस निकलेगा, तब छोटे वाहनों के लिए भी रास्ते बंद रहेंगे।
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दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक: इस समय के दौरान ऑटो-रिक्शा और अन्य तीन पहिया वाहनों का परिचालन शहर के प्रमुख केंद्रों पर बंद रहेगा।
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प्रतिबंधित चौक-चौराहे: गोलमुरी चौक, आरडी टाटा गोलचक्कर, सागर होटल, नौ नंबर टैक्सी स्टैंड, बसंत टॉकीज और मिनी बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा।
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घाट रूट ब्लॉक: साकची गोलचक्कर से बंगाल क्लब, किताब लाइन, पुराना कोर्ट मोड़ और स्वर्णरेखा घाट जाने वाले मार्गों को पूरी तरह से 'जुलूस मार्ग' घोषित कर दिया गया है, जहाँ आम वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
जमशेदपुर की रामनवमी और 'ट्रैफिक मैनेजमेंट' का इतिहास
लौहनगरी में रामनवमी का उत्सव अपनी भव्यता और विशालकाय अखाड़ों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
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ऐतिहासिक जुलूस: जमशेदपुर में अखाड़ा निकालने की परंपरा दशकों पुरानी है। यहाँ के मानगो, साकची और सोनारी क्षेत्रों से निकलने वाले जुलूसों में लाखों की संख्या में लोग शामिल होते हैं।
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सुरक्षा और चुनौतियां: शहर की संकरी गलियों और मुख्य सड़कों पर उमड़ने वाले जनसैलाब को संभालना हमेशा से पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। पूर्व के अनुभवों से सीखते हुए इस वर्ष प्रशासन ने ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के साथ-साथ 'ट्रैफिक वॉलंटियर्स' की भी तैनाती की है।
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अखाड़ा समितियों के साथ समन्वय: ट्रैफिक डीएसपी कार्यालय ने सभी अखाड़ा समितियों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का ही पालन करें ताकि एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए गलियां खुली रहें।
अगला कदम: पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सहूलियत के लिए कुछ वैकल्पिक सुझाव भी साझा किए हैं।
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पार्किंग का ध्यान: जुलूस के दौरान साकची और गोलमुरी जैसे बाजारों में जाने के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। मुख्य सड़क पर खड़े वाहनों को क्रेन की मदद से हटाया जा सकता है।
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आपातकालीन रूट: स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस के लिए पुलिस ने विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' की व्यवस्था की है, जिसके लिए कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए गए हैं।
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अपडेट रहें: पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने अपील की है कि नागरिक एफएम रेडियो और सोशल मीडिया पर पुलिस के आधिकारिक पेजों को फॉलो करें ताकि पल-पल बदलते ट्रैफिक रूट की जानकारी मिल सके।
जमशेदपुर में रामनवमी का पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन ने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर ली है। 27 से 29 मार्च के बीच लागू होने वाला यह ट्रैफिक प्लान शहरवासियों के लिए थोड़ा असुविधाजनक जरूर हो सकता है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह अत्यंत अनिवार्य है। साकची से लेकर स्वर्णरेखा घाट तक का इलाका इस बार केवल 'बजरंगियों' और श्रद्धा के नाम रहेगा। क्या प्रशासन इस बार के 'ट्रैफिक चैलेंज' को सफलतापूर्वक पार कर पाएगा? फिलहाल, पुलिस के जवान शहर के हर मोड़ पर तैनात हैं और रामनवमी की खुशियों में कोई बाधा न आए, इसके लिए मुस्तैद हैं।
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