Ranchi RPF Rescue: प्लेटफॉर्म संदिग्ध हालत में बैठी मिलीं तीन नाबालिग, नन्हे फरिश्ते टीम ने बचाया
प्लेटफॉर्म पर मिलीं तीन लापता लड़कियां, स्टेशन से सुरक्षित बचाया गया, नन्हे फरिश्ते टीम ने चाइल्डलाइन को सौंपा।
Ranchi Big Save: रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम ने सतर्कता दिखाते हुए तीन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया। घटना 30 अप्रैल 2026 की है।
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संदिग्ध हालत में बैठी थीं लड़कियां
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर नियमित जांच के दौरान आरपीएफ टीम की नजर तीन लड़कियों पर पड़ी, जो संदिग्ध हालत में बैठी थीं। पूछताछ करने पर तीनों ने अपना नाम पूनम कुमारी (16), रेशमा पात्रो (17) और इच्छा बंछोड़ (14) बताया।
बिना परिवार को बताए घर से रांची आई थीं लड़कियां
लड़कियों ने बताया कि वे बिना अपने परिवार को बताए घर से रांची आ गई हैं। हालांकि वे स्टेशन पर होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सकीं। स्थिति को गंभीर देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई की और तीनों को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
नन्हे फरिश्ते टीम ने चाइल्डलाइन को सौंपा
बाद में तीनों लड़कियों को आगे की देखभाल और जरूरी कार्रवाई के लिए चाइल्डलाइन रांची टीम को सौंप दिया गया। चाइल्डलाइन उनके परिवारों से संपर्क करेगी और बच्चियों की काउंसलिंग भी कराएगी।
इन अधिकारियों ने की बच्चियों की मदद
इस पूरे अभियान में एएसआई योगेंद्र कुमार, महिला स्टाफ सरस्वती और ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम की सुचिता टोप्पो व उर्मिला देवी की अहम भूमिका रही।
'नन्हे फरिश्ते' – स्टेशन पर बच्चों की सुरक्षा की मुहिम
नन्हे फरिश्ते टीम आरपीएफ की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर लावारिस और संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है। पिछले कुछ महीनों में इस टीम ने कई लापता बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया है।
आपकी राय क्या है – क्या स्टेशनों पर लापता बच्चों को ढूंढने के लिए और अभियान चलाए जाने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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