Chaibasa Raid : टोकलो में 1600 किलो महुआ और 40 लीटर देसी शराब बरामद, पांच भट्टियां ध्वस्त

चाईबासा के टोकलो में पुलिस-उत्पाद विभाग का संयुक्त अभियान, 1600 किलो महुआ और 40 लीटर देसी शराब बरामद, पांच अवैध भट्टियां ध्वस्त, नशा मुक्त अभियान जारी।

May 22, 2026 - 18:34
May 22, 2026 - 19:00
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Chaibasa Raid : टोकलो में 1600 किलो महुआ और 40 लीटर देसी शराब बरामद, पांच भट्टियां ध्वस्त
Chaibasa Raid : टोकलो में 1600 किलो महुआ और 40 लीटर देसी शराब बरामद, पांच भट्टियां ध्वस्त

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को टोकलो थाना अंतर्गत माली साई गांव में संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया।

1600 किलो जावा महुआ जब्त, मौके पर नष्ट

टोकलो थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली इस छापेमारी में उत्पाद विभाग की टीम भी शामिल रही। कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। मौके से करीब 1600 किलो जावा महुआ जब्त किया गया, जिसे टीम ने मौके पर ही नष्ट कर दिया।

खास बात: इसके साथ ही 40 लीटर चुलाई देसी शराब भी बरामद की गई। महुआ से शराब बनाई जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में महुआ जब्त होना दर्शाता है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार चल रहा था।

पांच अवैध भट्टियां ध्वस्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अवैध शराब बनाने के पांच ठिकानों को चिह्नित किया। सभी अवैध शराब भट्टियों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए।

विवरण जानकारी
स्थान माली साई गांव, टोकलो थाना क्षेत्र
बरामद महुआ 1600 किलोग्राम
बरामद देसी शराब 40 लीटर
ध्वस्त भट्टियां 5
जब्त उपकरण शराब बनाने के उपकरण
कार्रवाई का नेतृत्व टोकलो थाना प्रभारी

क्या है महुआ और देसी शराब का गणित?

महुआ एक वृक्ष है, जिसके फूलों से स्थानीय स्तर पर देसी शराब बनाई जाती है। यह फूल भीगी हुई जल्दी खराब होने वाली वस्तु है, इसलिए अवैध कारोबारी इसे जब्ती से बचाने के लिए जंगलों में छिपाकर रखते हैं।

इस बरामदगी के आंकड़े:

  • 1600 किलो महुआ से लगभग 800-1000 लीटर देसी शराब बनाई जा सकती है

  • बाजार में इसकी कीमत करीब 5-8 लाख रुपये हो सकती है

क्यों खास है टोकलो इलाका?

टोकलो थाना क्षेत्र पश्चिमी सिंहभूम जिले का सुदूर और जंगल वाला इलाका है। यहां झारखंड-ओडिशा सीमा सटी होने के कारण अवैध शराब का कारोबार फलता-फूलता है।

इस इलाके की विशेषताएं:

  • घने जंगल – छिपने और शराब बनाने के लिए आसान

  • सीमावर्ती क्षेत्र – ओडिशा-झारखंड दोनों तरफ सप्लाई संभव

  • ग्रामीण इलाका – पुलिया की पहुंच कठिन

  • परंपरागत शराब उत्पादन – यहां के आदिवासी समुदाय में महुआ शराब बनाने की परंपरा

पुलिस-उत्पाद विभाग का संयुक्त अभियान

टोकलो थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिल रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया गया।

पुलिस का बयान: "नशे का अवैध कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।"

पिछली कार्रवाइयां – जिले में चल रहा बड़ा अभियान

गौरतलब है कि जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम लगातार ग्रामीण इलाकों में छापेमारी कर रही है।

पिछली बड़ी कार्रवाइयां:

तारीख थाना क्षेत्र बरामदगी
अप्रैल 2025 टोकलो अवैध शराब बरामद
मई 2025 टोकलो 1600 किलो महुआ + 40 लीटर शराब

इन धाराओं के तहत हुआ मामला दर्ज

अवैध शराब बनाने और बेचने के मामले में आरोपियों पर उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई होती है।

अधिनियम अपराध सजा
उत्पाद अधिनियम बिना लाइसेंस शराब बनाना 1 साल तक की सजा + जुर्माना
उत्पाद अधिनियम अवैध शराब बेचना 2 साल तक की सजा + जुर्माना

इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके इलाके में भी चलती है अवैध शराब?

क्या आपने कभी अपने आसपास अवैध शराब बनते या बिकते देखा है? क्या पुलिस को इसकी जानकारी है?

  • कमेंट में बताएं – आपके इलाके में अवैध शराब की क्या स्थिति है?

  • शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि लोग सतर्क रहें

अवैध शराब क्यों है खतरनाक?

अवैध शराब का सेवन करना जानलेवा हो सकता है। इस तरह की शराब में:

  • मिथाइल अल्कोहल मिला होता है (जो अंधापन और मौत का कारण)

  • कोई गुणवत्ता जांच नहीं होती

  • बैच से बैच मात्रा अलग होती है

  • पिछले कई होली-दिवाली में ऐसी शराब से कई मौतें हुई हैं

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब के कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।

सूचना देने के तरीके:

  • डायल 100 – पुलिस हेल्पलाइन

  • नजदीकी थाने में जाकर सूचना दें

  • गुप्त नंबर पर व्हाट्सएप करें

आगे क्या होगा?

छापेमारी से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस का कहना है:

  • जिले में नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प

  • अवैध शराब भट्टियों पर लगातार नजर

  • आम लोगों से सहयोग की उम्मीद

नशे से दूर रहें, सुरक्षित रहें। अवैध शराब का सेवन न करें और न ही दूसरों को करने दें। अगर आपके आसपास कहीं अवैध शराब बनती या बिकती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना कई लोगों की जान बचा सकती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।