Adityapur Viral Video : रेलवे की अवैध जमीन पर शराब दुकान, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया
आदित्यपुर में रेलवे की अवैध जमीन पर बनी शराब दुकान का वायरल वीडियो, राजद नेताओं की मौजूदगी में मारपीट-तोड़फोड़, लाइसेंस जागृति मैदान के लिए, उत्पाद विभाग और पुलिस पर उठे सवाल।
आदित्यपुर: सरायकेला जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो आरआईटी थाना अंतर्गत रेलवे अंडर ब्रिज के समीप रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बने भवन में हाल ही में शिफ्ट हुए एक अंग्रेजी शराब दुकान का है। वीडियो में हंगामा और तोड़फोड़ साफ देखी जा सकती है।
राजद नेताओं के नाम पर शराब दुकान का दावा
दावा किया जा रहा है कि वीडियो बुधवार देर रात का है। शराब का ठेका राजद नेता वीरेंद्र यादव के नाम पर होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में राजद जिलाध्यक्ष बैजू यादव भी नजर आ रहे हैं।
खास बात: वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह शराब दुकानदार और शराबियों के बीच मारपीट और तोड़फोड़ चल रही है। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रेलवे की जमीन पर कैसे शिफ्ट हुई दुकान?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर उठ रहा है कि कैसे रेलवे की जमीन पर शराब दुकान शिफ्ट करने की अनुमति दे दी गई।
तथ्य:
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उक्त दुकान का लाइसेंस जागृति मैदान के समीप के लिए दिया गया था
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करीब एक महीने पूर्व यह दुकान रेलवे अंडरग्राउंड ब्रिज के समीप रेलवे की अवैध जमीन पर बने भवन में शिफ्ट की गई है
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | आरआईटी थाना, रेलवे अंडर ब्रिज, आदित्यपुर |
| जमीन का मालिक | रेलवे (अवैध कब्जे का आरोप) |
| दुकान का प्रकार | अंग्रेजी शराब दुकान |
| मूल लाइसेंस स्थान | जागृति मैदान के समीप |
| शिफ्ट का समय | करीब 1 माह पूर्व |
| वीडियो वायरल | बुधवार देर रात की घटना |
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है:
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शराब दुकानदार और शराबियों के बीच जमकर मारपीट
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दुकान में तोड़फोड़
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राजद जिलाध्यक्ष बैजू यादव की मौजूदगी
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अफरा-तफरी का माहौल
राजद नेताओं की संलिप्तता पर उठ रहे सवाल
वीडियो में राजद नेता वीरेंद्र यादव और राजद जिलाध्यक्ष बैजू यादव के नाम आने के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
उठ रहे सवाल:
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क्या वाकई शराब दुकान राजद नेताओं के नाम पर है?
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अवैध जमीन पर दुकान शिफ्ट करने की अनुमति किसने दी?
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पुलिस और उत्पाद विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी?
प्रशासन पर सवाल – क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन इस मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। लाइसेंस जागृति मैदान के लिए होने के बावजूद दुकान को रेलवे की जमीन पर शिफ्ट किया जाना गंभीर नियम विरोध है।
जांच के बिंदु:
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रेलवे की जमीन पर अवैध भवन का निर्माण कैसे हुआ?
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लाइसेंस बदलने की अनुमति किसने दी?
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किस अधिकारी की मिलीभगत है?
सोशल मीडिया पर हंगामा
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
लोगों के सवाल:
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कैसे चल रहा है खुलेआम अवैध कारोबार?
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प्रशासन क्यों मूक दर्शक बना हुआ है?
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राजद नेताओं की भूमिका क्या है?
इंटरैक्टिव भाग – क्या आपके इलाके में भी है अवैध निर्माण?
क्या आपके आसपास भी रेलवे या सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हो रहा है? क्या प्रशासन को इसकी जानकारी है?
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कमेंट में बताएं – आपके इलाके में अवैध निर्माण की क्या स्थिति है?
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शेयर करें – इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि प्रशासन की आंखें खुल सकें
कानून क्या कहता है?
रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण और बिना अनुमति के दुकान शिफ्ट करना कानूनन अपराध है।
| कानून | अपराध | संभावित कार्रवाई |
|---|---|---|
| रेलवे अधिनियम | रेलवे भूमि पर अतिक्रमण | जुर्माना + जेल + बुलडोजर कार्रवाई |
| उत्पाद अधिनियम | लाइसेंस की अवहेलना | लाइसेंस निरस्त + जुर्माना |
| भू-कब्जा अधिनियम | अवैध कब्जा | हटाने का आदेश + मुकदमा |
आगे क्या होगा?
प्रशासन पर अब इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है। उत्पाद विभाग और पुलिस दोनों ही मामले की जांच में जुट गए हैं।
प्रशासन का बयान (अपेक्षित): अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद जल्द ही कार्रवाई की उम्मीद है।
रेलवे की कार्रवाई: रेलवे अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने का काम कर सकता है। इससे पहले भी कई बार रेलवे ने अपनी जमीन पर बुलडोजर चलाया है।
जनता की मांग: लोगों की मांग है कि:
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इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
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दोषी अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हो
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रेलवे जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
सतर्क रहें, अवैध निर्माण की सूचना दें। अगर आपके आसपास कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हो रहा है, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। आपकी एक सूचना बड़ी अनियमितता को उजागर कर सकती है।
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